ज़िंदगी की गाड़ी पति-पत्नी मिलकर चलाते हैं, तो क्यों न पैसों की गाड़ी भी साथ मिलकर आगे बढ़ाएं? आज के दौर में सिर्फ कमाना ही काफी नहीं, बल्कि उस कमाई को सही जगह निवेश करके बढ़ाना भी ज़रूरी है. निवेश की जर्नी में भी अगर आप अपनी पत्नी को भागीदार बना लें तो फायदे भी बढ़-चढ़कर ले सकते हैं. जानिए कुछ स्मार्ट तरीके जिन्हें अपनाकर आप न सिर्फ तगड़ा मुनाफा कमा सकते हैं, बल्कि टैक्स की भी अच्छी-खासी बचत कर सकते हैं.
1/5अगर आप हर महीने एक निश्चित आमदनी चाहते हैं और एकमुश्त रकम निवेश करना चाहते हैं, तो पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम (MIS) एक शानदार विकल्प है. इसमें आप अकेले 9 लाख रुपए तक जमा कर सकते हैं, लेकिन अगर पत्नी के साथ मिलकर ज्वाइंट अकाउंट खोलते हैं, तो ये सीमा बढ़कर 15 लाख रुपए हो जाती है. इसका सीधा मतलब है कि आप ज़्यादा पैसे जमा करके हर महीने ज़्यादा ब्याज कमा सकते हैं. फिलहाल इस स्कीम पर 7.4% ब्याज मिल रहा है. ऐसे में आप इस स्कीम से हर महीने 9,250 रुपए और सालाना 1,11,000 रुपए कमा सकते हैं.
2/5पत्नी की मदद से आप पीपीएफ के मुनाफे को भी डबल कर सकते हैं. कैसे? समझ लीजिए. पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) एक बेहतरीन लॉन्ग-टर्म सेविंग स्कीम है जो टैक्स बचाने में भी मदद करती है. लेकिन इससे एक शर्त जुड़ी है कि एक व्यक्ति एक ही PPF अकाउंट खोल सकता है और उसमें सालाना अधिकतम 1.5 लाख रुपए जमा कर सकता है. वहीं इसमें ज्वाइंट अकाउंट का भी ऑप्शन नहीं होता. लेकिन अगर पति-पत्नी दोनों कमाते हैं, तो वे अपने-अपने नाम से अलग-अलग PPF अकाउंट खोल सकते हैं. इस तरह दोनों मिलकर सालाना 3 लाख रुपए तक जमा कर सकते हैं और दोनों को अपने-अपने निवेश पर अलग-अलग ब्याज प्राप्त कर सकते हैं. फिलहाल इस स्कीम पर 7.1% ब्याज मिल रहा है. इसके अलावा इस पर टैक्स बेनिफिट भी मिलता है. ये स्कीम E-E-E कैटेगरी में आता है, यानी निवेश, ब्याज और मैच्योरिटी, तीनों टैक्स फ्री होते हैं.
3/5फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) एक सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन अगर इस पर मिलने वाला ब्याज सालाना 40,000 रुपए से ज़्यादा हो, तो TDS कटता है. यहां आपकी पत्नी आपकी मदद कर सकती हैं. अगर आपकी पत्नी हाउसवाइफ हैं या उनकी आय टैक्सेबल नहीं है, तो आप उनके नाम पर FD करवाकर TDS कटने से बचा सकते हैं. इसके लिए उन्हें फॉर्म 15G भरना होगा. आप पत्नी को फर्स्ट होल्डर बनाकर ज्वाइंट FD भी करवा सकते हैं.
4/5अपना घर खरीदना हर किसी का सपना होता है और होम लोन इसे साकार करने में मदद करता है. अगर आप पत्नी को होम लोन में को-एप्लीकेंट बनाते हैं, तो कई फायदे मिलते हैं. बैंक अक्सर महिला को-एप्लीकेंट होने पर ब्याज दर में थोड़ी रियायत देते हैं, जिससे आपकी EMI कम हो सकती है. दूसरा, अगर पति-पत्नी दोनों कमाते हैं, तो ज्वाइंट लोन लेने पर आपको ज़्यादा लोन अमाउंट मिलने की संभावना भी बढ़ जाती है.
5/5ज्वाइंट होम लोन का सबसे बड़ा फायदा है इनकम टैक्स में मिलने वाली ज़बरदस्त छूट. अगर प्रॉपर्टी में पति-पत्नी दोनों का मालिकाना हक है, तो दोनों ही होम लोन के मूलधन (Principal) पर डेढ़-डेढ़ लाख रुपए (कुल 3 लाख) तक की छूट धारा 80C के तहत और ब्याज पर दो-दो लाख रुपए (कुल 4 लाख) तक की छूट धारा 24B के तहत क्लेम कर सकते हैं. इस तरह आप दोनों मिलकर कुल 7 लाख रुपए तक पर टैक्स बचा सकते हैं, जो एक बहुत बड़ी बचत है. हालांकि, यह इस बात पर भी निर्भर करेगा कि आपका होम लोन कितने रुपए का है.