अगर आप EPFO मेंबर हैं तो आपको पता होगा कि ईपीएस में लगातार 10 साल तक कॉन्ट्रीब्यूशन करने वाले मेंबर्स रिटायरमेंट के बाद पेंशन के हकदार बन जाते हैं. पेंशन नौकरी की कुल अवधि और ईपीएस में कॉन्ट्रीब्यूशन के आधार पर तय होती है. ये पेंशन 50 से 58 वर्ष की उम्र से शुरू की जा सकती है. आप जितनी जल्दी पेंशन के लिए क्लेम करेंगे, आपको उतना ही नुकसान होगा क्योंकि पेंशन कम मिलेगी. लेकिन ईपीएफओ से ज्यादा पेंशन लेने का भी एक तरीका है, जिसके बारे में तमाम लोगों को जानकारी नहीं है. ज्यादा फायदा लेना है तो समझ लीजिए ये तरीका.
1/5अगर आपको ईपीएफओ से ज्यादा पेंशन लेना है तो आपको अपना अंशदान ईपीएफओ में 58 साल तक नहीं, बल्कि 60 साल तक जारी रखना होगा. सिर्फ दो साल तक कॉन्ट्रीब्यूशन को जारी रखने का ये डिसीजन आपको ज्यादा पेंशन दिला सकता है.
2/5नियम के मुताबिक ईपीएफओ में आप 58 साल के बाद अगले 2 और साल तक अपनी पेंशन को रोक सकते हैं और अंशदान कर सकते हैं. अगर आप 60 तक कॉन्ट्रीब्यूशन करते हैं तो ऐसे में कर्मचारी को हर साल 4% की अतिरिक्त दर से पेंशन मिलती है. 58 से 60 के बीच 2 साल ज्यादा होंगे तो ऐसे में आपको 8% पेंशन बढ़कर मिलती है.
3/5अगर आप 58 साल से पहले Early Pension के लिए क्लेम कर सकते हैं तो आपको पेंशन कम मिलती है. आप 58 साल की उम्र से जितने पहले पैसा निकालेंगे, आपको हर साल के लिए 4% की दर से पेंशन घटकर मिलेगी. मान लीजिए कि कोई ईपीएफओ सदस्य 56 वर्ष की आयु में घटी हुई मासिक पेंशन को निकालने का फैसला करता है, तो उसे मूल पेंशन राशि का 92% (100% – 2×4) मिलेगा यानी उसे 8% पेंशन घटकर मिलेगी. Early Pension लेने के लिए आपको Composite Claim Form भरना होगा और Early pension के लिए Form and 10D का ऑप्शन सेलेक्ट करना होगा.
4/5अगर आपने 10 साल की नौकरी पूरी कर ली है और आपकी उम्र 50 साल से कम है, तो आप पेंशन के लिए क्लेम नहीं कर सकते. ऐसे में नौकरी छोड़ने के बाद आपको केवल ईपीएफ में जमा किया हुआ फंड ही मिलेगा. पेंशन 58 साल की उम्र से मिलेगी.
5/5अगर आपकी नौकरी की अवधि 10 साल से कम है, तो आप पेंशन के हकदार नहीं होते. ऐसी स्थिति में आपके पास दो विकल्प होते हैं. पहला- अगर आप नौकरी नहीं करना चाहते हैं तो आप पीएफ की रकम के साथ पेंशन की रकम की भी निकासी कर सकते हैं. दूसरा विकल्प ये है कि कि अगर आपको लगता है कि आप भविष्य में फिर से नौकरी जॉइन करेंगे, तो आप पेंशन स्कीम सर्टिफिकेट ले सकते हैं. ऐसे में आप जब भी नई नौकरी को जॉइन करेंगे, तो इस सर्टिफिकेट के जरिए पिछले पेंशन अकाउंट को नई नौकरी में जुड़वा सकते हैं. इससे नौकरी की 10 साल अवधि में जितनी कमी है, उसे अगली नौकरी में पूरा कर सकते हैं और 58 की उम्र में पेंशन पाने के हकदार बन सकते हैं.