SIP Vs RD: अगर आप एकमुश्त रकम को निवेश करने की बजाय हर महीने की गई बचत को कहीं निवेश करना चाहते हैं तो आपके पास दो बेहतर ऑप्शन हैं. पहला ऑप्शन है पोस्ट ऑफिस आरडी का, जिसमें आपका निवेश सुरक्षित रहेगा और रिटर्न गारंटीड मिलेगा. दूसरा ऑप्शन SIP का है. इसके जरिए म्यूचुअल फंड्स में निवेश किया जाता है. ये मार्केट लिंक्ड स्कीम है इसलिए इसका रिटर्न भी बाजार पर आधारित होता है. ऐसे में अगर आप हर महीने ₹10,000 को निवेश करना चाहते हैं, तो कहां आपको कितना फायदा होगा? देख लीजिए.
1/5आरडी का ऑप्शन आपको बैंक में अलग-अलग टेन्योर का मिल जाता है, लेकिन अगर आप पोस्ट ऑफिस आरडी में पैसा लगाते हैं तो आपको 5 साल तक आरडी में निवेश करना होगा. लेकिन पोस्ट ऑफिस आरडी पर आपको अच्छा खासा ब्याज दिया जाता है. मौजूदा समय में आपको 6.7 फीदी के हिसाब से ब्याज मिल रहा है.
2/5अगर आप पोस्ट ऑफिस आरडी में निवेश करते हैं तो 10,000 रुपए महीने के हिसाब 5 साल में आपके 6,00,000 रुपए निवेश होंगे. 6.7 फीसदी के हिसाब से ब्याज देखें तो 1,13,659 रुपए का ब्याज मिलेगा. इस तरह आपको कुल 7,13,659 रुपए मैच्योरिटी अमाउंट के तौर पर मिलेगा.
3/5अगर आप हर महीने 10,000 रुपए का निवेश 5 साल तक SIP में करते हैं तो यहां भी आपका कुल निवेश तो 6,00,000 रुपए ही होगा. एसआईपी का औसत रिटर्न 12 प्रतिशत के आसपास माना जाता है. ऐसे में 12 फीसदी के हिसाब से आपको 2,24,864 रुपए ब्याज के तौर पर मिलेंगे. इस तरह 5 साल बाद कुल मिलाकर आपको 8,24,864 रुपए मिलेंगे.
4/5SIP बेशक मार्केट लिंक्ड स्कीम है, लेकिन ये पैसा बनाने के लिहाज से काफी अच्छी मानी जाती है. इसमें सीधे शेयर में निवेश करने के मुकाबले जोखिम कम होता है और लॉन्ग टर्म में कंपाउंडिंग के साथ-साथ रुपी कॉस्ट एवरेजिंग का फायदा मिलता है. ऐसे में आप अच्छा खासा मुनाफा कमा लेते हैं.
5/5लॉन्ग टर्म की SIP का औसत रिटर्न 12 फीसदी है, लेकिन अगर किस्मत ने साथ दिया तो ये और अच्छा भी हो सकता है. इतना रिटर्न फिलहाल किसी अन्य स्कीम में नहीं मिलता. एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस स्कीम को महंगाई को बीट करने का दम है. SIP में आप जितने लंबे समय के लिए निवेश करते हैं, कंपाउंडिंग का उतना ज्यादा फायदा मिलता है. ऐसे में वेल्थ क्रिएशन के लिहाज से इसे काफी अच्छी स्कीम माना जाता है.