आजकल सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) यानी एसआईपी में निवेश करना लोगों को काफी पसंद आ रहा है. एसआईपी से छोटी-छोटी बचत को निवेश करके लंबे समय में एक बड़ी रकम में बदला जा सकता है.लेकिन, क्या आप जानते हैं कि अक्सर निवेशक कुछ ऐसी 'छोटी-छोटी' गलतियां कर बैठते हैं, जिनकी वजह से उन्हें उम्मीद जितना अच्छा रिटर्न नहीं मिलता है और फ्यूचर में अच्छा फंड बनाने के चूक जाते हैं.तो अगर आप भी SIP में इन्वेस्टमेंट करते हैं तो कुछ आम सी गलतियों से बचना आपके लिए बेहद जरूरी है.
1/11पैसा से पैसा बनाने के लिए सही इन्वेस्टमेंट प्लानिंग बहुत जरूरी होता है,यही कारण है कि लोग निवेश के लिए आजकल सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) यानी एसआईपी को चुन रहे हैं. जी हां एसआईपी में अच्छा रिटर्न पाकर आप फ्यूचर के लिए तगड़ा फंड क्रिएट कर सकते हैं.एसआईपी में निवेश करने पर आपको आसानी से 12 से 15 फीसदी तक का सालाना का रिटर्न मिल सकता है.लेकिन फिर भी एसआईपी में निवेश के दौरान लोग कुछ ऐसी गलती कर बैठते हैं, जिससे वो अच्छा रिटर्न पाने से चूक जाते हैं. तो जानेंगे एसआईपी में निवेश के दौरान कौन सी 10 गलती कभी नहीं करें.
2/11सबसे आम की गलती है एसआईपी को बाजार गिरने पर बंद करना.अक्सर देखा जाता है कि जैसे की शेयर मार्केट गिरता है लोग सबसे पहले एसआईपी को बंद करते हैं या फिर सारा पैसा निकाल लेते हैं.सच तो यह है कि गिरते बाजार में SIP जारी रखने से आपको उसी पैसे में ज्यादा यूनिट्स मिलते हैं (जिसे 'रुपी कॉस्ट एवरेजिंग' का फायदा कहते हैं).
3/11अक्सर ये देखा जाता है कि SIP में इन्वेस्टमेंट तो शुरू कर दिया जाता है, लेकिन सबसे बड़ी गलती कर देते हैं फाइनेंशियल टारगेट को नजरअंदाज कर देना. आपका एसआईपी इन्वेस्टमेंट तब तक बेकार ही है जब तक ये टारगेट से मेल नहीं खाता है.बच्चों की पढ़ाई के लिए बचत है या फिर रिटायरमेंट फंड आदि के लिए टारगेट के आधार पर निवेश करना अच्छा मानते हैं.
4/11अक्सर देखा जाता है कि कई बार लोग बिना सोचे समझें दूसरों के दिखावे में या किसी के भी कहने पर बिना जानकारी के एसआईपी में निवेश कर देते हैं. ऐसे लोग ध्यान तक नहीं देते हैं उस एसआईपी से उनको फायदा मिल भी रहा है कि नहीं.तो कभी भी दिखाने में आजतक एसआईपी में निवेश ना करें.
5/11SIP के जरिए आपको तभी अच्छा फंड मिल सकता है जब आपके अंदर धैर्य बनाए रखने की हिम्मत हो. अगर आप चाहते हैं कि कुछ ही दिनों में आप तगड़ा फंड पा लें तो ये मुमकिन नहीं है. ऐसे में लॉन्ग टर्म तक SIP जारी रखेंगे तो ही कंपाउंडिंग का असर आपको मिलेगा. अगर आप 1-2 साल में अच्छा रिटर्न ना मिलता देखकर भी एसआईपी बंद कर रहे हैं तो गलती कर रहे हैं.एसआईपी को कम से कम 5 से 10 साल या उससे ज्यादा टाइम के लिए ही शुरू करके अच्छा पैसा बना सकेंगे.
6/11SIP में लॉन्ग टर्म निवेश करके ही फ्यूचर में तगड़ा फंड बनाया जा सकता है.कई बार ऐसा होता है कि पैसों की कमी होने पर हम एसआईपी को बीच में ही अलविदा कह देते हैं.पैसों की कमी के कारण एसआईपी को बंद करने का आपका ये फैसला एक दम गलत साबित हो सकता है.अगर कभी आर्थिक तंगी को झेलना पड़े जाए तो SIP को अस्थाई रूप से रोकना बेहतर होगा.
7/11SIP में निवेश करने वाले लोग अक्सर फंड को बार-बार बदलने की गलती करते हैं. फंड को बार बाद बदलना आपके ऊपर भारी पड़ सकता है.निवेशक अक्सर वीक प्रदर्शन देखकर फंड को तुरंत बदलने की गलती करते रहते हैं. वैसे निवेशकों की ये आदत उनको टैक्स भरने और एक्जिट लोड जैसी समस्याओं में डाल सकता है.
8/11SIP में निवेश वाला हर दूसरा इंसान ये आम सी गलती कर रहा है, वो गलती है निवेश की राशि को टाइम के साथ कभी ना बढ़ाना.हर निवेशक को ये गांठ बांधनी चाहिए कि इनकम बढ़ने के साथ ही एसआईपी निवेश राशि को भी बढ़ाना चाहिए.अगर टाइम के साथ राशि बढ़ाएंगे तो लंबे समय में बड़ा फंड तैयार करने में मदद मिल सकती है.
9/11एसआईपी में निवेश करने वाले लोग अक्सर गलत फंड का चुनाव कर लेते हैं जो कि बिल्कुल सही नहीं है. आपका अपनी जोखिम लेने की क्षमता, इन्वेस्टमेंट टाइम और वित्तीय लक्ष्यों के आधार पर सही कैटेगरी (इक्विटी, डेट, हाइब्रिड) और सही फंड का चुनाव करना अहम है.ऐसे में अगर जरूरत हो तो वित्तीय सलाहकार की मदद लें.
10/11अगर आप एसआईपी में इन्वेस्टमेंट करते हैं और पोर्टफोलियो की समीक्षा नहीं करते हैं तो बहुत बड़ी गलती कर रहे हैं.क्योंकि समय-समय पर अपने निवेश पोर्टफोलियो की समीक्षा करना बहुत जरूरी है. इससे आपको समझ आएगा कि फंड कैसा प्रदर्शन कर रहे हैं और क्या वे आपके लक्ष्यों के अनुरूप हैं.
11/11ये आमतौर पर हर एक निवेशक करता है कि वो पिछले फंड के रिटर्न को देकर आंख बंद करके निवेश कर देता है, जो कि कभी नहीं करना चाहिए.हमेशा याद रखें कि पिछला प्रदर्शन भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं होता है. तो फंड के फंडामेंटल्स, फंड मैनेजर का अनुभव और निवेश की रणनीति को समझना जरूरी है।(नोट: खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है, निवेश से पहले किसी जानकार से सलाह लें)