SBI में कई तरह की स्कीम्स चलाई जाती हैं. इन्हीं में से एक स्कीम है SBI एन्युटी डिपॉजिट स्कीम (SBI Annuity Deposit Scheme). ये स्कीम हर महीने आपको फिक्स आमदनी करवा सकती है. बूढ़े हों या जवान, सब इस स्कीम का फायदा ले सकते हैं. ऐसे लोग जो रिटायर हो चुके हैं, लेकिन उनके पास हर महीने आमदनी करने का कोई जरिया नहीं है, उनके लिए ये स्कीम काफी मददगार हो सकती है.
1/6एसबीआई की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक SBI एन्युटी डिपॉजिट स्कीम में आपको एकमुश्त रकम को जमा करना पड़ता है और जमाकर्ता को हर महीने प्रिंसिपल अमाउंट के एक हिस्से के साथ ब्याज दिया जाता है. ये ब्याज बैंक के टर्म डिपॉजिट यानी एफडी के बराबर ही होता है. ब्याज अकाउंट में बची रकम के आधार पर हर तिमाही कम्पाउंडिंग पर कैलकुलेट किया जाता है. कोई भी भारतीय नागरिक इस स्कीम का फायदा ले सकता है.
2/6एसबीआई की इस स्कीम में 36, 60, 84 या 120 महीने के लिए रकम जमा की जा सकती है यानी आप इस स्कीम के जरिए अधिकतम 10 सालों तक इनकम का इंतजाम कर सकते हैं. आपने जितने टेन्योर के लिए रकम को जमा किया है, उतने टेन्योर की FD पर मिलने वाला ब्याज उस पर लागू होगा. स्कीम का फायदा लेने के लिए आप एसबीआई की किसी भी ब्रांच में जा सकते हैं. इसमें मैक्सिमम डिपॉजिट की कोई लिमिट नहीं है. रकम को जमा करने के बाद आपको एक यूनिवर्सल पासबुक जारी की जाती है.
3/6इसमें मैक्सिमम डिपॉजिट की कोई लिमिट नहीं है. एन्युटी का भुगतान जमा राशि के हिसाब से तय होता है. मिनिमम एन्यूटी 1000 रुपए रुपए महीने है. डिपॉजिट होने के अगले महीने निर्धारित तारीख से एन्युटी मिलने लगती है. रकम को जमा करने के बाद आपको एक यूनिवर्सल पासबुक जारी की जाती है.
4/6इसमें आम कस्टमर और सीनियर सिटीजन को टर्म डिपॉजिट के आधार पर ही ब्याज दिया जाता है. ऐसे में आम कस्टमर्स के मुकाबले सीनियर सिटीजन को 0.50 फीसदी ज्यादा ब्याज का फायदा मिलता है. एसबीआई एन्युटी डिपॉजिट स्कीम के तहत आप सिंगल और जॉइंट दोनों तरह से अकाउंट खुलवा सकते हैं. एन्युटी का भुगतान टीडीएस काटकर लिंक्ड सेविंग्स अकाउंट या करंट अकाउंट में क्रेडिट कर दिया जाता है.
5/615 लाख रुपए तक की जमा पर प्रीमैच्योर पेमेंट की इजाजत है. लेकिन इसमें पेनल्टी चार्ज लिया जा सकता है. ये टर्म डिपॉजिट के मुताबिक लागू होता है. अगर आपने 15 लाख से ज्यादा डिपॉजिट किया है, तो 15 लाख तक की राशि की निकासी करने के बाद शेष राशि अकाउंट में ही जमा रहेगी और उसके बदले एन्युटी मिलती रहेगी. वहीं जमाकर्ता की मृत्यु की होने पर स्कीम को समय से पहले कभी भी बंद किया जा सकता है.
6/6एसबीआई की वेबसाइट के मुताबिक इसमें नॉमिनेशन की सुविधा केवल इंडीविजुअल व्यक्ति के लिए उपलब्ध है. जरूरत पड़ने पर अकाउंट में मौजूद बैलेंस का 75 फीसदी तक ओवरड्राफ्ट/कर्ज मिल सकता है. लेकिन लोन लेने के बाद एन्यूटी पेमेंट लोन अकाउंट में क्रेडिट होगा.