PPF एक हर किसी के लिए सेफ इन्वेस्टमेंट ऑप्शन माना जाता है, लेकिन पीपीएफ में इन्वेस्टमेंट से पहले इसके सभी पहलुओं को समझना बहुत जरूरी होता है. सही समझ और सावधानी से किया गया पीपीएफ निवेश फ्यूचर में आर्थिक सुरक्षा देने में मददगार साबित हो सकता है. तो जानेंगे पीपीएफ इन्वेस्टमेंट की मनी मेकिंग वाली 8 बातें.
1/9पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) को हमेशा से ही एक सेफ और टैक्स-फ्री निवेश विकल्प माना जाता रहा है. यह भारत सरकार द्वारा समर्थित एक छोटी बचत स्कीम है, जो लंबी अवधि में वेल्थ क्रिएशन के लिए सबसे भरोसेमंद जरियों में से एक है. हालांकि, केवल इन्वेस्टमेंट कर देना ही काफी नहीं है. असल में कुछ खास प्लानिंग और नियमों का पालन करके आप PPF में अपनी कमाई को काफी हद तक बढ़ा सकते हैं. जी हां 8 महत्वपूर्ण बातों को जानकर आप भी अपनी निवेश यात्रा को और अधिक सफल बना सकते हैं.तो आइए जानते हैं PPF से अधिकतम मुनाफा कमाने के 8 जरूरी तरीके.
2/9आपको बता दें कि PPF की सबसे बड़ी ताकत कंपाउंडिंग (चक्रवृद्धि ब्याज) है. यानी कि जितनी जल्दी आप निवेश शुरू करेंगे, आपके पैसे को बढ़ने के लिए उतना ही ज्यादा टाइम मिलेगा. वैसे 20-25 की उम्र में शुरू किया गया छोटा निवेश, 40-50 की उम्र में शुरू किए गए बड़े निवेश की तुलना में कहीं अधिक बड़ा कॉर्पस बना सकता है.
3/9माना जाता है कि एक सही तारीफ को पीपीएफ में निवेश करना जरूरी होता है. माना जाता है कि PPF में ब्याज की गणना हर मंथ की 5 तारीख से लेकर मंथ के अंत तक के न्यूनतम बैलेंस पर की जाती है.जी हां अगर आप महीने की 5 तारीख को या उससे पहले निवेश के लिए पैसा जमा करते हैं, तो फिर उस महीने की पूरी राशि पर ब्याज मिल सकता है.
4/9अगर आपके पास एकमुश्त पैसा मौजूद है, तो फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत में यानी 5 अप्रैल से पहले PPF में पूरा ₹1.5 लाख जमा करना एक समझदारी भरा कदम हो सकता है. तो ऐसा करने से आपको पूरे साल यानी 12 महीनों के लिए ब्याज मिल सकता है. जबकि अगर आप हर मंथ ₹12,500 जमा करेंगे, तो ब्याज हर महीने जमा राशि पर ही बनेगा. वहीं अप्रैल में पूरा निवेश करने पर ब्याज की गणना पूरे ₹1.5 लाख पर होती है, जिससे साल के अंत तक आपका रिटर्न थोड़ा ज्यादा हो सकता है.
5/9जी हां अगर आप सुरक्षित, टैक्स-फ्री और लॉन्ग टर्म रिटर्न चाहते हैं, तो पब्लिक प्रोविडेंट फंड एक बेहतरीन विकल्प है. इसमें हर साल अधिकतम ₹1.5 लाख तक निवेश कर सकते हैं, जो पूरी तरह टैक्स फ्री भी होता है. लेकिन अगर आप 15 साल तक हर साल ₹1.5 लाख निवेश करेंगे, तो आपका कुल निवेश ₹22.5 लाख होगा. वैसे मौजूदा 7.1% ब्याज दर के हिसाब से परिपक्वता पर आपको करीब ₹40.68 लाख से भी ज्यादा मिल सकते हैं
6/9PPF वैसे ट्रिपल-ई (Exempt-Exempt-Exempt) कैटेगरी में आता है. इसका मतलब है कि इसमें तीन स्तरों पर टैक्स छूट मिलती है.जी हां पहला, हर साल ₹1.5 लाख तक के निवेश पर आपको धारा 80C के तहत टैक्स छूट मिलेगी. दूसरा, निवेश पर मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्स-फ्री होगा, और तीसरा, 15 साल की मैच्योरिटी पर मिलने वाली पूरी रकम पर भी कोई टैक्स नहीं देना होता. यही वजह है कि PPF, FD जैसे ऑप्शन की तुलना में ज्यादा फायदेमंद माना जाता है.
7/9PPF एक लॉन्ग टर्म और सेफ इन्वेस्टमेंट स्कीम है जिसकी मैच्योरिटी की टाइमिंग 15 साल होती हैय हालांकि, जरूरी स्थितियों में आप 5 साल बाद आंशिक निकासी कर सकते हैं, लेकिन ऐसा करने से आपके निवेश पर मिलने वाला कंपाउंड ब्याज प्रभावित हो सकता है.
8/9PPF के मैच्योर होने के बाद निवेशक के पास दो ऑप्शन होते हैं. पहला ऑप्शन है कि आप पूरी राशि निकालकर खाता बंद कर सकते हैं, जबकि दूसरा और अधिक फायदेमंद ऑप्शन है खाता एक्सटेंड करना यानी इसे 5-5 साल के ब्लॉक में आगे बढ़ाना. निवेश लगातार जारी रखने से जमा राशि पर टैक्स-फ्री ब्याज मिलता रहेगा.जिससे लंबे समय तक अनुशासित निवेश करने से यह योजना आपको करोड़पति बनाने की क्षमता रखती है.
9/9पीपीएफ खाता निवेशकों को तीसरे से छठे फाइनेंशियल ईयर के बीच अपनी जमा राशि पर लोन लेने की सुविधा देता है. यह सुविधा कम ब्याज दर पर मिलती है और बिना किसी क्रेडिट स्कोर की चिंता के ली जा सकती है.जबकि सातवें साल से आप आंशिक निकासी भी कर सकते हैं.(नोट: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए, निवेश के लिए वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव लें)