4.3 करोड़ नौकरीपेशा के फायदे की खबर है. अगर आप अपना PF योगदान बढ़ाना चाहते हैं तो सरकार ने इसकी छूट दी है. श्रम मंत्रालय ने कहा है कि कर्मचारी तीन महीने तक अपने मूल वेतन (BasiC salary) की नई सीमा 10 प्रतिशत से अधिक भविष्य निधि (pf) में योगदान कर सकते हैं. हालांकि employer को कर्मचारियों के बराबर योगदान देने की जरूरत नहीं है.
1/5मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि EPF योजना, 1952 के तहत किसी भी सदस्य के पास 10 प्रतिशत से ज्यादा दर पर योगदान करने का विकल्प होता है. पर कर्मचारी के संबंध में employer अपने योगदान को 10 प्रतिशत तक सीमित कर सकता है.
2/5बयान के मुताबिक जून, जुलाई और अगस्त में मिलने वाले मई, जून और जुलाई के वेतन में employer का योगदान 10 प्रतिशत ही होगा. मंत्रालय ने pf में योगदान के 10 प्रतिशत से योगदान को नोटिफाई कर दिया है. इस फैसले से संगठित क्षेत्र के 4.3 करोड़ कर्मचारी घर अधिक वेतन ले जा सकेंगे और कोरोना वायरस महामारी के चलते नकदी संकट से जूझ रहे नियोक्ताओं को भी कुछ राहत मिलेगी.
3/5पिछले सप्ताह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 3 महीने के लिए भविष्य निधि में नियोक्ताओं और कर्मचारियों दोनों के योगदान को 12 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत करने की घोषणा की थी. इसका मकसद नियोक्ताओं और कर्मचारियों के पास नकदी की मात्रा बढ़ाना है.
4/5योगदान की दर में की गई कटौती केंद्र और राज्य सरकार के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों अथवा केंद्र सरकार या राज्य सरकार के स्वामित्व या नियंत्रण वाले किसी भी अन्य प्रतिष्ठान पर लागू नहीं है. ये प्रतिष्ठान मूल वेतन और महंगाई भत्ते के 12 प्रतिशत का योगदान पहले की तरह करते रहेंगे.
5/5कम की गई दर pmgky (प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना) लाभार्थियों पर भी लागू नहीं है, क्योंकि पूरा कर्मचारी ईपीएफ योगदान (वेतन का 12 प्रतिशत) और employer का ईपीएफ और ईपीएस योगदान (वेतन का 12 प्रतिशत), मासिक वेतन का कुल 24 प्रतिशत का योगदान का खर्च केंद्र सरकार उठा रही है.