जब आप किसी आर्थिक जरूरत को तत्काल पूरा करने के लिए सारी कोशिशें कर लेते हैं तो ऐसे समय में आपके सामने एक ऑप्शन के तौर पर पर्सनल लोन (Personal Loan) लेने का विकल्प मौजूद होता है. हालांकि यह महंगा पड़ता है, लेकिन तत्काल आपकी जरूरत को तो पूरा करने में मददगार होता ही है. पर्सनल लोन मिलना कई बातों पर निर्भर करता है. कोई भी बैंक (Bank) और फाइनेंशियल कंपनियां (NBFC) लोन देने के लिए कुछ मानदंड तय करते हैं और तब लोन देने का फैसला करते हैं. यहां आपको अप्लाई करने से पहले समझना होगा कि आपकी योग्यता कितनी है.
1/5सिबिल (CIBIL) स्कोर आपकी की क्रेडिट हिस्ट्री को बताता है. पर्सनल लोन के मामले में बैंक यह तय करते हैं कि अप्लाई करने वाले व्यक्ति का स्कोर लोन देने के लायक है या नहीं. CIBIL स्कोर क्रेडिट इंफॉर्मेशन रिपोर्ट में होता है जिसे TransUnion Cibil Ltd तैयार करता है, जो एक क्रेडिट इंफॉर्मेशन ब्यूरो है. इसमें पहले के लोन के रीपेमेंट और पहले की गई लोन की पूछताछ का रिकॉर्ड होता है. अगर स्कोर 700 से ऊपर है तो लोन मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है.
2/5आप कई तरह के बिल पेमेंट करते होंगे, लेकिन इसे आप समय पर कितना चुकाते हैं यह मायने रखता है. बिल पेमेंट में अनुशासन बहुत जरूरी है. आपको अपने लोन की ईएमआई का पेमेंट या क्रेडिट कार्ड या यूटिलिटी बिल का समय पर पेमेंट करें. इससे पर्सनल लोन लेने में आसानी होती है.
3/5अगर आप बार-बार पर्सनल लोन के लिए अप्लाई करते हैं, तो इससे आपकी क्रेडिट हिस्ट्री पर निगेटिव असर पड़ता है. इससे जो संस्थान या बैंक को यह पता चलता है कि आप खर्च करने के मामले में लापरवाह हैं और अपने खर्चों को ठीक ढंग से नहीं संभाल पाते हैं. इससे लोन मिलने की उम्मीद कम हो जाती है
4/5आपको डेट की राशि और उपलब्ध क्रेडिट लिमिट के अनुपात पर नजर रखनी चाहिए. यह क्रेडिट कार्ड धारकों के लिए बहुत जरूरी है. अगर आपका क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेश्यो ज्यादा है, तो इससे आपका क्रेडिट स्कोर घट सकता है. इसलिए अपनी क्रेडिट लिमिट को ध्यान से इस्तेमाल करना जरूरी है.
5/5ज्यादा क्रेडिट कार्ड रखने से हर महीने के अंत में कई बिल का पेमेंट करना होगा. इससे आप बिल पेमेंट के बारे में भूल भी सकते हैं जो आपके क्रेडिट स्कोर पर असर डालेगा. इसलिए आप एक या दो क्रेडिट कार्ड रखें जिससे आप अपने क्रेडिट बिलों का समय पर भुगतान करने का ध्यान रख सकें. (फोटो - रॉयटर्स, जी बिजनेस)