Important Finance Ratio: हर महीने आपको एक तय सैलरी तो मिलती है, लेकिन फिर भी आपके महीने का बजट बिगड़ जाता है. या किसी भी इमरजेंसी की स्थिति में आपको समझ नहीं आता अब कैसे होगा पैसों का जुगाड़. आइए आपको बताते हैं 5 ऐसे इम्पॉर्टेंट रेश्यो, जिन्हे समझ आप अपने महीने के बजट और खर्चों को अच्छे से मैनेज कर सकते हैं.
1/5फाइनेंस एक्सपर्ट्स का मानना है कि हर महीने आपकी जितनी भी सैलरी आती हो, उसका कम से कम 20 फीसदी आपको अपनी सेविंग्स में डालना चाहिए. ये आपकी जरूरतों को पूरा करने में काम आते हैं. इसके मुताबिक, सेविंग रेश्यो = मंथली सेविंग्स ÷ मंथली इनकम.
2/5ऐसा माना जाता है कि आपकी कुल EMI आपके टेक-होम सैलरी के 40 फीसदी से अधिक नहीं होना चाहिए. ऐसे में डेट-टू इनकम रेश्यो = मंथली डेट पेमेंट ÷ मंथली इनकम होना चाहिए.
3/5किसी भी आपातकाल में खुद को और अपने परिवार को संकट से बचाने के लिए आपको एक इमरजेंसी फंड बनाना चाहिए, जो कि कम से कम 3 से 6 महीने तक के आपके खर्चों को कवर करने में सक्षम हो. ऐसे में आपका इमरजेंसी फंड रेश्यो = इमरजेंसी फंड ÷ मंथली खर्च. ये अनुपात अगर 3 से कम है, तो आपको इसे बेहतर करने की आवश्यकता है.
4/5अपने और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए आपके पास आपकी सालाना आय का करीब 10-15 गुना जीवन बीमा कवर होना चाहिए. इंश्योरेंस कवर रेश्यो = (लाइफ इंश्योरेंस कवर) ÷ (सालाना आय).
5/5अपनी संपत्ति का एक अच्छा हिस्सा आपको निवेश के लिए म्यूचुअल फंड या इक्विटी जैसे ग्रोथ वाले ऑप्शन में भी डालना चाहिए. ऐसे में इमरजेंसी फंड और इंश्योरेंस को छोड़कर कम से कम 50 फीसदी का टारगेट रखें. इन्वेस्टमेंट टू नेटवर्थ रेश्यो = टोटल इन्वेस्टमेंट ÷ नेट वर्थ.