NPS withdrawal rule: NPS से पैसा निकालने से पहले नियम समझना जरूरी है. तो जानिए मैच्योरिटी और पार्शियल विड्रॉल के नियम, किन 5 गलतियों से बचना चाहिए और किन खास परिस्थितियों में आप अपने NPS खाते से पैसा निकाल सकते हैं. जी हां सही जानकारी से बचा सकते हैं टैक्स और आवेदन रिजेक्शन से.
1/11अगर आप अपनी रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए National Pension System (NPS) में निवेश कर रहे हैं, तो यह खबर आपके बहुत काम की है. असल में अक्सर देखा गया है कि लोग जरूरत के समय NPS से पैसा निकालने की कोशिश तो करते हैं, लेकिन सही रूल्स की जानकारी न होने के कारण उनका आवेदन रिजेक्ट हो जाता है या उन्हें टैक्स का भारी नुकसान उठाना पड़ता है. तो आज हम आपको बताएंगे कि NPS से पैसा निकालने का सही तरीका क्या है और किन गलतियों से आपको बचना चाहिए.
2/11NPS एक लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट है, इसलिए इससे पैसा निकालने के बड़े नियम हैं. आप दो स्थितियों में पैसा निकाल सकते हैं पहला मैच्योरिटी पर (60 साल की उम्र के बाद) पर यानी यहां आप कुल जमा राशि का 60% हिस्सा एक साथ निकाल सकते हैं, जो पूरी तरह टैक्स फ्री होता है. बाकी 40% हिस्से से आपको 'एन्युटी' (Annuity) खरीदनी पड़ती है, जिससे आपको हर महीने पेंशन मिलती है.दूसरा समय से पहले निकासी (Partial Withdrawal) यानी कि आप कुछ खास परिस्थितियों (जैसे बच्चों की पढ़ाई, शादी, घर बनाना या गंभीर बीमारी) में ही पैसा निकाल सकते हैं.
3/11लेकिन मैच्योरिटी पर पैसा निकालें या समय से पहले निकासी करें अक्सर लोग कुछ ऐसी गलती कर देते हैं जिनका असर उनके फंड पर पड़ सकता है.तो चलिए हम जानेंगे पैसा निकालने समय कौन सी गलतियां किसी को भी नहीं करना चाहिए.
4/11कई लोग सोचते हैं कि वे जब चाहें पूरा पैसा निकाल सकते हैं. लेकिन नियम के मुताबिक, आप खाता खोलने के 3 साल बाद ही आंशिक निकासी (Partial Withdrawal) कर सकते हैं. वह भी केवल आपके द्वारा जमा किए गए योगदान का 25% ही निकाला जा सकता है.
5/11आप पूरी सर्विस अवधि के दौरान केवल 3 बार ही आंशिक निकासी कर सकते हैं.तो अगर आप छोटी-मोटी जरूरतों के लिए बार-बार आवेदन करेंगे, तो भविष्य में बड़ी जरूरत के समय आपके पास यह विकल्प खत्म हो जाएगा.
6/11निकासी के समय सबसे ज्यादा आवेदन बैंक खाते की जानकारी गलत होने या KYC (आधार-पैन लिंक) न होने के कारण अटकते हैं. आवेदन करने से पहले सुनिश्चित करें कि आपके PRAN कार्ड की डिटेल्स आपके बैंक खाते से मेल खाती हों.
7/11रिटायरमेंट पर मिलने वाला 60% पैसा तो टैक्स-फ्री है, लेकिन जो 40% पैसे से आप पेंशन प्लान (Annuity) खरीदते हैं, उससे मिलने वाली मंथली पेंशन टैक्स-फ्री नहीं होती है. तो आपकी पेंशन आपकी सालाना इनकम में जुड़ेगी और आपके टैक्स स्लैब के हिसाब से उस पर टैक्स लगेगा. इसकी प्लानिंग पहले से करके रखना चाहिए.
8/11असल में रिटायरमेंट (60 साल) के समय आप 60% पैसा निकाल सकते हैं और 40% की पेंशन प्लान लेनी होती है.अक्सर लोग गलती करते हैं कि वो बिना रिसर्च किए कोई भी एन्युइटी प्लान चुन लेते हैं.तो इसलिए 'Annuity with Return of Premium' ऑप्शन को ध्यान से समझें. इसमें आपकी मृत्यु के बाद मूल पैसा आपके परिवार को वापस मिल जाता है.जी हां अलग-अलग कंपनियों के पेंशन रेट्स की तुलना जरूर करें, क्योंकि एक बार प्लान चुनने के बाद आप उसे बदल नहीं सकते हैं.
9/11पैसा निकालने के लिएसबसे पहले अपनी संबंधित CRA (जैसे NSDL या KFintech) की वेबसाइट पर जाकर अपने PRAN और पासवर्ड से लॉगिन करें फिर मेनू में जाकर Transact Online ऑप्शन चुनें और फिर Withdrawal पर क्लिक करें और यहां Partial Withdrawal या Exit on Maturity को चुनें.अपनी जरूरत से जुड़े दस्तावेज और एक कैंसल चेक अपलोड करना होगा.फिर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ईमेल पर एक OTP आएगा, जिसे भरते ही आपका आवेदन जमा हो जाएगा.जी हां ऑनलाइन प्रोसेस के बाद, आपके ऑफिस या संबंधित बैंक (POPs) को इसे डिजिटल रूप से वेरिफाई करना होगा, इसके बाद पैसा सीधे आपके बैंक खाते में आ जाएगा.
10/11आपको बता दें कि NPS (National Pension System) से समय से पहले (Partial Withdrawal) पैसा निकालने के लिए PFRDA ने बहुत ही साफ रूल्स बनाए हैं.तो आप अपने योगदान का 25% हिस्सा केवल खास परिस्थितियों में ही निकाल सकते हैं,जैसे बच्चों की हाई एजूकेशन ,बच्चों की शादी,घर खरीदना या बनाने आदि के लिए.
11/11पैसा निकालने के लिएआपका NPS खाता कम से कम 3 साल पुराना होना चाहिए.आप केवल अपने द्वारा जमा किए गए पैसे (Employee Contribution) का ही 25% निकाल सकते हैं.जी हां सरकार या कंपनी द्वारा जमा किए गए हिस्से (Employer Contribution) से पैसा नहीं निकाला जा सकता.तो पूरी अवधि (रिटायरमेंट तक) में आप केवल 3 बार ही आंशिक निकासी कर सकते हैं. दो बार पैसा निकालने के बीच में कम से कम 5 साल का अंतर होना चाहिए (मेडिकल इमरजेंसी के मामले में यह नियम लागू नहीं होता).