Work From Home New Rules: क्या फिर शुरू होगा वर्क फ्रॉम होम? पीएम मोदी की सलाह और नए लेबर कोड्स के बाद अब घर से काम करना कानूनी अधिकार बनेगा.तो जानें आईटी सेक्टर के लिए क्या हैं नए नियम और कर्मचारियों को कैसे मिलेगा इसका फायदा.
1/9कोरोना के बाद अब एक बार फिर 'वर्क फ्रॉम होम' की बातें हर तरफ होने लगी है.असल में हाल ही में पीएम मोदी ने भी सलाह दी है कि दुनिया के बिगड़ते हालात को देखते हुए और देश का पेट्रोल-डीजल बचाने के लिए अगर मुमकिन हो, तो लोग घर से ही काम करें. वैसे नए लेबर कानून आने के बाद अब आईटी सेक्टर और घर से काम करने वालों के लिए नियम पूरी तरह बदल गए हैं.तो अब सब कुछ केवल कंपनी की मर्जी पर नहीं, बल्कि कानून के हिसाब से चलेगा और कर्मचारियों को अपने हक मांगने का पूरा आधार मिलेगा.
2/9असल में अगर आप भी घर से काम करते हैं या हाइब्रिड मॉडल (कुछ दिन ऑफिस, कुछ दिन घर) में हैं, तो यह खबर आपके बड़े काम की है. तो अब कंपनियों की मनमानी नहीं चलेगी और आपके पास अपने हक मांगने का पूरा कानूनी आधार होगा. वैसे एक बात समझ लें कि नए वेज कोड में हर एक कंपनी और हर एक कर्मचारी के लिए वर्क फ्रॉम होम करने का कोई रूल नहीं...कुछ ही सेक्टर के लिए इसको लेकर रूल्स हैं. तो आइए समझते हैं कि नए लेबर रूल्स में आपके लिए क्या-क्या खास है.
3/9सबसे पहले तो ये समझ लें कि अब तक भारत में WFH के लिए कोई ठोस कानून नहीं था. सब कुछ कंपनी की पॉलिसी पर निर्भर था. लेकिन नए लेबर कोड्स में रिमोट वर्किंग और हाइब्रिड मॉडल को कानूनी मान्यता दे दी गई है.जी हां अगर आप किसी स्पेशल इकोनॉमिक जोन (SEZ) वाली कंपनी में हैं, तो वहां 50% कर्मचारी एक साल तक घर से काम कर सकते हैं. असल में इसे और लचीला बनाया है ताकि आईटी सेक्टर की रफ्तार न थमे. यानी अब घर से काम करना ऑफिशियल हो गया है.
4/9सवाल ये भी है कि क्या घर से काम करने पर सैलरी कटेगी? तो इसका जवाब है कि बिल्कुल नहीं. असल में नए रूल्स के मुताबिक, चाहे आप ऑफिस की कुर्सी पर बैठें या घर के सोफे पर, आपकी सैलरी, बोनस और पीएफ के फायदे ऑफिस जाने वाले कर्मचारी के बराबर ही रहेंगे.
5/9आपको बता दें कि अक्सर शिकायत आती है कि घर पर रहने की वजह से बॉस कभी भी कॉल कर देते हैं. नए फ्रेमवर्क में स्पष्ट है कि एक हफ्ते में 48 घंटे से ज्यादा काम नहीं लिया जा सकता. यानी दिन के 8 घंटे का औसत. वैसे अगर कंपनी आपसे तय घंटों से ज्यादा काम लेती है, तो उसे ओवरटाइम देना होगा.
6/9असल में कुछ सेक्टर के लिए भारत में वर्क फ्रॉम होम को अब कानूनी मान्यता मिल चुकी है.नए लेबर कोड्स के तहत हाइब्रिड और रिमोट वर्किंग को 'ऑफिशियल' माना गया है. आईटी/आईटीईएस कंपनियों में 50% कर्मचारी एक साल तक घर से काम कर सकते हैं.
7/9वर्क फ्रॉम होम करने के कुछ फायदे होते हैं. जी हां रोज घंटों का सफर तय करके ऑफिस पहुंचना या ट्रैफिक में फंसने की परेशानी खत्म हो हर लगभग खत्म होती है. इससे पेट्रोल खास रूप से बचता है. जैस देश में हालात चल रहे हैं उन में पेट्रोल को बचाना हर किसी के लिए जरूरी है. इसके अलावा बाहर का खाना और फॉर्मल कपड़ों पर होने वाले खर्च में भी बचत होगी.
8/9अगर घर पर अकेले रहते हैं तो ऑफिस की गपशप और टीम के साथ आमने-सामने की बातचीत की कमी खलती है. घर पर काम करने से अक्सर टीम के साथ सही कनेक्शन ना बैठने से गलतियों के चांस भी ज्यादा रहते हैं.
9/9हालांकि ये अभी तक पूरी तरह से कंपनियों के ऊपर है कि वो अपने कर्मचारियों को घर से काम देने का ऑप्शन देंगी कि नहीं. लेकिन अगर हालात बुरे हुए तो हो सकता है घर से काम करने पर सरकारी फरमान आ जाए और फिर कंपनियों को वर्क फ्रॉम होम देना ही पड़े.