Mutual Funds (म्यूचुअल फंड) आज के समय में तेजी से पॉपुलर हो रहा है. यंगस्टर्स में इसका अच्छा-खासा क्रेज देखा जा रहा है. यह एक ऐसा इंस्ट्रूमेंट है, जिसमें निवेशक को उसकी सुविधा के मुताबिक निवेश का ऑप्शन मिलता है. वह या तो एकमुश्त निवेश कर सकता है या हर महीने सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए मंथली निवेश कर सकते हैं. म्यूचुअल फंड में निवेश में पूरी तरह ट्रांसपरेंसी यानी पारदर्शिता रहती है. फंड मैनेजर आपका कितना पैसा किस स्टॉक में लगा रहा है, इसकी पूरी डीटेल आप ऑनलाइन जब चाहें देख सकते हैं. म्यूचुअल फंड में निवेश पर बाजार के उतार-चढ़ाव का असर होता है. यानी, निवेश में जोखिम रहता है. बावजूद इसके कई ऐसे फायदे हैं, जो दूसरे निवेश ऑप्शन में नहीं मिलते हैं. आइए जानते हैं म्यूचुअल फंड में निवेश के 5 फायदे...
1/5म्यूचुअल फंड में आप महज 100 रुपये की SIP से भी निवेश शुरू कर सकते हैं. SIP में लॉन्ग टर्म का निवेश किया जाए तो, इसमें कम्पाउंडिंग का जबरदस्त फायदा मिलता है. लंबी अवधि में आप एसआईपी से आसानी से करोड़ों का फंड बना सकते हैं.
2/5म्यूचुअल फंड एक ऐसा तरीका है, जिसके जरिए आप किसी भी एसेट क्लास में निवेश कर सकते हैं. गोल्ड खरीदने का प्लान है, तो आपको गोल्ड फंड का ऑप्शन मिलेगा. इसी तरह, फिक्स्ड डिपॉजिट के लिए डेट फंड, रीयल एस्टेट के लिए इंफ्रा फंड जैसे ऑप्शन आपको मिल जाएंगे.
3/5म्यूचुअल फंड में नो योर कस्टमर (KYC) पूरी कर निवेश शुरू किया जा सकता है. KYC के लिए एड्रेस प्रूफ और आईडेंटिटी प्रूफ डॉक्यूमेंट्स देने होंगे. आज के समय में मोबाइल ऐप्स के जरिए म्यूचुअल फंड में निवेश शुरू किया जा सकता है.
4/5म्यूचुअल फंड में निवेशक को एक्सपर्ट की सर्विस मिलती है. दरअसल, स्कीम के लिए डेडिकेटेड फंड मैनेजर होते हैं, जो आपके निवेश का मैनेज करते हैं. यानी, एक प्रोफेशनल व्यक्ति आपके पैसे को किस जगह, कब और कितना लगाना है, इसका फैसला करता है. जिससे कि निवेशक को ज्यादा से ज्यादा रिटर्न मिल सके.
5/5म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए पेमेंट मोड भी काफी सुविधानजक है. पूरा प्रॉसेस डिजिटल और कॉन्टेक्टलेस है. आपको सिर्फ मंथली निवेश की लिमिट के लिए फंड हाउस को देनी होगी. जिससे कि बैंक से ऑटोमेटिक पेमेंट हो जाए. इसके अलावा मोबाइल ऐप से आप अपनी सुविधानुसार पेमेंट कर सकते हैं.
(डिस्क्लेमर: म्यूचुअल फंड में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है. निवेश संबंधी फैसला करने से पहले एडवाइजर से परामर्श कर लें.)