Mutual Funds (म्यूचुअल फंड) आज के समय में तेजी से पॉपुलर हो रहा निवेश का विकल्प है. यह एक ऐसा इंस्ट्रूमेंट है, जिसमें निवेशक को उसकी सुविधा के मुताबिक निवेश का ऑप्शन मिलता है. वह या तो एकमुश्त निवेश कर सकता है या हर महीने सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए मंथली निवेश कर सकते हैं. SIP के साथ सुविधा यह है कि महज 100 रुपये मंथली निवेश भी कर सकते हैं. आप इसमें अपना निवेश जब चाहे बढ़ा सकते हैं. म्यूचुअल फंड में निवेश पर बाजार के उतार-चढ़ाव का असर होता है. यानी, निवेश में जोखिम रहता है. बावजूद इसके कई ऐसे फायदे हैं, जो दूसरे निवेश ऑप्शन में नहीं मिलते हैं. अब यहां एक अहम सवाल है कि एक बेहतर म्यूचुअल फंड स्कीम कैसे सलेक्ट कर सकते हैं.
1/5म्यूचुअल फंड योजना में निवेश से पहले आपका निवेश को लेकर गोल यानी लक्ष्य तय होना चाहिए. आप किस लक्ष्य को हासिल करने जैसेकि कार खरीदना, बच्चों की पढ़ाई-शादी आदि के लिए निवेश करना चाहते हैं. इसमें अपना अनुमानित रिटर्न, टेन्योर, रिस्क और अन्य पहलुओं को समझ लेना चहिए. इससे गोल के मुताबिक स्कीम सलेक्ट करना आसान होगा.
2/5एक बार जब आप अपने गोल के मुताबिक फंड सलेक्ट करने के बाद स्कीम की रेटिंग व अन्य पहलु भी देख लेना चाहिए. जिस स्कीम में आप पैसा लगाना चाहते हैं, उसका बीते सालों में रिटर्न कैसा रहा है, AUM क्या है, पोर्टफोलियो में कौन-सी कंपनियां हैं, फंड कब शुरू हुआ, एक्जिट लोन क्या है, इन तमाम बातों को पड़ताल जरूर कर लेनी चाहिए.
3/5म्यूचुअल फंड में आप जिस भी एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) और फंड मैनेजर के जरिए निवेश करने जा रहे हैं, उनकी साख के बारे में जरूर डीटेल जानकारी कर लेनी चाहिए. AMC के बारे में डीटेल जानकारी लेना जरूरी है, क्योंकि यही कंपनी आपके म्यूचुअल फंड स्कीम का मैनेजमेंट करती है. आपके स्कीम का रिटर्न ज्यादातर इनके स्किल और समझ पर ही निर्भर करता है.
4/5म्यूचुअल फंड में अकसर यह कहा जाता है कि लंबी अवधि के नजरिए से पैसा लगाना चाहिए. लेकिन, इसका मतलब यह नहीं होता है कि आप सिर्फ निवेश करते रहिये और अपने पोर्टफोलियो पर नजर रही नहीं रखे. हमेशा अपने फंड या पोर्टफोलियो की समय-समय पर समीक्षा करती रहनी चाहिए. इससे आपको आपको गोल के मुताबिक लक्ष्य हासिल करने में पोटफोलियो में फेरबदल करने आसान होगा.
5/5म्यूचुअल फंड में निवेश को लेकर किसी भी तरह का कन्फ्यूजन हो तो कही-सुनी बातों में आकर पैसा न लगाए. इससे बेहतर है कि आप किसी एक्सपर्ट फाइनेंशयिल एडवाइजर से परामर्श कर लें. इससे आपको गोल और रिस्क के मुताबिक निवेश अमाउंट, टेन्योर और उचित स्कीम सलेक्ट करने में मदद मिलेगी. (एक्सपर्ट से बातचीत पर आधारित; सभी फोटो प्रतीकात्मक)
(डिस्क्लेमर: म्यूचुअल फंड में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है. निवेश संबंधी फैसला करने से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें.)