नौकरीपेशा हर महीने एक निश्चित इनकम कमाते हैं. उसमें भी उनकी सैलरी का अच्छा-खासा हिस्सा इनकम टैक्स भरने में चला जाता है. लेकिन अगर आप अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई को यूं ही टैक्स में नहीं गंवाना चाहते तो आपको इसके लिए ठीक से Tax Planning करनी होगी. अगर इस साल आप ऐसा नहीं कर पाए हैं, तो अफसोस मत कीजिए क्योंकि नया साल बेशक 1 जनवरी से शुरू होगा, लेकिन नया फाइनेंशियल ईयर अप्रैल 2025 से शुरू होगा. ऐसे में नए साल से भी अगर आप टैक्स प्लानिंग कर लेते हैं तो अच्छा पैसा बचा लेंगे. यहां जानिए वो तरीके जो इस मामले में आपके लिए मददगार हो सकते हैं.
1/9ये सेक्शन आपके टैक्स बचाने का सबसे आसान और पॉपुलर तरीका है. इसमें आप ₹1.5 लाख तक की कटौती का दावा कर सकते हैं. पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), ईएलएसएस (Equity-Linked Savings Scheme),भारत में ऐसी तमाम स्कीम्स, नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC), सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) आदि ऐसी तमाम स्कीम्स हैं, जिसमें निवेश करके आप 80C के तहत टैक्स बेनिफिट्स ले सकते हैं.
2/9टैक्स बचाने के लिहाज से NPS भी बेहतर विकल्प साबित हो सकता है. NPS में निवेश पर इनकम टैक्स की धारा 80CCD के तहत टैक्स छूट मिलती है. इसमें भी दो सब-सेक्शन होते हैं- 80CCD(1) और 80CCD(2). इसके अलावा 80CCD(1) का एक और सब सेक्शन होता है 80CCD(1B). 80CCD(1) के तहत 1.5 लाख रुपए और 80CCD(1B) के तहत 50 हजार रुपए की टैक्स छूट हासिल कर सकते हैं. वहीं, अब 80CCD(2) से इस 2 लाख की मिली छूट के अलावा भी इनकम टैक्स में और छूट ले सकते हैं.
3/9मकान खरीदने के लिए आपने होम लोन लिया है तो भी आप अपना इनकम टैक्स बचा सकते हैं. इसमें सेक्शन 24(b) के तहत होम लोन के ब्याज पर ₹2 लाख तक की कटौती का दावा आप कर सकते हैं. वहीं सेक्शन 80C के तहत प्रिंसिपल रीपेमेंट पर ₹1.5 लाख तक की कटौती दावा किया जा सकता है और अगर आपने पहली बार घर खरीदा है तो सेक्शन 80EEA के तहत अतिरिक्त लाभ ले सकते हैं.
4/9सेक्शन 80D के तहत, आप खुद, अपने परिवार और माता-पिता के लिए हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर टैक्स कटौती का दावा कर सकते हैं. इसमें ₹25,000 तक परिवार के लिए, ₹50,000 तक वरिष्ठ नागरिक माता-पिता के लिए कटौती का दावा किया जा सकता है.
5/9सेक्शन 80C के तहत, बच्चों की स्कूल या कॉलेज ट्यूशन फीस पर ₹1.5 लाख तक की कटौती का फायदा लिया जा सकता है.
6/9सेक्शन 80TTA के तहत बचत खाते से मिलने वाले ब्याज पर ₹10,000 तक की कटौती का दावा किया जा सकता है.
7/9वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए टैक्स बचाने का एक और तरीका है. LTA के तौर पर मिलने वाले पैसे टैक्स फ्री होते हैं. इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के तहत एक प्रावधान है, जो वेतनभोगी कर्मचारियों को घरेलू यात्रा के लिए किए गए खर्चों पर टैक्स छूट का क्लेम करने की अनुमति देता है. इनकम टैक्स एक्ट की धारा 10(5) के मुताबिक, आपके पिछले या मौजूदा नियोक्ता से हासिल LTA की रकम कुछ शर्तों को पूरा करने पर छूट पाने की हकदार है. लेकिन ये फायदा उन्हीं को ही मिलेगा जो नौकरीपेशा हैं और जिन्हें अपने नियोक्ता से एलटीए मिलता है.
8/9अगर आप किराए के घर में रहते हैं, तो HRA पर टैक्स कटौती का दावा कर सकते हैं. HRA को लेकर 3 शर्तें होती हैं. पहली शर्त कि ये आपकी बेसिक सैलरी का 40/50 फीसदी होगा. मेट्रो सिटीज (दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई) के लिए लिमिट 50 फीसदी और नॉन-मेट्रो सिटीज के लिए 40 फीसदी अमाउंट होता है. दूसरी शर्त कंपनी आपको कितना HRA दे रही है और तीसरी शर्त आपने एक्चुअल में कितना रेंट जमा किया है- माइनस बेसिक सैलरी का 10 फीसदी. तीन कंडीशन में जो मिनिमम अमाउंट होगा, उस पर टैक्स एग्जेम्पशन का फायदा मिलेगा.
9/9सेक्शन 80G के तहत हर वो भारतीय नागरिक टैक्स छूट क्लेम कर सकता है, जिसने सरकार द्वारा अनुमानित फंड, संस्था या संगठन में निवेश किया है. इसमें कैश में 2,000 तक के दान पर टैक्स छूट क्लेम कर सकते हैं, लेकिन अगर रकम 2,000 रुपए से ज्यादा है तो आपको चेक, डिमांड ड्राफ्ट या दूसरे पेमेंट मोड का इस्तेमाल करना होगा.