Income Tax rules for child income:भारत में बाल मजदूरी पर प्रतिबंध है. लेकिन फिर भी कंटेंट क्रिएशन, टैलेंट शो वगैरह ऐसे तमाम तरीके हैं जिनसे बच्चे भी वैध तरीके से कमाई कर सकते हैं. कई बच्चे इस तरह से पैसे कमा भी रहे हैं. लेकिन सवाल ये उठता है कि अगर बच्चों की इनकम पर टैक्स स्लैब के हिसाब से इनकम टैक्स बना, तो उसकी भरपाई क्या बच्चों को करनी होगी? जानिए क्या कहता है इस बारे में आयकर विभाग का नियम?
1/5एक नाबालिग के पास दो तरह की आय हो सकती है. पहली अर्जित की गई आय, जिसे उसने खुद कमाया हो और दूसरी वो आय जो उसने न कमाई हो, लेकिन मालिकाना हक बच्चे का ही हो. अगर बच्चा किसी प्रतियोगिता या रियलिटी शो के जरिए, सोशल मीडिया के जरिए या किसी अन्य तरीके से कमाई करता है तो इसे उसकी अर्जित की गई आय माना जाता है. लेकिन अगर बच्चे को कोई संपत्ति, जमीन, जायदाद वगैरह किसी से गिफ्ट के तौर पर मिलती है, तो इसे उसकी अनर्जित आय माना जाता है. पैरेंट्स बच्चे के नाम से अगर कोई निवेश करते हैं और उस पर जो ब्याज मिलता है, इसे भी बच्चे की अनर्जित इनकम ही माना जाता है.
2/5आयकर संबंधी कानून की धारा 64 (1ए) नाबालिग की इनकम से जुड़े नियमों के बारे में बताया गया है. नियम के अनुसार नाबालिग अगर कमाई करता है तो उसे टैक्स नहीं देना होता. उसकी आय को उसके माता-पिता की आय में जोड़ दिया जाता है. फिर पैरेंट्स को कुल आय पर निर्धारित टैक्स स्लैब के हिसाब से इनकम टैक्स देना होता है.
3/5सेक्शन 10(32) के तहत बच्चे की सालाना 1500 रुपए तक की कमाई को टैक्स के दायरे से बाहर रखा गया है. इसके ऊपर की कमाई को सेक्शन 64(1A) के तहत उसके माता-पिता की आमदनी के साथ जोड़ दिया जाता है.
4/5अगर माता और पिता दोनों कमाते हैं, तो दोनों में से जिनकी आमदनी ज्यादा है, उसकी इनकम में बच्चे की आय को जोड़कर टैक्स की गणना की जाती है. अगर कोई नाबालिग लॉटरी में रकम जीतता है तो इस पर सीधे 30 फीसदी टीडीएस काटा जाएगा. फिर इस टीडीएस पर 10 फीसदी सरचार्ज लगाया जाएगा और 4 फीसदी सेस भी देना होगा.
5/5मान लीजिए कि अगर बच्चे के माता-पिता का तलाक हो चुका है, तो ऐसी स्थिति में बच्चे की इनकम को उस पेरेंट की आय में जोड़ा जाता है, जिनके पास बच्चे की कस्टडी है. इसके अलावा अगर बच्चा अनाथ है, तो उसे अपना आईटीआर खुद भरना होगा. वहीं अगर Section 80U में बताई गई किसी भी डिसेबिलिटी से बच्चा ग्रसित है और डिसेबिलिटी 40 फीसदी से ज्यादा है, तो उसकी आय को माता-पिता की इनकम में नहीं जोड़ा जाएगा.