इनकम टैक्स विभाग की तरफ से नोटिस मिलने की बात सुनकर ही लोग घबरा जाते हैं. हाथ-पैर फूलने लगते हैं. लेकिन हर नोटिस से घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि हर नोटिस का मतलब कानूनी कार्रवाई या जुर्माना नहीं होता. हर नोटिस के अलग मायने होते हैं. एक खास मकसद होता है. अगर आपने कहीं कोई गलती की है, तो नोटिस के जरिए आपको उस गलती के बारे में सूचित किया जाता है, ताकि आप एक निश्चित समय-सीमा में उसे सुधार सकें. अगर आपको भी Income Tax Department की ओर से कोई नोटिस मिला है तो पहले समझ लीजिए किस नोटिस के क्या हैं मायने?
1/7ये सबसे आम नोटिस है, जिसे लगभग हर टैक्सपेयर को ITR प्रोसेस होने के बाद भेजा जाता है. ये 3 तरह का हो सकता है. नो डिमांड, नो रिफंड यानी विभाग ने आपके ITR को सही मान लिया है. आपको कुछ करने की जरूरत नहीं है.अगर आपने ज्यादा टैक्स चुकाया है, तो यह नोटिस आपको मिलने वाले रिफंड की जानकारी देता है.वहीं आपने ITR में कोई गलती की है, जैसे आमदनी की गलत जानकारी दी है या कोई कैलकुलेशन गलत है, तो विभाग इस नोटिस के जरिए आपसे बचे हुए टैक्स की मांग करता है. अगर टैक्स की मांग की गई है, तो नोटिस को ध्यान से पढ़ें. अगर आप सहमत हैं तो 30 दिनों के भीतर भुगतान कर दें. अगर असहमत हैं, तो सुधार के लिए ऑनलाइन अनुरोध कर सकते हैं.
2/7ये नोटिस तब आता है जब आपके द्वारा फाइल किए गए ITR में कोई कमी रह जाती है जैसे- गलत ITR फॉर्म का चुनाव करना, जरूरी जानकारी (जैसे बैलेंस शीट या P&Lअकाउंट) न भरना, TDS क्लेम और फॉर्म 26AS में दी गई जानकारी का मेल न खाना. इस नोटिस का जवाब 15 दिनों के भीतर देना होता है. आपको बताई गई गलती को सुधारकर रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करना होता है. ऐसा न करने पर आपका ITR अमान्य (invalid) माना जा सकता है.
3/7ये नोटिस तब भेजा जाता है जब असेसिंग ऑफिसर (AO) को आपके ITR का आकलन करने से पहले कुछ अतिरिक्त दस्तावेजों या जानकारी की जरूरत होती है. ये नोटिस उन लोगों को भी भेजा जा सकता है जिन्होंने ITR फाइल नहीं किया है. नोटिस में मांगे गए सभी दस्तावेज और जानकारी निर्धारित समय के भीतर जमा करें.इस नोटिस को नजरअंदाज करने पर 10,000 रुपये का जुर्माना या 'बेस्ट जजमेंट असेसमेंट' हो सकता है.
4/7अगर आपका केस स्क्रूटनी (जांच) के लिए चुना गया है, तो ये नोटिस भेजा जाता है. इसका मतलब है कि आयकर अधिकारी आपके द्वारा बताई गई आय, खर्चों और कटौतियों की विस्तृत जांच करना चाहते हैं. इस नोटिस को गंभीरता से लें. आपको खुद या अपने प्रतिनिधि (जैसे CA) के माध्यम से असेसिंग ऑफिसर के सामने पेश होना पड़ सकता है और मांगे गए सभी सबूत और दस्तावेज पेश करने होंगे.
5/7ये एक गंभीर नोटिस है. ये तब जारी किया जाता है जब असेसिंग ऑफिसर को लगता है कि आपने किसी साल अपनी कुछ आय छिपाई है, जिस पर टैक्स लगना चाहिए था. विभाग के पास आपकी छिपी हुई आय के बारे में विश्वसनीय जानकारी होने पर ही यह नोटिस भेजा जा सकता है. ऐसे में आपको नोटिस में बताए गए असेसमेंट ईयर के लिए फिर से ITR फाइल करना होता है और मांगी गई जानकारी देनी होती है. आप चाहें तो AO से नोटिस जारी करने के कारणों की कॉपी भी मांग सकते हैं.
6/7जब आयकर विभाग आपसे किसी टैक्स, ब्याज, या जुर्माने की मांग करता है, तो ये नोटिस भेजा जाता है. ये मांग आमतौर पर असेसमेंट के बाद तय की जाती है. नोटिस में दी गई रकम का भुगतान निर्धारित समय (आमतौर पर 30 दिन) के भीतर करना होता है.
7/7किसी भी नोटिस को नजरअंदाज न करें. उसे ध्यान से पढ़ें, उसकी प्रामाणिकता की जांच करें और समय पर जवाब दें. अगर आपको नोटिस समझने में कोई कठिनाई हो, तो किसी टैक्स एक्सपर्ट या चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) की मदद जरूर लें.