क्या आपने भी अपने पैन और आधार की डिटेल्स छिपाई है. अगर हां तो आपको बड़ा नुकसान हो सकता है. पैन-आधार (Pan-Aadhaar) डीटेल्स छुपाने पर आपको एक्सट्रा 20 फीसदी इनकम टैक्स चुकाना पड़ सकता है. बता दें सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (CBDT) की ओर से नए नियम जारी किए गए हैं. इन नए नियमों के तहत नौकरीपेशा लोगों ने अगर अपने पैन और आधार की डिटेल छिपाई को आपको टैक्स चुकाना पड़ेगा.
1/5TDS डिडक्शन के लिए नौकरीपेशा को अपनी कंपनी में इन दोनों डॉक्यूमेंट्स की डीटेल्स जमा करानी होती है. अगर कोई भी कर्मचारी अपने एम्प्लॉयर को PAN या आधार नंबर (Aadhaar number) नहीं देता है तो उसे अपनी इनकम पर 20 फीसदी टैक्स चुकाना होगा.
2/5बता दें CBDT की ओर से जारी किए गए सर्कुलर में इस नए नियम का जिक्र किया गया है. नए नियमों के मुताबिक, इनकम टैक्स एक्ट (Income tax Act) की धारा 206AA में इस बारे में स्पष्ट जानकारी दी गई है कि नौकरीपेशा कर्मचारी को मिलने वाले टैक्सेबस अमाउंट पर पैन और आधार की जानकारी देना जरूरी है. अगर आप डिटेल्स नहीं देते हैं तो आपका 20 फीसदी इनकम टैक्स कट सकता है.
3/5टैक्सपेयर्स को अपनी इनकम और पैन-आधार की डीटेल्स पूरी तरह सही देनी होंगी. अगर किसी एम्प्लॉयर के पास डीटेल्स सही नहीं होगी तो एक्ट के मुताबिक इनकम पर ज्यादा ऊंचे रेट पर TDS काटा जा सकता है. डिटेल्स प्रोवाइड नहीं देने पर TDS को एक्ट के संबंधित प्रावधान में तय रेट के हिसाब से काटा जा सकता है.
4/5बता दें कि इस स्थिति में जो भी रेट लागू हो रहा है उस हिसाब से कर्मचारी का टीडीएस काटा जाएगा. इसमें टीडीएस कट करने की राशि ज्यादा भी हो सकती है. इसलिए कभी भी किसी नौकरीपेशा व्यक्ति को अपनी पैन और आधार की डिटेल कंपनी से छिपानी नहीं चाहिए.
5/5CBDT के नियम के मुताबिक, अगर धारा 192 के तहत TDS कैलकुलेट करने पर टैक्सेबल लिमिट के अंदर है तो कर्मचारी को कोई टैक्स नहीं देना होगा. लेकिन, धारा 192 के तहत TDS कैलकुलेट करने पर टैक्सेबल लिमिट के ऊपर जाता है तो धारा 192 के प्रावधान के तहत लागू रेट के हिसाब से इनकम टैक्स का एवरेज रेट तय होगा. अगर कैलकुलेट किया गया टैक्स आय के 20% से कम है तो 20% टैक्स डिडक्शन होगा और अगर टैक्स 20% से ऊपर जाता है तो एवरेज रेट के हिसाब से टैक्स कटेगा.