एसआईपी में निवेश करना आज के समय में लोगों के बीच काफी बढ़ गया है. फ्यूचर में तगड़ा फंड पाने के लिए लोग एसआईपी में ज्यादा निवेश करते हैं. लेकिन कई बार ऐसा होता है कि किसी कारण से लोग अपनी एसआईपी को मैच्योरिटी से पहले ही बीच में रोक देते हैं. लेकिन अगर आप भी एसआईपी को बीच में रोकने का सोच रहे हैं तो फिर पहले 6 जरूरी बातों को समझ लें वरना बाद में पछताना पड़ सकता है.
1/8अक्सर देखा जाता है कि मार्केट में जैसे ही थोड़ी भी गिरावट दिखाई देती है, कई लोग अपनी SIP (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) बंद करने की सोचने लगते हैं.या फिर लाइफ में कोई छोटी-मोटी जरूरत में वो सबसे पहले SIP को ही बंद कर देते हैं.असल में लोग सोचते हैं कि थोड़े दिन बाद फिर शुरू कर देंगे...लेकिन यहीं वो कर देते हैं सबसे बड़ी गलती.SIP बंद करना सुनने में भले ही आसान लगे, लेकिन इसके कुछ ऐसे बुरे परिणाम हो सकते हैं, जिन्हें जानकर आप हैरान रह जाएंगे.जी हां हम आपको वो 6 बड़ी बातों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें SIP रोकने से पहले सौ बार सोचना चाहिए. ताकि फिर फ्यूचर में आपको पछताना ना पड़े और कहीं ऐसा ना हो कि एक छोटा सा गलत फैसला आपके करोड़पति बनने के सपने को हमेशा के लिए तोड़ दे.
2/8SIP की सबसे बड़ी ताकत है 'पावर ऑफ कंपाउंडिंग' यानी कि चक्रवृद्धि ब्याज. इसका मतलब होता है कि आपके इन्वेस्टमेंट पर जो ब्याज मिलता है, उस ब्याज पर भी ब्याज आपको मिलता है.तो अगर आप बीच में SIP रोक देते हैं, तो आप इस जादुई ग्रोथ से भी जुदा हो जाएंगे. ऐसे में जो पैसा कई गुना बढ़ सकता था, वो कम हो जाता है.मान लेते हैं कि अगर 15 साल तक चलने वाली SIP को आपने किसी कारण से बस 7 साल में ही रोक दिया, तो फिर आपने कंपाउंडिंग के सबसे सुनहरे 8 साल पल में खो दिए होते हैं.
3/8SIP का एक और बड़ा बेनेफिट्स होता है 'रुपी कॉस्ट एवरेजिंग'. यानी कि अक्सर जब भी मार्केट गिरता है, तो SIP की फिक्स रकम से आपको म्यूचुअल फंड की ज्यादा यूनिट्स सस्ते दाम पर मिल जाती हैं और जब मार्केट चढ़ता है, तो कम यूनिट्स मिलती हैं. ऐसे में अगर आप SIP को बीच में रोक देंगे तो मार्केट में गिरावट का यह फायदा भी नहीं उठा पाएंगे.
4/8अक्सर किसी खास फ्यूचर वित्तीय टारगेट(जैसे बच्चों की शादी, रिटायरमेंट, घर खरीदना) के लिए SIP शुरू की जाती है. लेकिन बीच में SIP रोकेंगे तो साफ है कि आप अपने टारगेट को पूरा करने के लिए रकम हासिल नहीं कर पाएंगे.फिर बाद में उसी टारगेट को पूरा करने के लिए आपको हो सकता है कि कहीं ज्यादा बड़ी रकम या ज्यादा समय तक निवेश करना पड़ जाए.वो इसलिए क्योंकि समय के साथ आपके टारगेट की लागत भी महंगाई के कारण बढ़ती जाती है.
5/8नियमित रूप से SIP में निवेश करना एक अच्छी वित्तीय आदत मानी जाती है.लेकिन अगर ये आदत आपने एक बार बीच में तोड़ी तो फिर इसको दोबारा शुरू करना मुश्किल होता है. क्योंकि फिर टालमटोल लोग शुरू करते हैं जो आपके वित्तीय भविष्य पर भारी पड़ सकती है.हमेशा ध्यान रखें कि SIP आपको अनुशासित निवेशक बनाती है.
6/8ये आमतौर पर देखा जाता है कि अगर मार्केट थोड़ा लंबा समय तक गिरा रहा तो फिर लोग डर के कारण से अपनी SIP बंद कर देते हैं, जबकि यह सबसे बड़ी गलती होती है.शेयर मार्केट में गिरावट का मतलब है कि आपको वही म्यूचुअल फंड यूनिट्स 'डिस्काउंट' पर मिल रही हैं. तो यह आपके लिए निवेश को बढ़ाने का मौका होता है, ना कि रोकने का.वो भी निवेशक मार्केट गिरने पर एसआईपी बंद नहीं करते हैं उनको मार्केट हाई होने पर अच्छा फायदा मिलता है.
7/8आपको बता दें कि कुछ एसआईपी म्यूचुअल फंड स्कीम्स में, खासकर इक्विटी फंड्स में, एक फिक्स टाइम (जैसे 1 साल) से पहले अगर आप राशि निकाल रहे हैं तो इस पर 'एग्जिट लोड' (निकासी शुल्क) लगता है.लेकिन वहीं, अगर आप जल्दी SIP बंद करके पैसा निकालते हैं, तो यह चार्ज आपके मुनाफे को भी कम कर सकता है.
8/8आपका हमेशा SIP जारी रखना ही सबसे अच्छा बात होती है. लेकिन अगर किसी कारण से कभी कोई बहुत बड़ी इमरजेंसी आ जाए और कोई दूसरा रास्ता न हो, तो कुछ बातों का ध्यान रखें कि क्या यह टारगेट SIP रोककर पूरा करना ही एकमात्र ऑप्शन है?,क्या कोई निकासी शुल्क लगेगा, या मुनाफे पर टैक्स भी देना पड़ सकता है. वैसे SIP रोकने की बजाय, कुछ समय के लिए 'पॉज' करने का ऑप्शन चुनना अच्छा हो सकता है.दरअसल नियमित और लंबे समय तक किया गया आपको इन्वेस्टमेंट ही आपको आर्थिक रूप से स्वतंत्र और समृद्ध बना सकता है.(नोट : खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है)