अगर आपको बोनस मिला है तो सबसे बड़ा सवाल होता है कि क्या इस पैसे को निवेश करें या कर्ज चुकाने में लगाएं?तो फिर बता दें कि समझदारी इसी में है कि पहले आप ये समझें कि आपके लिए दोनों में क्या ज्यादा फायदेमंद हो सकता है.तो चलिए अब इसके बारे में थोड़ा डिटेल्स में समझने की कोशिश करते हैं.
1/6अब 1 जून को सैलरी चुकी है तो फिर अगर इस बार आपको बोनस मिला है तो सबसे पहले ये समझना जरूरी है कि आप उन पैसों को क्या करें कोई अगर लोन है तो उसको खत्म करेंगे या फिर लोन लेंगे.तो इसके लिए आपको सबसे पहले ये समझना होगा, कि क्रेडिट कार्ड, पर्सनल लोन या होम लोन किस कर्ज पर सबसे ज्यादा ब्याज लग रहा है, यह जानकर आप समझदारी से तय कर पाएंगे कि पहले कर्ज चुकाएं या फिर निवेश करेंय
2/6अगर आपको बोनस मिल गया है तो सबसे पहले यह समझें कि कौन-से कर्ज पर सबसे ज्यादा ब्याज लग रहा है. पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड जैसी देनदारियों पर ब्याज दर 12% से लेकर 24% तक हो सकती है, जो आपकी जेब पर सीधा असर डालते हैं.इसके मुकाबले होम लोन पर आमतौर पर 8.5–9% ब्याज होता है तो आप चाहें जिस भी लोन पर ब्याज 10–12% से ज्यादा हो, उन्हें सबसे पहले चुकाएं.
3/6बोनस मिला है,तो इसे यूं ही खर्च ना करें. आप इसका करीब 50-60% हिस्सा पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड जैसे महंगे कर्जों को चुकाने में लगा सकते हैं और बाकी करीब 40-50% रकम म्यूचुअल फंड, NPS या PPF जैसे निवेश ऑप्शन में लंबी अवधि के लिए निवेश करें. यह रणनीति आपको कर्ज से राहत देगी और फ्यूचर के लिए संपत्ति भी बनाएगी, जो वाकई संतुलित और लाभकारी है.
4/6आपका यह देखना जरूरी है कि निवेश से मिलने वाला रिटर्न कर्ज के ब्याज से ज्यादा है या नहीं. जी हां अगर म्यूचुअल फंड (10-12%) होम लोन (8.5%) से ज्यादा कमाकर दे, तो फिर निवेश करना बेहतर हो सकता है, लेकिन FD (5-7%) का रिटर्न पर्सनल लोन (14%) या क्रेडिट कार्ड (24%) के भारी ब्याज से कम हो, तो पहले कर्ज निपटाना समझदारी है।
5/6आप निवेश करें या कर्ज चुकाएं,तो सबसे पहले अपनी वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करें.बोनस मिलने के बाद पहले समझें कि क्या आपके पास 6 महीने के खर्च जितना आपातकालीन फंड और पर्याप्त हेल्थ व टर्म लाइफ इंश्योरेंस है? अगर नहीं, तो बोनस का कुछ हिस्सा इन जरूरी सुरक्षा इंश्योरेंस आदि में लगाएं. यह आपको फ्यूचर के अप्रत्याशित वित्तीय झटकों से बचाएगा और मानसिक शांति देगा.
6/6वैसे आप अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए, इन बातों पर गौर करें कि अगर क्रेडिट कार्ड या पर्सनल लोन जैसा महंगा कर्ज है, तो फिर सबसे पहले आप उसे पहले निपटाएं. होम लोन जैसे कम ब्याज और टैक्स लाभ वाले कर्ज हैं तो इन्वेस्टमेंट पर ध्यान दें. साथ ही सबसे जरूरी, यदि इमरजेंसी फंड नहीं है, तो पहले उसे बनाएं. आप लंबी अवधि की प्लानिंग के लिए, कुछ कर्ज चुकाकर और कुछ निवेश करके संतुलन करना समझदारी है, ताकि आप वित्तीय रूप से सुरक्षित रहें.