मोटा फंड बनाने के लिए ये जरूरी नहीं है कि आप हमेशा रिस्क लेकर बाजार में ही निवेश करें. आप चाहें तो गारंटीड रिटर्न वाली स्कीम से भी अच्छी खासी कमाई कर सकते हैं. खासकर तब, जब आपके गोल्स लॉन्ग टर्म वाले हों क्योंकि ऐसे में आपको कंपाउंडिंग का अच्छा खासा फायदा मिलता है. वहीं अगर पति और पत्नी दोनों वर्किंग हों तो निवेश की ताकत डबल हो जाती है. ऐसे में आप दोनों मिलकर अच्छा खासा फंड बना सकते हैं. यहां जानिए PPF के जरिए कैसे पति-पत्नी मिलकर 3 करोड़ से ज्यादा का कॉपर्स तैयार कर सकते हैं.
1/6PPF के नियम के मुताबिक एक व्यक्ति अपने नाम से सिर्फ एक ही पीपीएफ अकाउंट ओपन कर सकता है. पीपीएफ में ज्वाइंट अकाउंट ओपन करने का भी ऑप्शन नहीं होता है. लेकिन अगर पत्नी और पति दोनों कमाते हैं, तो दोनों अपने-अपने नाम से अलग-अलग अकाउंट को ओपन करवा सकते हैं. 3 करोड़ जोड़ने के लिए आप दोनों को ऐसा ही करना है.
2/63,09,00,000 रुपए जोड़ने के लिए पति-पत्नी दोनों को 1.5 लाख रुपए सालाना का निवेश पीपीएफ में करना होगा और 15+15 का फॉर्मूला अपनाना होगा.
3/6फॉर्मूले में पहले 15 का मतलब मैच्योरिटी पीरियड से है और दूसरे 15 का मतलब 15 साल के एक्सटेंशन से है जो आपको 5-5 के ब्लॉक में तीन बार कराना होगा. इस तरह आप दोनों को 1.5 लाख रुपए का सालाना निवेश 30 साल तक पीपीएफ में करना होगा.
4/6लगतार 1.5 लाख रुपए सालाना दोनों पति-पत्नी जब अपने-अपने अकाउंट से अलग-अलग 30 साल तक जमा करेंगे तो 45-45 लाख रुपए का सालाना इन्वेस्टमेंट अपने-अपने अकाउंट से करेंगे. पीपीएफ पर मौजूदा समय में 7.1 प्रतिशत के हिसाब से ब्याज मिल रहा है. इस हिसाब से कैलकुलेट करने पर दोनों को अपने-अपने अकाउंट पर 1,09,50,911 रुपए का अलग-अलग ब्याज मिलेगा. इस तरह निवेशित रकम और ब्याज को मिलाकर दोनों को 1,54,50,911 रुपए मिलेंगे. 1,54,50,911 X 2 = 3,09,01,822 बनेंगे. इस तरह आप 3 करोड़ 9 लाख से ज्यादा के मालिक होंगे.
5/6पीपीएफ के एक्सटेंशन के लिए आपको आपको बैंक या पोस्ट ऑफिस, जहां भी खाता है, वहां एक एप्लीकेशन देनी होगी. ये एप्लीकेशन आपको मैच्योरिटी की तारीख से 1 साल पूरा होने के पहले देनी होगी और एक्सटेंशन के लिए एक फॉर्म भरना होगा. फॉर्म उसी पोस्ट ऑफिस/बैंक ब्रांच में जमा होगा, जहां PPF अकाउंट खोला गया है. अगर आप समय रहते इस फॉर्म को जमा नहीं कर पाते हैं, तो आप अकाउंट में अपना योगदान नहीं दे पाएंगे.
6/6पीपीएफ का एक फायदा ये भी है कि इसमें तीन तरह से टैक्स बचता है क्योंकि इस स्कीम को EEE कैटेगरी में रखा जाता है. पीपीएफ में जमा होने वाला पैसा, मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम पूरी तरह टैक्स फ्री है.