घर खरीदना हर किसी का सपना होता है, लेकिन सही फाइनेंशियल प्लानिंग के बिना यह सपना पूरा नहीं हो सकता है. बिना सही प्लानिंग से आपका ये सपना आर्थिक बोझ बन सकता है. इसलिए 5-20-30-40 फॉर्मूला घर बनाने में बहुत काम आ सकता है. इस फॉर्मूले के अनुसार, घर की कीमत आपकी सालाना आय के 5 गुना से अधिक नहीं होनी चाहिए... कम होनी चाहिए, ताकि आप जल्दी कर्ज-मुक्त हो सकें.तो चलिए हम जानेंगे कैसे 5-20-30-40 घर बनाने में करेगा मदद.
1/6शहर हो या कसबा घर खरीदना हर किसी का सपना होता है. हालांकि अगर आपने सही प्लानिंग नहीं की है तो फिर घर खरीदना मुश्किल हो सकता है.घर खरीदने से पहले ईएमआई आदि की सही प्लानिंग बहुत जरूरी है.पहली बार घर खरीद रहे हैं तो आर्थिक संकट से बचने के लिए 5-20-30-40 फॉर्मूला फॉलो करें.इस फॉर्मूले के तहत 5% डाउन पेमेंट, 20% इमरजेंसी फंड, 30% होम लोन EMI, और 40% बाकी खर्चों के लिए प्लानिंग करनी होती है. इस ट्रिक से आपकी जेब पर भी बुरा असर नहीं होगा.
2/65-20-30-40 फॉर्मूला यह सिर्फ नंबर नहीं, बल्कि एक स्मार्ट फाइनेंशियल प्लानिंग है. तो ये फॉर्मूला घर खरीदते टाइम आपकी आर्थिक स्थिति को संतुलित रखता है. इसमें 5% डाउन पेमेंट, सालाना आय से 5 गुना ज्यादा कीमत का घर न खरीदने,मासिक इनकम का 30% होम लोन EMI में रखने, और 40% अन्य खर्चों के लिए बचाने का आइडिया देता है. यह फॉर्मूला आपकी फाइनेंशियल पोजीशन को सेफ रखता है और फ्यूचर में आर्थिक बोझ से बचने में मदद करता है.
3/6अपना आशियाना खरीदते टाइम लोन का पीरियड बहुत मायने रखता है. अगर आपकी सालाना सैलरी 15 लाख रुपये है, तो फिर घर की कीमत करीब 75 लाख रुपये से ज्यादा बिल्कुल नहीं होनी चाहिए. जबकि फॉर्मूले में 20 का मतलब है कि आपको 20 साल या उससे कम का टाइम का लोन लेना चाहिए. इससे ब्याज पर एक्सट्रा बोझ नहीं पड़ेगा और आप जल्दी कर्जमुक्त हो सकते हैं.लंबे टाइम के लिए लोन लेते हैं तो फिर ब्याज ज्यादा देना पड़ता है,जिससे फाइनेंशियल प्लानिंग खराब हो सकती है.
4/6अपना घर खरीदते टाइम ईएमआई की सही प्लानिंग बहुत जरूरी है.30% का नियम कहता है कि मंथली सैलरी के 30% से ज्यादा ईएमआई नहीं होनी चाहिए. अगर मंथली इनकम 1 लाख रुपये है, तो ईएमआई 30 हजार रुपये से ज्यादा बिल्कुल नहीं होना चाहिए. इससे बाकी खर्चों पर असर नहीं होगा. ज्यादा ईएमआई लेने से मंथली बजट गड़बड़ा सकता है और आर्थिक दबाव बढ़ सकता है.
5/6डाउन पेमेंट की सही प्लानिंग करना हर किसी के लिए बहुत जरूरी होता है.40% का नियम कहता है कि घर की कुल कीमत का 40% डाउन पेमेंट के तौर पर देना सही होगा.अगर आपके सपनों का आशियाना 60 लाख रुपये का है, तो फिर 24 लाख रुपये डाउन पेमेंट के तौर पर चुकाने चाहिए. इससे लोन अमाउंट कम होगा, ईएमआई manageable रहेगी और ब्याज दर का बोझ भी घटेगा.
6/6नया घर खरीदते टाइम 40% डाउन पेमेंट देने से लोन अमाउंट कम होना सबसे बेस्ट रहता है. इससे ईएमआई कम रहेगी और कुल ब्याज भुगतान भी घटेगा. लंबे टाइम में यह आपकी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाएगा और लोन चुकाने का दबाव कम करेगा.इसलिए घर खरीदते समय 5-20-30-40 फॉर्मूला फॉलो करना सभी के लिए बेस्ट साबित होगा.