Gratuity Calculation: अगर आपने एक ही कंपनी में 10 साल तक काम किया है, तो 75,000 रुपए की सैलरी पर ग्रेच्युटी के जरिए लाखों रुपए का फंड खुद के लिए बना सकते हैं. यह एक रिटायरमेंट बेनेफिट्स है जो अंतिम सैलरी और सेवा अवधि के आधार पर मिलता है, एक सिंपल फॉर्मूला से इसका कैलकुलेशन आसानी से हो सकता है.
1/6नौकरी में लंबी सेवा का इनाम माना जाता है ग्रेच्युटी. तो अगर आपकी बेसिक सैलरी 75,000 रुपए है और 10 साल सर्विस है, तो ग्रेच्युटी की गणना आसान फॉर्मूला से होती है.जी हां पेमेंट ऑफ ग्रेच्युटी एक्ट 1972 के तहत यह 20 लाख तक टैक्स फ्री मिल सकती है.लेकिन आप घर बैठे कैलकुलेटर से चेक करें.तो आइए,जानें कि ग्रेच्युटी क्या है, कब मिलती है, कैलकुलेशन कैसे करें, और आपके केस में कितनी मिलेगी.
2/6ग्रेच्युटी एक लंपसम रकम है, जो नियोक्ता कर्मचारी(employer employee) को 5 साल या ज्यादा सर्विस के बाद देता है. यह रिटायरमेंट, रिजाइनेशन या मौत पर मिल सकती है. वैसे 10 या ज्यादा कर्मचारी वाली कंपनियों पर लागू है.इसमें अधिकतम 20 लाख टैक्स फ्री है.साथ ही यह फाइनेंशियल सिक्योरिटी के लिए है.
3/6ग्रेच्युटी कर्मचारी को कम से कम 5 साल (या कुछ मामलों में चार साल और 240 दिन) की लगातार सेवा पूरी करने के बाद मिल सकती है. यह राशि रिटायरमेंट (58 वर्ष की आयु पर), रिजाइनेशन, या कर्मचारी की मृत्यु व स्थायी विकलांगता की स्थिति में दी जाती है. खास बात यह है कि मौत या विकलांगता के मामले में 5 साल की शर्त माफ हो जाती है. इंप्लायर को ग्रेच्युटी का पेमेंट 30 दिनों के भीतर करना जरूरी है, वरना उस पर करीब 7% ब्याज देना पड़ सकता है.
4/6ग्रेच्युटी की गणना के लिए निर्धारित फॉर्मूला है (15 × लास्ट सैलरी × सर्विस ईयर) / 26. इसमें लास्ट सैलरी का मतलब होता है बेसिक पे और डीए (Dearness Allowance) का योग है. वहीं, सर्विस ईयर गिनते समय यदि नौकरी की अवधि 6 महीने से अधिक है तो उसे अगले पूरे साल के रूप में माना जाता है.तो ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा फिलहाल ₹20 लाख तय की गई है. उदाहरण के तौर पर, अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी ₹75,000 है और डीए शून्य है, तो 10 साल की सेवा पर फॉर्मूले के अनुसार ग्रेच्युटी ₹4,32,692 बनती है, लेकिन कैपिंग के कारण करीब ₹20 लाख ही मिलेंगे. इसी तरह, यदि डीए 20% यानी कुल वेतन ₹90,000 है और सेवा 10 साल की है, तो ग्रेच्युटी ₹5,19,231 निकलती है, मगर यहां भी अधिकतम भुगतान की सीमा करीब ₹20 लाख ही रह सकती है.
5/6रिटायरमेंट के समय मिलने वाली ग्रेच्युटी राशि लंपसम और टैक्स फ्री होती है, लेकिन कुछ सावधानियां जरूरी हैं. ग्रेच्युटी पाने के लिए कम से कम 5 साल की सेवा पूरी होनी चाहिए और रूल्स की सही जानकारी के लिए कंपनी से पूछना चाहिए. उदाहरण के तौर पर, अगर आपकी बेसिक सैलरी ₹75,000 है और आपने 10 साल नौकरी की है, तो आपको लगभग ₹20 लाख की ग्रेच्युटी मिल सकती है.लेकिन सही अनुमान लगाने के लिए ग्रेच्युटी कैलकुलेटर का इस्तेमाल करना समझदारी होगी.
6/6ग्रेच्युटी को सिंपल शब्दों में समझें तो यह कर्मचारी को उसके काम का तोहफा और अधिकार है. यह राशि रिटायरमेंट, नौकरी छोड़ने, मृत्यु या स्थायी विकलांगता की स्थिति में मिलती है. इसमें हर पूरे साल की सेवा पर 15 दिन के वेतन के बराबर रकम दी जाती है और इसकी गणना 26 वर्किंग डेज के आधार पर की जाती है.असल में यह लंबे समय तक नौकरी करने वालों के लिए आर्थिक सुरक्षा का अहम साधन है. (नोट: खबर सामान्य जानकारी पर है, कैलकुलेशन कम ज्यादा हो सकता है)