अपने परिवार के लिए घर खरीदना जिंदगी के सबसे बड़े और खूबसूरत सपनों में से एक है. लेकिन ये काम सिर्फ जोश में आकर नहीं करना चाहिए. आपको पूरी प्लानिंग के साथ और अच्छी तरह से सोच-समझकर ही घर खरीदना चाहिए क्योंकि इस मामले में की गईं छोटी-छोटी गलतियां फ्यूचर में आप पर भारी पड़ सकती हैं. अगर आप पहली बार घर खरीदने जा रहे हैं, तो कुछ बातों को अच्छे से समझ लें, ये आपके लिए मददगार साबित हो सकती हैं.
1/5होम लोन आपके घर के सपने को हकीकत में बदलने में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है, लेकिन इसे समझदारी से लेना बहुत ज़रूरी है. अच्छा क्रेडिट स्कोर होने पर बैंक आपको प्रॉपर्टी वैल्यू का 90% तक लोन दे सकता है, लेकिन यहीं पर आपको स्मार्ट बनना है. कोशिश करें कि आप कम से कम 20-30% का डाउन पेमेंट अपनी जेब से करें. इससे आपकी EMI का बोझ कम होगा और आप लंबे समय में लाखों रुपए का ब्याज़ बचा पाएंगे. लोन फाइनल करने से पहले 4-5 बैंकों की ब्याज़ दरों और शर्तों की तुलना ज़रूर करें. जहां सबसे सस्ता लोन मिले, वहीं से लें.
2/5घर खरीदने का फैसला सिर्फ आज की सैलरी देखकर न लें. ये सोचें कि आने वाले सालों में आपकी इनकम कितनी बढ़ेगी और खर्चे कितने बढ़ सकते हैं. याद रखें, घर का खर्च सिर्फ EMI तक ही सीमित नहीं होता. सोसाइटी का मेंटेनेंस चार्ज, प्रॉपर्टी टैक्स, पानी-बिजली के बिल और घर के छोटे-मोटे रिपेयर जैसे खर्चे भी आपकी सैलरी से ही जाएंगे. हमेशा ये सुनिश्चित करें कि आपकी होम लोन की EMI आपकी महीने की टेक-होम सैलरी के 35-40% से ज़्यादा न हो.
3/5एक बार होम लोन शुरू हो गया, तो EMI आपकी ज़िंदगी का हिस्सा बन जाएगी. इसलिए, घर खरीदने का मन बनाने के साथ ही अपने फिजूल के खर्चों पर कैंची चलाना शुरू कर दें. वीकेंड पर बाहर खाना, ऑनलाइन शॉपिंग, महंगी पार्टियों जैसे खर्चों को कम करके आप एक अच्छा-खासा इमरजेंसी फंड बना सकते हैं. ये फंड भविष्य में किसी मुश्किल समय में आपकी EMI भरने के काम आएगा और आप डिफॉल्टर होने से बच जाएंगे. बचत की आदत डालना सबसे ज़रूरी कदम है.
4/5जब आप एजेंट या ब्रोकर के जरिए घर खरीदते हैं तो एजेंट आपसे 1 से 1.5% कमीशन लेता है और बेचने वाले से भी 1% लेता है, जिसे सेलर बाद में प्रॉपर्टी की कीमत में जोड़कर आपसे ही वसूलता है. मान लीजिए आप 50 लाख का फ्लैट ले रहे हैं, तो आप एजेंट को लगभग 1.25 लाख से 1.50 लाख रुपए तक दे देते हैं. कोशिश करें कि आप सीधे डेवलपर या सेलर से प्रॉपर्टी खरीदें. इससे आपके लाखों रुपए बच सकते हैं.
5/5आप जो घर खरीद रहे हैं, वो कितना पुराना है, ये जानना बहुत ज़रूरी है. आज के समय में एक RCC (सीमेंट, कंक्रीट, सरिया) स्ट्रक्चर की औसत उम्र 70-80 साल मानी जाती है. आपकी प्रॉपर्टी जितनी पुरानी होगी, उसकी रीसेल वैल्यू उतनी ही कम होगी और मेंटेनेंस का खर्चा उतना ही ज़्यादा होगा. प्रॉपर्टी की सही उम्र जानने के लिए आप वहां के पुराने निवासियों, प्रॉपर्टी के दस्तावेज़ों या किसी स्ट्रक्चरल इंजीनियर की मदद ले सकते हैं. पुरानी प्रॉपर्टी के लिए लोन मिलना भी थोड़ा मुश्किल हो सकता है.