ऐसा देखा गया है कि जब लोग अपने करियर के शुरुआती दिनों में लोन लेते हैं, तो उसे हल्के में लेते हैं. ईएमआई मिस कर देना या कुछ दिन देरी से भुगतान करना उन्हें मामूली बात लगती है. कुछ लोग तो लोन तक डिफॉल्ट कर देते हैं और उफ्फ तक नहीं करते. लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर आप लोन के साथ ऐसा खिलवाड़ करते हैं तो इसका नतीजा ये होता है कि आपका सिबिल स्कोर खराब हो जाता है. जी हां, और किसी भी लोन को डिफॉल्ट करने का असर आपके सिबिल स्कोर पर एक दो दिन या महीने नहीं, बल्कि सालों तक दिखता है.
1/17अगर आपने पर्सनल लोन लिया है और समय पर उसका भुगतान नहीं किया, तो इसका असर आपके क्रेडिट स्कोर पर अगले करीब 7 सालों तक दिख सकता है. भारत में TransUnion CIBIL, CRIF High Mark, Equifax और Experian जैसे क्रेडिट ब्यूरो आपके क्रेडिट इंफॉर्मेशन को मैनेज करती हैं, जो आपके इस तरह के डिफॉल्ट की जानकारी को करीब 7 सालों तक अपने सिस्टम में रखती हैं.
2/17ऐसा नहीं है कि एक बार लोन के भुगतान में देरी का मतलब ये है कि आपको फिर कभी लोन नहीं मिलेगा. हालांकि, जब-जब आप किसी बैंक में लोन के लिए अप्लाई करेंगे तो उसे हर बार आपकी ये लोन डिफॉल्ट करने वाली जानकारी दिखेगी. वहीं इसका असर आपके सिबिल पर 7 सालों तक रहेगा, यानी आपका सिबिल 7 सालों तक बेस्ट नहीं हो पाएगा, भले ही वह थोड़ा अच्छा हो जाए. ऐसे में आपको छोटे-मोटे लोन मिल सकते हैं, लेकिन बड़ा लोन मिलना मुश्किल हो जाएगा.
3/17सिबिल स्कोर (Cibil Score) या क्रेडिट स्कोर (Credit Score) एक तरह से आपका रिपोर्ट कार्ड जैसा होता है, जो बताता है कि पहले के लोन में आपकी रीपेमेंट हिस्ट्री कैसी रही है. वैसे तो यह स्कोर 300 से 900 के बीच रहता है, लेकिन 750 तक या इससे ऊपर के सिबिल स्कोर को ही अच्छा माना जाता है.
4/17लोन से सिबिल को होने वाले नुकसान को कम करना है तो आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होगा. इससे आपका सिबिल धीरे-धीरे बेहतर होने लगेगा. आइए जानते हैं ऐसी ही 7 बातें.
5/17जितना जल्दी हो सके बकाया राशि चुका दें. इससे भविष्य की छवि सुधर सकती है.
6/17भुगतान के बाद बैंक या फाइनेंशियल संस्था से ‘नो ड्यूज सर्टिफिकेट’ जरूर लें.
7/17अपनी रिपोर्ट समय-समय पर देखें और गलती पाए जाने पर उसे ठीक करवाएं.
8/17अगर कोई गलती हो तो तुरंत क्रेडिट ब्यूरो में शिकायत दर्ज करें और जरूरी दस्तावेज जमा करें.
9/17ज्यादा बार आवेदन करने से क्रेडिट स्कोर और गिर सकता है.
10/17सेक्योर क्रेडिट कार्ड या छोटे कंज्यूमर लोन लेकर समय पर चुकाएं ताकि अच्छा रिकॉर्ड बने.
11/17सिक्योर और अनसिक्योर दोनों तरह की उधारी का अच्छा बैलेंस रखें.
12/17बेहतर तरीके से ट्रांजेक्शन कर के आप इसे सुधार सकते हैं और गलतियां करने पर यह खराब होता चला जाता है. सिबिल स्कोर कैलकुलेट (Cibil Calculation) करते वक्त कंपनियां ये 5 चीजें देखती हैं.
13/17आपने अपने पुराने लोन का पेमेंट टाइम से किया है या नहीं, ये आपको क्रेडिट स्कोर के कैलकुलेशन में सबसे बड़ा रोल प्ले करता है. इसमें देखा जाता है आपने कितने पेमेंट टाइम पर किए, देर से किए तो कितनी बार कितनी देरी की और ये भी देखते हैं कितनी बार पेमेंट या ईएमआई मिस की है. सिबिल स्कोर के कैलकुलेशन में इसकी हिस्सेदारी करीब 35 फीसदी की होती है.
14/17इसके अलावा यह भी देखा जाता है आपके नाम पर कितना क्रेडिट यानी लोन उपलब्ध है और आपने उसमें से कितना हिस्सा इस्तेमाल कर लिया है. सिबिल स्कोर के कैलकुलेशन में इसकी हिस्सेदारी करीब 30 फीसदी होती है. तो अगली बार अपने क्रेडिट कार्ड को इस्तेमाल करते वक्त ध्यान रखें कि आप उसकी पूरी लिमिट ना इस्तेमाल करें, बल्कि 30-40 फीसदी तक ही इस्तेमाल करें.
15/17सिबिल स्कोर के कैल्कुलेशन में यह भी एक बड़ा पैमाना होता है, जिसकी कैलकुलेशन में हिस्सेदारी करीब 15 फीसदी होती है. क्रेडिट हिस्ट्री का मतलब है जितना लंबा आपका लोन है, उतना ही अधिक आपका सिबिल स्कोर भी हो जाएगा. हालांकि, ध्यान रहे यह लोन बहुत बड़ा नहीं होना चाहिए. साथ ही यह भी ध्यान रहे कि आप अपनी हर ईएमआई समय से चुकाएं.
16/17सिबिल स्कोर का कैलकुलेशन करते वक्त यह भी देखा जाता है कि आपके कितने लोन हैं और वह किस टाइप के हैं. इसमें चेक किया जाता है कि कितने अनसेक्योर्ड लोन हैं और कितने सेक्योर्ड लोन हैं. जितने ज्यादा सिक्योर्ड लोन हैं, उतना ही अच्छा आपका सिबिल स्कोर होगा. कैलकुलेशन में इसकी हिस्सेदारी करीब 10 फीसदी की रहती है.
17/17इस कैलकुलेशन में बचा हुआ 10 फीसदी आपकी लोन से जुड़ी तमाम एक्टिविटीज को चेक करता है. देखा जाता है कि आपने हाल ही में बहुत सारे लोन तो नहीं लिए हैं, क्योंकि इसका मतलब है कि आप पर लोन का बोझ बढ़ जाएगा. वहीं इसमें यह भी चेक किया जाता है कि आपने कितनी बार लोन के लिए इन्क्वायरी की है, क्योंकि इससे ये माना जाता है कि आप भविष्य में बहुत सारे लोन ले सकते हैं, जिससे आपकी देनदारी काफी बढ़ जाएगी.