Cibil Score Check: सिबिल स्कोर (Cibil Score) कितना अहम होता है, ये तो आपने अक्सर सुना होगा, लेकिन क्या इसे समझा है? अगर आपका क्रेडिट स्कोर (Credit Score) खराब है तो आपको महज 50 लाख रुपये के होम लोन (Home Loan) पर 19 लाख रुपये का नुकसान भुगतना (Bad Cibil) पड़ सकता है. इसीलिए कहा जाता है कि सिबिल स्कोर को अच्छा बनाए रखना चाहिए (cibil score kitna hona chahiye) और उसे खराब नहीं होने देना चाहिए. आइए जानते हैं इसकी बारीकियां और समझते हैं इसे कैसे बेहतर किया जा सकता है.
1/14मान लीजिए कि आपका सिबिल स्कोर 820 है और आप 20 साल की अवधि के लिए 50 लाख रुपये का होम लोन लेते हैं और यह आपको करीब 8.35 फीसदी की दर पर मिलता है. इस तरह आप 20 साल में करीब 53 लाख के ब्याज समेत कुल 1.03 करोड़ रुपये चुकाएंगे. बता दें कि यह ब्याज अलग-अलग बैंक के लिए अलग-अलग हो सकता है, लेकिन उदाहरण के लिए इस आंकड़े को मानकर कैलकुलेशन की जा रही है.
2/14वहीं अगर आपका सिबिल स्कोरी काफी कम है, मान लीजिए 580 है तो आपको यही लोन करीब 10.75 फीसदी की दर पर मिलेगा. इस तरह आपको 71.82 लाख रुपये का ब्याज चुकाना होगा, जो पहले की तुलना में करीब 18.82 लाख रुपये अतिरिक्त है. यानी आपको अपने कुल लोन के एक तिहाई हिस्से से भी ज्यादा का नुकसान सिर्फ इसलिए हो सकता है, क्योंकि आपका सिबिल स्कोर अच्छा नहीं है.
3/14यह एक तीन अंकों की संख्या है या यूं कहें कि स्कोर है. इसकी रेंज 300 से लेकर 900 अंकों तक होती है. यह आपके लोन लेने की योग्यता को दिखाता है. आपके पुराने लोन, क्रेडिट कार्ड के बिल आदि के आधार पर यह संख्या तय होती है. अगर आप अपने सारे कर्जों और कार्ड बिल को चुकाते रहते हैं तो आपका सिबिल स्कोर बेहतर होता जाता है, जबकि अगर आप कोई डिफॉल्ट करते हैं तो आपका सिबिल स्कोर खराब होता जाता है.
4/14अगर आपका सिबिल स्कोर अच्छा है तो इसके कई फायदे होते हैं. हर बैंक लोन देने से पहले व्यक्ति के सिबिल स्कोर को चेक करता है. ऐसे में आपको लोन आसानी से और सस्ता मिल सकता है. यहां तक कि आपको कई बार प्री-अप्रूव्ड लोन ऑफर भी मिल सकता है और आपको इंस्टेंट लोन यानी चंद मिनटों में खाते में पैसे आने की सुविधा भी मिल सकती है.
5/14सिबिल स्कोर अगर खराब है तो आपको उसका नुकसान भी झेलना पड़ता है. बैंक से जुड़े तमाम कामों में आपको दिक्कत का सामना करना पड़ता है. आइए जानते हैं खराब सिबिल स्कोर के 5 नुकसान, जिनका आप पर बड़ा असर होगा.
6/14अगर आपका सिबिल स्कोर खराब है तो आपको किसी भी बैंक, स्मॉल फाइनेंस बैंक या एनबीएफसी से लोन मिलने में दिक्कत होगी. बैंकों को डर रहता है कि आपका सिबिल स्कोर खराब है, यानी आप डिफॉल्ट कर सकते हैं.
7/14कुछ बैंक अगर आपको खराब सिबिल स्कोर के बावजूद लोन देने को राजी हो भी जाएंगे तो वह अधिक ब्याज दर वसूलेंगे. दरअसल, वह अपने रिस्क को मैनेज करने की कोशिश करते हैं. वह सोचते हैं कि अगर व्यक्ति ने आखिरी की कुछ ईएमआई डिफॉल्ट भी कर दीं तो भी बैंक का नुकसान ना हो, इसलिए ब्याज दर ज्यादा रखी जाती है.
8/14सिबिल स्कोर खराब होने पर कई बार इंश्योरेंस कंपनियां भी आपसे अधिक प्रीमियम मांग सकती हैं. दरअसल, ऐसी स्थिति में इंश्योरेंस कंपनियों को लगता है कि आप ज्यादा क्लेम कर सकते हैं, ऐसे में वह ज्यादा प्रीमियम मांग सकती हैं. कई कंपनियां तो इंश्योरेंस देने में भी आनाकानी कर सकती हैं.
9/14पर्सनल लोन की तरह ही आपको होम लोन या कार लोन लेने में भी दिक्कत हो सकती है. यहां तक कि आपको अधिक ब्याज भी चुकाना पड़ सकता है. बिजनेस के लिए प्रॉपर्टी लीज पर लेने में भी दिक्कत होती है. कंपनी आपको लोन देने के बदले आपसे कुछ गिरवी रखने को भी कह सकती है.
10/14जो बैंक आपको लोन देने के लिए राजी होगा, वह भी आपको कर्ज देने से पहले दस्तावेजों की खूब जांच करेगा. गोल्ड लोन या सिक्योरिटीज लोन के लिए अप्लाई करेंगे तो भी तगड़ी जांच होगी. कुछ गिरवी भी रख देंगे तो भी बैंक आपको शक की निगाह से ही देखेगा और तगड़ी जांच करेगा. इन सब में काफी वक्त लग सकता है, जिससे आपको लोन मिलने में देरी हो सकती है.
11/14सिबिल स्कोर बिगड़ने की कई वजह हो सकती हैं जैसे- लोन लेने के बाद समय से ईएमआई भुगतान न करना, लोन सेटलमेंट करना, क्रेडिट कार्ड का भुगतान समय पर नहीं करना, क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेश्यो को मेंटेन न करना आदि. इसके अलावा अगर आपने जॉइंट लोन लिया है या आप किसी के लोन गारंटर है और ऐसे में आपका जॉइंट अकाउंट होल्डर या वो बॉरोअर जिसके लोन के आप गारंटर बने हैं, उसने कोई गलती की, तो आपके सिबिल पर भी बुरा असर पड़ता है.
12/14सिबिल स्कोर को सुधारने के लिए आपको कई काम करने पड़ेंगे. लोन लिया है तो ईएमआई तय समय पर दें. क्रेडिट कार्ड यूजर हैं तो उसकी अधिकतम लिमिट का 30 प्रतिशत से ज्यादा खर्च न करें. क्रेडिट कार्ड के बिल को समय से चुकाएं. बार-बार और जल्दी-जल्दी अनसिक्योर्ड लोन न लें. किसी के लोन गारंटर बहुत सोच समझकर बनें. जॉइंट लोन लेने का फैसला भी ध्यान से लें. लोन सेटल किया है, तो जल्द से जल्द उसे क्लोज करवाएं. कभी लोन नहीं लिया तो एक छोटा सा लोन लेकर उसका रीपेमेंट समय से करें, ताकि आपकी क्रेडिट हिस्ट्री बन सके.
13/14अगर आपका क्रेडिट स्कोर बिगड़ गया है और आप इसे सुधारना चाहते हैं तो सबसे पहले ये समझिए कि क्रेडिट स्कोर को सुधारना कोई एक दिन का काम नहीं होता. इसके लिए आपको थोड़ा धैर्य रखना होगा क्योंकि इसमें धीरे-धीरे सुधार होता है. आपके खराब क्रेडिट स्कोर के सुधार में कम से कम छह महीने से 1 वर्ष तक का समय लग सकता है.
14/14अगर स्कोर ज्यादा कम है तो इसे बेहतर बनने में और भी ज्यादा वक्त लग सकता है. इसीलिए आपको पहले से ही सिबिल स्कोर को मेंटेन करने और इसे समय-समय पर चेक करते रहने की सलाह दी जाती है. ताकि अगर ये कम हो जाए तो आप समय रहते जरूरी कदम उठाकर इसे बढ़ा सकें.