Canada Minimum Wage: कनाडा सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से फेडरल मिनिमम वेज 17.75 डॉलर से बढ़ाकर 18.15 डॉलर प्रति घंटा कर दिया है.तो जानिए किन कर्मचारियों को इसका फायदा मिलेगा और भारत के मुकाबले कनाडा में मजदूरी कितनी ज्यादा है.
1/8Canada Federal Minimum Wage Increase 2026: अगर आप कनाडा में नौकरी करते हैं, या वहां जाकर बसने का सपना देख रहे हैं या फिर आपका कोई रिश्तेदार वहां पर काम करते हैं, तो फिर यह खबर काम का हो सकती है कनाडा सरकार ने देश में महंगाई की मार झेल रहे मजदूरों और कर्मचारियों को हाल ही में बड़ा तोहफा दिया. यहां भी भारत की तरह से 1 अप्रैल, 2026 से कनाडा में संघीय न्यूनतम मजदूरी (Federal Minimum Wage) में बढ़ोतरी की.
2/8कनाडा सरकार हर साल महंगाई के आधार पर फेडरल मिनिमम वेज की रिव्यू करती है.असल में 2025 में देश में CPI में औसतन करीब 2.1% की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी.तो फिर अब इसी आधार पर वेतन बढ़ाया गया है ताकि कम आय वाले कर्मचारियों की परचेजिंग पॉवर बनी रहे.इस परकनाडा सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य बढ़ती महंगाई के बीच कर्मचारियों को फाइनेंशियल राहत देना है
3/8कनाडा के रोजगार और सामाजिक विकास विभाग (ESDC) की के मुताबिक, 1 अप्रैल, 2026 से न्यूनतम मजदूरी को 17.75 कनाडाई डॉलर से बढ़ाकर 18.15 कनाडाई डॉलर प्रति घंटा किया गया. मतलब कहें तो प्रति घंटे की कमाई में 40 सेंट का इजाफा किया गया है. प्रतिशत के हिसाब से देखें तो यह करीब 2.3% से 2.4% की बढ़ोतरी मानी जा सकती है.सुनने में यह आंकड़ा छोटा लग सकता है, लेकिन अगर कोई कर्मचारी महीने में 160 घंटे काम करता है, तो उसकी मासिक आय में अच्छी ग्रोथ हुई.
4/8कनाडा के संघीय न्यूनतम वेतन (Federal Minimum Wage) $18.15 प्रति घंटा के आधार पर,फुल टाइम कर्मचारी की सालाना ग्रॉस सैलरी करीब $37,752 (लगभग ₹26,30,854) होगी. मासिक आधार पर यह राशि लगभग $3,146 (लगभग ₹2,19,235) बनती है. टैक्स, पेंशन (CPP) और बीमा (EI) की कटौतियों के बाद, ओंटारियो जैसे प्रांत में आपकी अनुमानित इन-हैंड (Net) सैलरी सालाना करीब $31,122 (लगभग ₹21,68,771) या मासिक लगभग $2,593 (लगभग ₹1,80,698) रह जाएगी.(नोट: यह गणना एक उदाहारण के रूप में है,इसको पूरी तरह सही ना माना जाए)
5/8यहां यह समझना जरूरी है कि यह बढ़ोतरी कनाडा के हर एक वर्कर के लिए नहीं है.असल में यह केवल उन लोगों पर लागू होती है जो 'फेडरल रेगुलेटेड प्राइवेट सेक्टर्स' में काम करते है.जैसे बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज,टेलीकॉम और ब्रॉडकास्टिंग,एयरलाइंस और एविएशन,इंटर-प्रोविंशियल ट्रांसपोर्ट,पोस्टल और कूरियर सेवाएं लिस्ट में हैं. इसके साथ ही अगर किसी ऐसे प्रांत में काम कर रहे हैं जहां की न्यूनतम मजदूरी संघीय दर (18.15 डॉलर) से भी ज्यादा है, तो कंपनी को वही ज्यादा वाली दर देनी होगीय. कनाडा सरकार का नियम साफ है कि कर्मचारी का फायदा जहां ज्यादा हो, वही वेतन लागू होगा
6/8आपको बता दें कि हर साल कनाडा की सरकार अपनी महंगाई के आधार पर फेडरल मिनिमम वेज की रिव्यू करती है.जबकि 2025 में देश में CPI में औसतन करीब 2.1% की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी. तो फिर इसी आधार पर वेतन बढ़ाया गया है ताकि कम इनकम वाले कर्मचारियों की क्रय शक्ति बनी रहे.
7/8आपको बता दें अगर हम भारतीय मुद्रा में देखें तो फिर 18.15 कनाडाई डॉलर की कीमत मौजूदा एक्सचेंज रेट के हिसाब से लगभग ₹1000-1100 प्रति घंटा बैठती है. हालांकि वाकई कमाई टैक्स, काम के घंटे और स्थानीय खर्चों पर डिपेंड करती है.जबकि भारत में अलग-अलग राज्यों में न्यूनतम मजदूरी अलग होती है. कई राज्यों में अकुशल मजदूर की डेली इनकम अभी भी कुछ सौ रुपये परडे के आसपास है.तो ऐसे में कनाडा की मजदूरी भारतीयों के लिए काफी आकर्षक दिखाई देती है. जैसे कि भारत में एक फैक्ट्री वर्कर (बिना अनुभव) मुश्किल से 11,000 से 13,000 रुपये महीना कमा पाता है.लेकिन वहीं, इसके मुकाबले कनाडा में न्यूनतम मजदूरी पर काम करने वाला व्यक्ति भी महीने में करीब 1.5 लाख से 1.8 लाख रुपये (भारतीय मुद्रा के हिसाब से) आसानी से कमा सकता है.
8/8आमतौर पर ऐसा होता है कि भारतीयों के मन में यह रहता ही है कि आखिर कनाडा के मजदूरों को इतना पैसा कैसे मिल जाता है? तो इसके पीछे का कारण है,जीवन यापन की लागत (Cost of Living),मजबूत इकोनॉमी और डॉलर साथ ही सख्त लेबर लॉ(input:Canada.ca)