Compounding: क्या आप पहली बार इन्वेस्ट कर रहे हैं और जानना चाहते हैं कि आपका पैसा टाइम के साथ कैसे बढ़ सकता है? "कंपाउंडिंग" एक ऐसा ज़बरदस्त कॉन्सेप्ट है जो आपके इन्वेस्टमेंट को कई गुना बढ़ा सकता है. ये एक मैजिक की तरह है जहां आपका पैसा सिर्फ खुद ही नहीं कमाता, बल्कि उस कमाई से भी और पैसा कमाता है. आइए जानते हैं कंपाउंडिंग के 5 इम्पोर्टेंट रूल्स, जिन्हें आपको बिल्कुल मिस नहीं करना चाहिए.
1/5कंपाउंडिंग वो प्रोसेस है जहां आपके पैसे पर रिटर्न मिलता है, और वो रिटर्न भी आगे चलकर टाइम के साथ और रिटर्न बनाना शुरू कर देता है. आइए जानते हैं इससे जुड़ी 5 बातें.
2/5आप जितने ज़्यादा टाइम तक इन्वेस्टेड रहते हैं, कंपाउंडिंग उतनी ही पावरफुल होती जाती है. छोटी-छोटी अमाउंट भी अगर कई सालों तक बिना हाथ लगाए छोड़ दी जाएँ, तो बड़ी रकम बन सकती हैं.
3/5कंपाउंडिंग को काम करने के लिए, आपको अपनी कमाई जैसे डिविडेंड (dividends), इंटरेस्ट (interest) या कैपिटल गेन्स (capital gains) को फिर से इन्वेस्ट करना चाहिए, न कि उन्हें निकालना चाहिए.
4/5हर एक साल गुजरने के साथ-साथ आपकी कमाई में कुछ ना कुछ बढ़ोतरी जरूर होती है. आपको हर साल निवेश को भी थोड़ा-थोड़ा बढ़ाते रहना है, जिससे रिटायरमेंट तक आपके पास एक बड़ा कॉर्पस तैयार हो जाएगा.
5/5देर से स्टार्ट करने पर आपके पैसे को ग्रो करने के लिए कम टाइम मिलता है. जल्दी शुरू करना, भले ही छोटे अमाउंट के साथ हो, कंपाउंडिंग को आपके फेवर में काम करने के लिए ज़्यादा साल देता है.