7 financial planning formulas: 'सारे अंडे एक टोकरी में मत डालो' बात तो सही है. इसका मतलब ये है कि कभी भी अपने निवेश को सिर्फ एक ही जगह तक सीमित न रखें. अगर आप अपनी सैलरी का सही इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं और फाइनेंशियल प्लानिंग (Financial Planning) को नजरअंदाज कर रहे हैं, तो ये गलती आपको भारी पड़ सकती है. सही फाइनेंशियल प्लानिंग (Financial Planning) करना कोई रॉकेट साइंस नहीं है, बस आपको इसे सही समय पर शुरू करना है. चलिए, जानते हैं वो 7 आसान फॉर्मूले, जो पूरे इंडिया को अपने दिमाग में रट लेने चाहिए. आपकी कमाई को सिर्फ सेविंग्स ही नहीं, बल्कि कई गुना बढ़ाने में मदद करेंगे. इन टिप्स को अपनाने के बाद लोग खुद आकर पूछेंगे, "भाई, इतना पैसा कैसे बढ़ाया?"
1/7जब भी सैलरी आए, पहले बचत कीजिए. इसे एक नियम बना लीजिए. बचत के पैसों को सिर्फ जमा ना करें, उसे निवेश करिए, ताकि आपका पैसा बढ़े.
2/750% खर्चों के लिए, 30% सेविंग्स में, और 20% फन और आउटिंग के लिए. बजट बनाए रखने का यह सबसे बेहतरीन फॉर्मूला है.
3/720% डाउन पेमेंट, 4 साल का लोन टेन्योर, और 10% से ज्यादा सैलरी ईएमआई में न जाए. समझदारी से गाड़ी खरीदें.
4/7अपनी सैलरी का 10 गुना लाइफ इंश्योरेंस और मेडिकल इंश्योरेंस जरूर लें. यह आपको और आपके परिवार को आर्थिक तनाव से बचाएगा.
5/7EMI सैलरी के 30% तक होनी चाहिए. होम लोन की अवधि छोटी रखें ताकि ब्याज कम देना पड़े.
6/7इक्विटी और म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं तो 20-30% से ज्यादा ना लगाएं. निवेश को अलग-अलग जगह बांटें.
7/7हर महीने सैलरी का 3-5% इमरजेंसी फंड में डालें. यह संकट के समय काम आएगा.