रिटायरमेंट के बाद ज्यादातर बुजुर्गों की सबसे बड़ी चिंता पैसों की होती है. नौकरी खत्म होने के बाद आमदनी का कोई बड़ा साधन नहीं बचता, यही वजह है कि सीनियर सिटीजंस को रिटायरमेंट के बाद लोन आसानी से नहीं मिलता. लेकिन ऐसा नहीं है कि आपको 60 के बाद लोन मिल ही नहीं सकता. सीनियर सिटीजंस के लिए ऐसे तमाम विकल्प मौजूद हैं, जिनके जरिए आप उम्र के इस पड़ाव पर भी आसानी से पैसों का जुगाड़ कर सकते हैं. बैंक फटाफट आपकी लोन रिक्वेस्ट एक्सेप्ट करेंगे. यहां जानिए इस बारे में.
1/6अगर रिटायरमेंट के बाद आपको पेंशन मिल रही है तो आप पेंशन लोन स्कीम का फायदा उठा सकते हैं. PNB और SBI जैसे बड़े बैंक पेंशनर्स को स्पेशल लोन स्कीम देते हैं. इसे पर्सनल लोन की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है. 75 साल तक की उम्र वाले लोग इसके लिए एलिजिबल हैं. हालांकि इसमें बैंक की कुछ शर्तें जरूर शामिल होती हैं.
2/6सोना सिर्फ गहना ही नहीं बल्कि इमरजेंसी में काम आने वाली प्रॉपर्टी भी है. अचानक पैसों की जरूरत पड़े तो आप गोल्ड लोन ले सकते हैं. इसमें क्रेडिट स्कोर की चिंता नहीं करनी पड़ती और लोन की रकम सोने की वैल्यू पर तय होती है. गोल्ड लोन आमतौर पर पर्सनल लोन से सस्ता होता है और 18 से 75 साल तक की उम्र वाले लोग इसे आसानी से ले सकते हैं.
3/6सीनियर सिटीजंस अक्सर फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश करते हैं. जरूरत पड़ने पर उसी FD के खिलाफ लोन लिया जा सकता है. बैंक FD को सिक्योरिटी रखकर आमतौर पर 90-95% तक लोन दे देते हैं. इसमें ब्याज दर FD की ब्याज दर से 1-2% ज्यादा होती है. ये लोन पर्सनल लोन से किफायती होता है.
4/6अगर बैंक लोन देने से मना कर दे या शर्तें पूरी न हों तो NBFC से लोन लिया जा सकता है. NBFC क्रेडिट स्कोर और उम्र को लेकर बैंक जितना सख्त नहीं होते. हालांकि इनका ब्याज रेट ज्यादा होता है. जरूरत पड़ने पर ये भी अच्छा विकल्प साबित हो सकता है.
5/6FD पर लोन पर्सनल लोन से सस्ता पड़ता है और ब्याज दर आमतौर पर FD की ब्याज दर से 1–2% ज्यादा होती है.
6/6हां, कुछ बैंक सीनियर सिटीजंस को होम लोन देते हैं, लेकिन इसके लिए पेंशन, अन्य इनकम सोर्स और को-एप्लिकेंट (जैसे बच्चे) जरूरी होते हैं.