SIP मार्केट लिंक्ड स्कीम है. ये तेजी से पैसा तो बनाती है, लेकिन आपकी छोटी-छोटी गलतियां इसमें आपका नुकसान भी करा सकती हैं. अगर आप SIP में निवेश करना चाहते हैं या करने के बारे में सोच रहे हैं तो आपको इससे जुड़ी कुछ बातों को जरूर समझ लेना चाहिए ताकि आप इससे ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमा सकें और अपने बैंक अकाउंट को पैसों से भर सकें.
1/10एसआईपी हो या कोई और स्कीम, निवेश का पहला रूल कहता है कि आपको इस बारे में ये पता जरूर होना चाहिए कि आप किस मकसद से निवेश कर रहे हैं. तभी आप ये तय कर पाएंगे कि पैसा लॉन्ग टर्म के लिए लगाया जाए या शॉर्ट टर्म या मिड टर्म के लिए. SIP के मामले में भी ये नियम लागू होता है. लक्ष्य के हिसाब से लंबी या छोटी अवधि के लिए एसआईपी शुरू करें और लक्ष्य के अनुसार ही फंड का चुनाव करें.
2/10म्युचुअल फंड गारंटीड रिटर्न वाली स्कीम नहीं है, ये मार्केट लिंक्ड स्कीम है, इसलिए इसमें निवेश करने से पहले उसके जोखिम को समझना बहुत जरूरी है. हर फंड का जोखिम स्तर अलग होता है, इसलिए अपने जोखिम सहनशीलता के अनुसार ही फंड चुनें.
3/10किसी भी जगह पर निवेश करने से पहले अच्छे से रिसर्च करना चाहिए. आप SIP में निवेश करते वक्त फंड के पिछले प्रदर्शन को जरूर देखें. इससे आपको फंड की स्थिरता और प्रबंधन की गुणवत्ता का अंदाजा लग सकता है.
4/10एक अच्छे फंड मैनेजर के पास बाजार की अच्छी समझ होती है और वो आपके निवेश को सही दिशा में ले जा सकता है. इसलिए फंड मैनेजर की योग्यता और अनुभव इसमें काफी मायने रखता है. इसके अलावा म्युचुअल फंड में जब भी आप SIP के जरिए निवेश शुरू करें तो पहले उसके उसके खर्च और चार्जेज वगैरह के बारे में जरूर पता कर लें. कुछ फंड में हाई चार्जेज होते हैं जो आपके रिटर्न को प्रभावित कर सकते हैं.
5/10एक कहावत है कि सारे अंडे कभी भी एक टोकरी में नहीं रखने चाहिए. निवेश के मामले में भी ये नियम काम करता है. अपने निवेश को लार्ज-कैप, मिड-कैप और स्मॉल-कैप फंड जैसे तमाम तरह के फंडों में बांटें इससे जोखिम कम होता है और आपके निवेश की सुरक्षा बढ़ती है.
6/10बाजार में गिरावट आपके लिए एक अवसर है. इस समय अपनी SIP को रोकने की गलती न करें. गिरावट के दौरान, आपको उसी राशि में अधिक म्यूचुअल फंड यूनिट्स मिलती हैं, जो लंबी अवधि में आपके रिटर्न को बढ़ा सकती हैं.
7/10अगर आप एसआईपी से ज्यादा से ज्यादा रिटर्न प्राप्त करना चाहते हैं, तो आप समय-समय पर अपने एसआईपी में टॉप-अप कर सकते हैं. इससे आप निवेश पर चक्रवृद्धि ब्याज का ज्यादा से ज्यादा फायदा ले पाएंगे.
8/10एसआईपी में निवेश करते समय अनुशासित रहना बहुत जरूरी है. बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद, आपको नियमित रूप से निवेश करते रहना चाहिए. तभी आपको रुपी कॉस्ट एवरेजिंग का पूरा फायदा मिल पाता है.
9/10हर 6-12 महीने में अपने SIP पोर्टफोलियो की समीक्षा करें. ये सुनिश्चित करने के लिए कि आपके फंड आपके वित्तीय लक्ष्यों के अनुरूप प्रदर्शन कर रहे हैं. अगर कोई फंड लगातार खराब प्रदर्शन कर रहा है, तो आप उसे बदलने पर विचार कर सकते हैं.
10/10अगर आपको किसी तरह का कन्फ्यूजन है या आप अपने लिए सही फंड का चुनाव नहीं कर पा रहे हैं तो किसी से सुनकर निवेश न करें, एक्सपर्ट से सलाह लें. इससे आपको सही मार्गदर्शन मिलेगा.