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खरीदने से पहले फंड, बीमा की सटीक जानकारी रखें. इससे सही जानकारी से मिस सेलिंग का शिकार नहीं होंगे. (पिक्साबे)
personal finance: पर्सनल फाइनेंस (personal finance) एक ऐसा विषय है जिसमें सही जानकारी और सही निवेश बहुत मायने रखते हैं. ऐसे में फाइनेंशियल प्रोडक्ट के बारे में सही जानकारी लेने से आपका निवेश सही दिशा में होगा और आपको नुकसान नहीं होगा. निवेश को लेकर अपने अधिकार के बारे में जानना भी बेहद जरूरी है. आइए इस बारे में यहां ऑप्टिमा मनी के एमडी पंकज मथपाल से विस्तार से समझने की कोशिश करते हैं.
1)
फाइनेंशियल प्रोडक्ट की सही जानकारी
खरीदने से पहले फंड, बीमा की सटीक जानकारी रखें
सही जानकारी से मिस सेलिंग का शिकार नहीं होंगे
फंड मैनेजर/एजेंट की फीस के बारे में जानें
म्यूचुअल फंड एजेंट के कमीशन की जानकारी अकाउंट स्टेटमेंट में
यूलिप पॉलिसी कमीशन की जानकारी प्रपोजल फॉर्म में
सेबी और IRDAI से फाइनेंशियल संबंधित जानकारी ले सकते हैं
2)
शेयर खरीदने पर कॉन्ट्रैक्ट नोट मिलना
शेयर ट्रेडिंग के 24 घंटे के अंदर कॉन्ट्रैक्ट नोट मिलना जरूरी
ब्रोकर से अकाउंट स्टेटमेंट 4 महीनें में एक बार मिलना चाहिए
निवेशक अपना डीमैट अकाउंट जरूर चेक करें
सेबी के आदेश के अनुसार PoA अनिवार्य नहीं है
PoA- पॉवर ऑफ अटॉर्नी
3)
बैंकिंग फ्रॉड होने पर जीरे लायबिलिटी
थर्ड पार्टी फ्रॉर्ड होने पर कस्टमर जिम्मेदार नहीं
संदिग्ध ट्रांसैक्शन होने पर 3 दिन के अंदर बैंक को बताएं
अगर कस्टमर की लापरवाही, कस्टमर की जिम्मेदारी
बैंक में शिकायत करने के बाद एक्शन नहीं, तो बैंक जिम्मेदार
4)
इंश्योरेंस क्लेम करने का अधिकार
इंश्योरेंस एक्ट के सेक्शन 45 में क्लेम के अधिकार
पॉलिसी के 3 साल होने के बाद कंपनी क्लेम मना नहीं कर सकती
बीमा कंपनी पॉलिसी देने के पहले 3 साल तक पॉलिसी कैंसिल कर सकती है
पॉलिसी होल्डर की जानकारी में अनियमतताएं होने पर क्लेम कैसिंल हो सकता है
कर्तव्य
1)
समय पर टैक्स देना
फंडामेंटल ड्यूटी में शामिल
टैक्स की रकम इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ानें में काम आती है
टैक्स चोरी करने पर भारी पेनल्टी लग सकती है
टैक्स की देनदारी सही समय पर खत्म करनी चाहिए
2)
समय पर किश्त/प्रीमियम भरना
लोन, क्रेडिट कार्ड की किश्त समय पर भरें
क्रेडिट कार्ड पेमेंट डिफॉल्ट पर भारी पेनल्टी
समय पर लोन न चुकाने से डेट ट्रैप में फंस सकते हैं
EMI डिफॉल्ट से क्रेडिट स्कोर खराब होगा
प्रीमियम को समय से भरें
प्रीमियम मिस किया तो पॉलिसी लैप्स होने का खतरा
3)
अपनी सही जानकारी देना
फाइनेंशियल दस्तावेज में जानकारी न छिपाएं
हेल्थ पॉलिसी लेते वक्त सही जानकारी दें
गलत जानकारी देने से पॉलिसी रिजेक्ट हो सकती है
पॉलिसी फॉर्म खुद देखकर भरें
डॉक्यूमेंट पर सोच-समझकर साइन करें
4)
नॉमिनी का नाम देना
अपने बैंक अकाउंट, बीमा, PF आदि में नॉमिनी लिखें
नॉमिनी परिवार का करीबी सदस्य बनाएं
वसीयत बनाते वक्त नॉमिनी सोच-समझकर रखें
इन्वेस्टमेंट प्लानिंग में नॉमिनी न रखने पर लीगल दिक्कतें आ सकती हैं
अनुशासन
सफल निवेश के लिए अनुशासन जरूरी
नियमित निवेश लंबी अवधि के लिए फायदेमंद
वित्तीय अनुशासन फाइनेंशियल प्लानिंग से भी अहम
निवेश से मुनाफा कमाना फाइनेंशियल प्लानिंग का हिस्सा
बजट बनाना, नियमित रूप से निवेश करना वित्तीय अनुशासन
SIP से अनुशासन
निवेश का अनुशासन लाता है SIP, RD आदि
SIP से छोटी-छोटी बचत की आदत पड़ती है
जल्दी और अनुशासित निवेश से कम्पाउंडिंग का फायदा
₹1000/महीना SIP 9% अनुमानित दर से 10 साल में ₹1.90 लाख
₹1000/महीना नियमित निवेश 30 साल में ₹18.40 लाख बनेंगे
प्रतिबद्धता
पहली सैलेरी से ही बचत करना जरूरी
सैलेरी का कुछ हिस्सा निवेश करने के लिए प्रतिबद्ध रहें
निवेश में एक बार कमिटमेंट कर ली फिर अपनी भी न सुनें
SIP कभी भी बीच में न रोकें
आय बढ़ने पर निवेश भी बढ़ाएं
निवेश नीति से प्रतिबद्दता
अपने लक्ष्यों की लिस्ट बनाएं
हर लक्ष्य के साथ एक निवेश नीति बनाएं
1 लक्ष्य = 1 SIP का फंडा अपनाएं
हर लक्ष्य को एक नाम दें
रिटायरमेंट, बच्चों की पढ़ाई, शादी के नाम SIP करें
किसी भी SIP को दूसरे लक्ष्य की तरफ डायवर्ट न करें
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धैर्य
मार्केट के उतार-चढ़ाव से न घबराएं
निवेश में धैर्य और ध्यान को अपनाएं
छोटी अवधि में नेगेटिव रिटर्न से निराश न हों
लंबी अवधि के निवेश में धैर्य की अहम भूमिका
SIP निवेश में सब्र का फल मुनाफा होता है
धैर्य से लंबा सफर
इक्विटी फंड में लंबी अवधि का निवेश लक्ष्य रखें
निवेश जितना लंबा समय के लिए निवेश करेंगे, रिटर्न उतना ही बेहतर होगा
लंबी अवधि का लक्ष्य होने से बाजार के उतार चढ़ाव का ज्यादा असर नहीं
लॉन्ग टर्म SIP से मैक्सिमम और मिनिमम रिटर्न का अंतर कम हो जाता है