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रिटायरमेंट के बाद सबसे बड़ी परेशानी होती है आमदनी का बंद हो जाना, जबकि खर्चे वैसे ही चलते रहते हैं. नौकरी के दौरान हर महीने सैलरी आ जाती है, लेकिन रिटायर होने के बाद अगर कोई पक्का इनकम सोर्स न हो, तो फाइनेंशियल प्रेशर बढ़ने लगता है. ऐसे में Passive Income एक बेहतरीन समाधान बनकर सामने आती है.
पैसिव इनकम का मतलब है ऐसी कमाई, जिसमें बार-बार मेहनत नहीं करनी पड़ती और हर महीने या तय समय पर पैसा आता रहता है. आइए बताते हैं कि पैसिव इनकम क्या होती है और रिटायरमेंट के बाद रेगुलर इनकम कराने के लिए पैसिव इनकम के कौन से 5 तरीके सबसे भरोसेमंद साबित हो सकते हैं.
Passive Income यानी ऐसी आमदनी जो आपको रोज़ या बार-बार काम किए बिना मिलती रहे. शुरुआत में थोड़ी प्लानिंग या निवेश करना पड़ता है, लेकिन उसके बाद इनकम अपने आप आती रहती है. जैसे किराए से मिलने वाला पैसा, सरकारी स्कीम्स का ब्याज, डिविडेंड या पेंशन जैसी इनकम. रिटायरमेंट के बाद फाइनेंशियल सिक्योरिटी के लिए ये सबसे अहम मानी जाती है.
SCSS रिटायर लोगों के लिए सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश विकल्पों में से एक है. ये पूरी तरह सरकारी गारंटी वाली स्कीम है, जिसमें निवेश पर नियमित इनकम मिलती है.
इस स्कीम की सबसे बड़ी खासियत ये है कि ब्याज हर तिमाही सीधे आपके खाते में जमा होता है. साथ ही टैक्स बेनिफिट भी मिलता है.
अगर आपके पास फ्लैट, मकान या दुकान है, तो उसे किराए पर देना रिटायरमेंट के बाद रेगुलर इनकम का मजबूत जरिया बन सकता है.
लॉन्ग टर्म में ये तरीका काफी स्थिर और फायदेमंद साबित होता है.
अगर आप थोड़ा रिस्क लेने को तैयार हैं, तो डिविडेंड देने वाले शेयर और म्यूचुअल फंड्स से अच्छी पैसिव इनकम बनाई जा सकती है.
ये विकल्प उन लोगों के लिए बेहतर है, जो रिटायरमेंट के बाद भी अपने पैसों को बढ़ते देखना चाहते हैं.
Post Office MIS उन लोगों के लिए सही है जो रिस्क से दूर रहना चाहते हैं और हर महीने तय इनकम चाहते हैं.
इस स्कीम में पैसा सुरक्षित रहता है और हर महीने ब्याज आपके खाते में आता है.
अगर आप चाहते हैं कि रिटायरमेंट के बाद हर महीने पेंशन की तरह पैसा मिलता रहे, तो Annuity Plan एक अच्छा विकल्प है. इसमें आप एकमुश्त रकम जमा करते हैं और बदले में जीवनभर फिक्स इनकम मिलती है. इनकम कितनी होगी, ये आपके निवेश और चुने गए प्लान पर निर्भर करता है.
क्योंकि इससे बिना नौकरी के भी रेगुलर कमाई होती रहती है और खर्चों को संभालना आसान हो जाता है.
SCSS और पोस्ट ऑफिस MIS सबसे सुरक्षित माने जाते हैं.
हां, सही किरायेदार और एग्रीमेंट होने पर ये अच्छी और स्थिर इनकम देती है.
अगर थोड़ा रिस्क ले सकते हैं और सही फंड चुनते हैं, तो डिविडेंड इनकम के लिए ये ठीक विकल्प हो सकता है.