Old Pension की 'घर वापसी'! 2004 के बाद भर्ती अफसरों को भी मिलेगा OPS का फायदा, केंद्र ने जारी किया नया नियम

यह नोटिफिकेशन एक बड़ा संदेश है कि सरकार 'सोशल सिक्योरिटी' के मोर्चे पर पीछे नहीं हटना चाहती. इसका मुख्य कारण है 'कठिन सेवा शर्तें'. IAS-IPS अधिकारी अक्सर जोखिम भरे क्षेत्रों में काम करते हैं. सरकार चाहती है कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करने वाले इन अधिकारियों को यह भरोसा रहे कि उनके न रहने पर उनके परिवार को 'पुरानी पेंशन' जैसी निश्चित वित्तीय सुरक्षा मिलेगी.
Old Pension की 'घर वापसी'! 2004 के बाद भर्ती अफसरों को भी मिलेगा OPS का फायदा, केंद्र ने जारी किया नया नियम

पुरानी पेंशन (OPS) में अंतिम सैलरी का 50% पेंशन की गारंटी होती है और महंगाई भत्ता (DA) भी बढ़ता है. (प्रतीकात्मक फोटो)

क्या 2004 के बाद सरकारी सेवा में आए अधिकारियों के लिए 'पुरानी पेंशन योजना' (OPS) का दरवाजा पूरी तरह बंद हो चुका है? अगर आप ऐसा सोचते हैं, तो ठहरिए!

केंद्र सरकार के ताज़ा गजट नोटिफिकेशन ने एक ऐसी जानकारी साझा की है जो लाखों सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए 'संजीवनी' से कम नहीं है.

22 अप्रैल 2026 को जारी नए नियमों के मुताबिक, NPS के दौर में भी पुरानी पेंशन (OPS) का विकल्प अभी भी मौजूद है. सरकार ने इसके लिए बाकायदा एक 'फॉर्म-1' (Form 1) जारी किया है.

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आखिर किन परिस्थितियों में और कैसे 2004 के बाद वाले अफसरों को भी पुरानी पेंशन का फायदा मिलेगा? आइए, इस नियम को समझते हैं.

NPS के बीच कैसे मिलेगी 'पुरानी पेंशन' (OPS)? पहले ये समझिए

  • बड़ा खुलासा: नियम 10 (Rule 10) के तहत NPS कर्मचारियों को भी मिल सकता है 1958 के पुराने पेंशन नियमों का लाभ.
  • विकल्प का मौका: जॉइनिंग के समय ही कर्मचारियों को NPS या पुरानी पेंशन (मृत्यु/अस्वस्थता की स्थिति में) के बीच चुनाव करना होगा.
  • फॉर्म-1 (Form 1): यह वो 'जादुई फॉर्म' है जो भविष्य में आपके परिवार को पुरानी पेंशन का हकदार बनाएगा.
  • डिफॉल्ट नियम: अगर कर्मचारी विकल्प चुनना भूल जाता है, तो भी पहले 15 साल तक सरकार उसे 'पुरानी पेंशन' के दायरे में ही रखेगी.
  • किसे मिलेगा फायदा: यह नियम IAS, IPS और IFS अधिकारियों के लिए नोटिफाई हुआ है, लेकिन यह केंद्रीय सेवाओं के लिए आधार बनता है.

1. क्या 2004 के बाद भर्ती हुए लोगों को OPS मिल सकता है?

जवाब: तकनीकी रूप से 'हां'. नए गजट के नियम 10 के अनुसार, अगर सेवा के दौरान किसी अधिकारी की मृत्यु हो जाती है या वह शारीरिक/मानसिक अस्वस्थता (Invalidation) के कारण रिटायर होता है, तो उसे या उसके परिवार को पुरानी पेंशन (OPS) चुनने का अधिकार दिया गया है.

2. इसके लिए कर्मचारी को क्या करना होगा?

जवाब: हर अधिकारी को सेवा जॉइन करते समय 'प्ररूप 1' (Form 1) भरना अनिवार्य होगा. इस फॉर्म में आपको यह स्पष्ट करना होगा कि किसी अनहोनी की स्थिति में आप NPS का जमा पैसा (Corpus) चाहते हैं या 1958 के नियमों वाली 'पुरानी पारिवारिक पेंशन'.

3. अगर मैंने कोई विकल्प नहीं चुना, तो क्या होगा?

जवाब: सरकार ने यहां बड़ी राहत दी है. अगर कोई अधिकारी विकल्प चुनना भूल जाता है और उसकी सेवा के पहले 15 साल के भीतर मृत्यु हो जाती है, तो उसे डिफ़ॉल्ट रूप से पुरानी पेंशन (OPS) का फायदा दिया जाएगा. 15 साल के बाद NPS प्रभावी होगा.

4. क्या रिटायरमेंट के बाद भी OPS मिल सकती है?

जवाब: नहीं, सामान्य रिटायरमेंट (Superannuation) पर NPS ही लागू रहेगा. यह विशेष 'OPS विकल्प' केवल सेवा के दौरान मृत्यु या गंभीर बीमारी/विकलांगता (Invalidation) के कारण बाहर होने वाले मामलों के लिए है.

5. पुरानी पेंशन और NPS के फायदों में क्या अंतर है?

जवाब: पुरानी पेंशन (OPS) में अंतिम सैलरी का 50% पेंशन की गारंटी होती है और महंगाई भत्ता (DA) भी बढ़ता है. वहीं, NPS में मार्केट के रिटर्न पर निर्भर रहना पड़ता है. इसीलिए मृत्यु या विकलांगता की स्थिति में सरकार ने सुरक्षा कवच के तौर पर OPS का रास्ता खुला रखा है.

पेंशन नियमों का नया गणित (AIS Rules 2026)

परिस्थितिक्या मिलेगा? (विकल्प A)क्या मिलेगा? (विकल्प B)
सेवा के दौरान मृत्यु1958 के नियम (पुरानी पेंशन)NPS कॉर्पस + ब्याज
विकलांगता/अस्वस्थताआजीवन पुरानी पेंशनNPS का पैसा
सामान्य रिटायरमेंटलागू नहींकेवल NPS का फायदा
जरूरी दस्तावेजफॉर्म 1 (Form 1)फॉर्म 1 (Form 1)

काम की बात: आपके लिए इसके क्या मायने हैं?

यह नोटिफिकेशन एक बड़ा संदेश है कि सरकार 'सोशल सिक्योरिटी' के मोर्चे पर पीछे नहीं हटना चाहती. 2004 के बाद वाले बैच के लिए यह सबसे बड़ी चिंता थी कि अगर उन्हें कुछ हो गया, तो परिवार का क्या होगा? अब:

1. आपका परिवार मार्केट के उतार-चढ़ाव (NPS) के भरोसे नहीं रहेगा.
2. पुरानी पेंशन की निश्चितता एक बड़ा 'मेंटल सुकून' है.
3. चेतावनी: सुनिश्चित करें कि आपके 'सर्विस रिकॉर्ड' में आपका चुना हुआ विकल्प (Form 1) अपडेटेड है, वरना क्लेम के समय कानूनी पेचीदगियां आ सकती हैं.

सरकार ने यह विकल्प क्यों दिया?

इसका मुख्य कारण है 'कठिन सेवा शर्तें'. IAS-IPS अधिकारी अक्सर जोखिम भरे क्षेत्रों में काम करते हैं. सरकार चाहती है कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करने वाले इन अधिकारियों को यह भरोसा रहे कि उनके न रहने पर उनके परिवार को 'पुरानी पेंशन' जैसी निश्चित वित्तीय सुरक्षा मिलेगी.

आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1 क्या यह नियम अन्य केंद्रीय कर्मचारियों (जैसे रेलवे या बैंक) पर भी लागू है?

यह विशेष नोटिफिकेशन AIS (IAS/IPS/IFS) के लिए है, लेकिन आमतौर पर DoPT के ऐसे नियम भविष्य में अन्य केंद्रीय सिविल सेवाओं के लिए मॉडल के रूप में अपनाए जाते हैं.

Q2 क्या मैं अपना विकल्प बाद में बदल सकता हूं?

हां, नियम के अनुसार आप रिटायरमेंट से पहले कितनी भी बार अपना विकल्प संशोधित (Revise) कर सकते हैं.

Q3 अगर अधिकारी को बर्खास्त (Dismiss) किया जाए, तो क्या होगा?

ऐसे मामलों में पुरानी पेंशन नहीं मिलेगी. उसके NPS खाते में जो पैसा जमा है (Corpus), वह उसे मिल जाएगा. लेकिन यह भुगतान 'समय से पहले बाहर निकलने' (Exit before superannuation) के नियमों के तहत होगा. इसका मतलब है कि उसे एक हिस्सा एकमुश्त (Lump sum) मिलेगा और बाकी हिस्से से पेंशन (Annuity) शुरू होगी, जैसा कि PFRDA के नियमों में तय है.

Q4 क्या पेंशन पर टैक्स लगेगा?

पुरानी पेंशन नियमों के तहत मिलने वाली 'पारिवारिक पेंशन' पर इनकम टैक्स के मौजूदा नियमों के अनुसार छूट मिलती है.

Q5 फॉर्म-2 क्या है?

फॉर्म-1 में आप पेंशन का 'टाइप' चुनते हैं, और फॉर्म-2 में आप अपने 'परिवार का विवरण' देते हैं जिन्हें फायदा मिलना है.

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