&format=webp&quality=medium)
आमतौर पर लोग रिटायमेंट की प्लानिंग समय रहते ही करते हैं, और इसके लिए NPS यानी नेशनल पेंशन सिस्टम का ऑप्शन चुनते हैं.आज लगभग हर किसी के लिए NPS रिटायरमेंट प्लानिंग का एक अहम हिस्सा बन चुका है.एनपीएस में निवेशकों की पहचान और मैनेजमेंट एक खास नंबर के जरिए होती है, जिसको PRAN (Permanent Retirement Account Number) कहते हैं.
PRAN यानी परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर, NPS में निवेश करने वाले हर व्यक्ति के लिए जरूरी होता है. ये एक प्रकार से 12 अंकों की यूनिक आईडी होती है, जिसको निवेशक का पूरा रिटायरमेंट खाता संचालित होता है. PRAN के जरिए आप अपने फंड को घर बैठे आसानी से ट्रैक भी कर सकते हैं, वैसे बिना PRAN के बिना ना तो खाता खुलता है और ना ही कोई लेन-देन संभव होता है,तो इसलिए इसे बनवाना जरूरी होता है.
1. nps का एप डाउनलोड करके होम स्क्रीन पर “Invest in NPS” पर टैप करें या “More” टैब से NPS पर जाएं
2. फिर अपनी जन्मतिथि आदि जरूरी जानकारी भरें.
3. फंड मैनेजर को चुनें और “Invest” पर क्लिक करिए.
4. अपने हिसाब से निवेश की अवधि सेट करें और “Register ” को सेट करेंय
5. अमाउंट और चार्जेस कन्फर्म करें और अपना PAN नंबर वेरीफाई करें.
6. नेट बैंकिंग से EasyPay या बैंक मैंडेट सेट करें.
इस तरह से कुछ सिंपल से स्टेप्स को फॉलो करके आप घर बैठे PRAN नंबर जनरेट करवा सकते हैं और फिर उसकी PDF कॉपी आपको मेल व SMS से मिल जाती है. जबकि फिजिकल PRAN किट 20 दिनों के अंदर आपके घर के पते पर भेजी जाती है।
1. आप अपने नजदीकी NPS POP (Point of Presence) पर जाएं.
2. इसके बाद आप सब्सक्राइबर रजिस्ट्रेशन फॉर्म (CSRF) लीजिए.
3. अपने फॉर्म रो भरें और डॉक्यूमेंट्स जैसे आधार, PAN, कैंसिल चेक, फोटो आदि लगाएं.
4. फिर फॉर्म जमा करें और इसका पेमेंट करें (कैश, चेक या डिमांड ड्राफ्ट).
ऑफलाइन सारा वेरिफिकेशन करने के बाद आपका PRAN SMS और ईमेल के जरिए भेजा जाता और कार्ड 20 दिनों के अंदर पोस्ट से आपके पते पर आएगा.
अगर आपको PRAN किट नहीं मिला है, तो आप CRA की वेबसाइट ([http://www.npscra.nsdl.co.in](http://www.npscra.nsdl.co.in)) पर जाएं और "Track the status of the PRAN Card" ऑप्शन से स्टेटस चेक करें.
PRAN एनपीएस में एक यूनिक पहचान के रूप में काम करता है. बिना PRAN के आप निवेश स्टेट्स चेक नहीं कर सकते हैं. इसके साथ ही NPS पोर्टल पर लॉगिन करने के लिए यूजर ID के रूप में काम आता है. इसके अलावा नौकरी या शहर बदलने पर भी PRAN एक ही रहता है.