&format=webp&quality=medium)
NPS Contribution Limit Increase: बीते मंगलवार 23 जुलाई को NDA सरकार का पहला पूर्ण बजट पेश किया गया. इस बजट में NPS में भी कुछ बदलाव किए जाने का ऐलान किया गया. नए नियम के मुताबिक नेशनल पेंशन सिस्टम (National Pension System) के तहत अब एम्प्लॉयर कर्मचारियों की बेसिक सैलरी से 10 प्रतिशत की जगह 14 प्रतिशत तक कटौती करेंगे. यानी जो नौकरीपेशा अब तक इस स्कीम में 10% योगदान करते थे, उन्हें अब 14 प्रतिशत का योगदान करना होगा. इससे उन पर क्या असर पड़ेगा. आइए 50,000 रुपए की सैलरी पर समझते हैं कैलकुलेशन.
मान लीजिए कि आपकी सैलरी 50,000 रुपए है तो अब 14 प्रतिशत के हिसाब से आपको NPS में 7,000 रुपए का हर महीने योगदान देना था, जबकि पहले 10% के हिसाब से आप 5,000 रुपए का योगदान देते थे. इस तरह से आप पर 2,000 रुपए का अतिरिक्त भार आ जाएगा. हालांकि फ्यूचर के लिहाज से देखें तो इसमें आपका फायदा ही है, ज्यादा योगदान करेंगे तो रिटायरमेंट पर ज्यादा कॉर्पस जमा कर पाएंगे और पेंशन भी ज्यादा ले पाएंगे. हालांकि मंथली बजट को मैनेज करने के लिए आपके सामने कुछ चैलेंज आ सकते हैं क्योंकि मिडिल क्लास के जरूरी खर्चे उसकी सैलरी से चलते हैं. ऐसे में आपको अपने खर्चों को मैनेज करने की जरूरत पड़ सकती है.
50,000 रुपए की सैलरी पर अगर आप हर महीने 14% का योगदान देते हैं तो 7,000 रुपए के हिसाब से आपको कुल कितना पैसा रिटायरमेंट पर मिलेगा और कितनी पेंशन मिलेगी? ये सवाल दिमाग में आना लाजमी है. कैलकुलेशन से समझिए- मान लीजिए कि आपकी उम्र 28 साल है और आपकी सैलरी 50,000 रुपए. आपने हर महीने 14 प्रतिशत के हिसाब से इस स्कीम में 7,000 रुपए निवेश किए और इस इन्वेस्टमेंट को 60 साल की उम्र तक जारी रखा. ऐसे में 32 सालों में आपका कुल निवेश 26,88,000 रुपए का होगा.
10% रिटर्न के हिसाब से कैलकुलेट करें तो आपका कुल कॉर्पस 1,96,58,348 रुपए हुआ. इस रकम का 60% आपको रिटायरमेंट फंड के तौर पर मिल जाता है. ऐसे में 1,96,58,348 रुपए का 60 फीसदी 1,17,95,008 रुपए हुआ जो आपको 60 की उम्र पर रिटायरमेंट फंड के तौर पर मिलेगा. इसमें से 40% यानी 78,63,340 रुपए एन्युटी में जाएंगे. 6% का एन्युटी रेट मानकर कैलकुलेट करें तो 60 की उम्र पर आपको हर महीने 39,317 रुपए पेंशन के तौर पर मिलेंगे.