नोटिस पीरियड पूरा किए बिना छोड़ी नौकरी तो क्या होगा? क्या रुक जाएगी सैलरी या फिर आप पर होगा एक्शन? यहां समझें कानून

क्या आपको भी 90 दिनों का नोटिस पीरियड बोझ लगता है? तो जानिए भारत में नोटिस पीरियड से जुड़े कानूनी नियम क्या हैं. क्या कंपनी आपको जबरदस्ती रोक सकती है या आपका एक्सपीरियंस लेटर और सैलरी रोक सकती है? नौकरी छोड़ने से पहले अपने अधिकारों और कॉन्ट्रेक्ट की शर्तों को समझना क्यों जरूरी है, यहां विस्तार से जानें.
नोटिस पीरियड पूरा किए बिना छोड़ी नौकरी तो क्या होगा? क्या रुक जाएगी सैलरी या फिर आप पर होगा एक्शन? यहां समझें कानून

 नौकरी छोड़ने से पहले अपने अधिकारों और कॉन्ट्रेक्ट की शर्तों को समझना क्यों जरूरी है (प्रतीकात्मक फोटो/AI-ChatGpt)

नौकरी छोड़ना सुनने में भले ही सिंपल लगे, लेकिन यह केवल एक कागजी फैसला नहीं होता है.असल में इसके साथ नई नौकरी की खुशी तो होती ही है, लेकिन साथ ही लंबा नोटिस पीरियड पूरा करने, काम का हैंडओवर देने और जल्दी राहत पाने की बातचीत का टेंशन भी साथ में होता है.

अक्सर जल्दी से अपनी नई नौकरी जॉइन करने के चक्कर में कर्मचारियों के मन में ये एक सवाल जरूर आता है कि क्या सच में 30, 60 या 90 दिनों का नोटिस पूरा करना जरूरी ही होता और अगर पूरा नहीं किया तो फिर क्या हो सकता है? तो एक बात समझ लें कि इसका जवाब उतना सीधा नहीं है जितना दिखता है

नोटिस पीरियड को लेकर कानून क्या कहता है?

एडवोकेट अकाश बाजपेयी ने बताया है कि नोटिस पीरियड मुख्य रूप से आपके अपॉइंटमेंट लेटर पर निर्भर करता है.अगर आपने अपॉइंटमेंट लेटर के रूल्स को फॉलो किए बिना नोटिस पीरियड को फॉलो नहीं किया तो एक्शन हो सकता है.कंपनी एनओसी रोक सकती है, रिलीविंट लेटर रोक सकती है, लेकिन ये सब एक्शन तभी होगें तब अपॉइंटमेंट लेटर में मेंशन होगा.

भारत सरकार नहीं तय करता है नोटिस पीरियड?

आपको बता दें कि भारत में कानून सभी कर्मचारियों के लिए एक जैसा नोटिस पीरियड तय नहीं करता. ज्यादातर मामलों में, यह जिम्मेदारी आपके एम्प्लॉयमेंट कॉन्ट्रेक्ट (नौकरी के समझौते) या अपॉइंटमेंट लेटर से तय होती है, न कि सीधे किसी सरकारी कानून से. इसका मतलब है कि जॉइनिंग के समय आपके और कंपनी के बीच जो बातें तय हुई थीं, वही सबसे ज्यादा मायने रखती हैं.

यानी प्राइवेट सेक्टर के ज्यादातर कर्मचारियों के लिए नोटिस पीरियड इस बात से तय होता है कि उन्होंने जॉइनिंग के वक्त किस पेपर पर साइन किए थे, न कि किसी फिक्स कानूनी नियम से.

न्यू वेज कोड में क्या हैं नोटिस पीरियड के कानून?

आपको बता दें कि नए लेबर कोड (श्रम कानून) भी इसी बात का समर्थन करते हैं. जी हां नए लेबर कोड्स, खासकर इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड 2020 और कोड ऑन वेजेस 2019 के तहत, नोटिस पीरियड की शर्त सभी कैटेगरी के कर्मचारियों के लिए कानूनी रूप से जरूरी नहीं है. ज्यादातर कर्मचारियों के लिए नोटिस पीरियड उनके एम्प्लॉयमेंट कॉन्ट्रेक्ट के हिसाब से ही चलता है.

अगर आप नोटिस पीरियड पूरा नहीं करते हैं तो क्या होगा?

कई कर्मचारियों को लगता है कि नोटिस पीरियड स्किप करने से वे किसी कानूनी पचड़े या क्रिमिनल केस में फंस सकते हैं.जबकि असलियत में, इसके नतीजे काफी लिमिटेड और कंपनी के रूल्स पर ही होते हैं

अगल आप नोटिस पीरियड पूरा नहीं करते हैं तो ऐसे मामलों में कंपनियां कोई आपराधिक (Criminal) कार्रवाई नहीं कर सकतीं. एक बात आप समझ लें कि नोटिस पीरियड पूरा न करने पर एम्प्लॉयर (कंपनी) कर्मचारी के खिलाफ कोई पुलिस या क्रिमिनल एक्शन नहीं ले सकता. हालांकि, अगर नोटिस पीरियड की बात कॉन्ट्रेक्ट में साफ-साफ लिखी है, तो कंपनी कॉन्ट्रेक्ट तोड़ने के लिए 'इंडियन कॉन्ट्रैक्ट एक्ट 1872' के तहत सिविल कोर्ट का रूख कर सकती है.

इतना तो क्लियर है यह मामला एक आपसी कॉन्ट्रेक्ट का विवाद बनता है, न कि कोई अपराध. अक्सर कंपनी सिविल कोर्ट तभी जाती है जब आपके कारण कंपनी का भारी नुकसान हो रहा हो और वो उसकी भरपाई चाह रही हो.

notic

क्या कंपनी आपको जबरदस्ती रोक सकती है?

कर्मचारियों में अक्सर यह डर रहता है कि क्या कंपनी उन्हें नोटिस पीरियड के दौरान जबरदस्ती काम करने के लिए मजबूर कर सकती है. असल में इतना समझना जरूरी है कि कोई भी कंपनी कानूनी रूप से किसी कर्मचारी को नोटिस पीरियड के दौरान ऑफिस में रुकने और काम करने के लिए मजबूर नहीं कर सकती.

कोई भी कर्मचारी चाहे तो नोटिस पीरियड सर्व करने के बदले 'नोटिस पे' (Notice Pay - पैसे देकर नोटिस पीरियड की अवधि खरीदना) का ऑप्शन चुन सकता है, बशर्ते यह उनके कॉन्ट्रेक्ट की शर्तों में शामिल हो.

आप नोटिस पीरियड को कब स्किप या छोटा कर सकते हैं?

कुछ ऐसी स्थितियां भी होती हैं जहां कर्मचारियों का बिना पूरा नोटिस पीरियड दिए नौकरी छोड़ना जायज माना जाता है. अगर कंपनी ऑफिस में ऐसा माहौल बना देती है जहां काम करना मुश्किल है तो फिर कर्मचारी 'कंस्ट्रक्टिव टर्मिनेशन' का सहारा ले सकता है.

इसका मतलब है कि बहुत ज्यादा खराब परिस्थितियों में, कर्मचारियों के पास तुरंत नौकरी छोड़ने का कानूनी आधार होता है.

क्या कंपनी आपकी सैलरी या एक्सपीरियंस लेटर रोक सकती है?

नोटिस पीरिडय कंपनी के रूल से हिसाब से पूरा नहीं करने पर कंपनियां आपके कॉन्ट्रैक्ट के मुताबिक फुल एंड फाइनल (F&F) सेटलमेंट में से नोटिस पीरियड के बदले बनने वाले पैसे काट सकती हैं, लेकिन वे बाकी बची हुई रकम को नहीं रोक सकतीं. इसके अलावा, वे आपका एक्सपीरियंस लेटर भी नहीं रोक सकतीं.

अलग-अलग सेक्टर्स में अलग हैं रूल

  • इंडस्ट्री के हिसाब से नोटिस पीरियड के तरीके बदल जाते हैं, हर कंपनी अपने रूल्स के हिसाब से नोटिस पीरियड के नियम को बनाती है
  • आईटी सेक्टर और स्टार्टअप्स अलग तरह से काम करते हैं
  • आमतौर IT कंपनियों में आमतौर पर 30 से 90 दिनों का नोटिस पीरियड होता है, जो कॉन्ट्रैक्ट से तय होता है.
  • स्टार्टअप्स को कई कानूनी नियमों से छूट मिली होती है
  • फिक्स्ड-टर्म (तय समय वाले) कर्मचारियों के लिए कॉन्ट्रेक्ट खत्म होने पर नोटिस देने की कोई मजबूरी नहीं होती.

आपके काम की बात

आपको बता दें कि भारत में ज्यादातर कर्मचारियों के लिए नोटिस पीरियड पूरी तरह से कानून द्वारा थोपा हुआ नहीं है. यह मुख्य रूप से आपके और कंपनी के बीच के एग्रीमेंट का हिस्सा है. हालांकि इसे स्किप करना कोई अपराध नहीं है, लेकिन इसके फाइनेंशियल नुकसान हो सकते हैं.

(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)

आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1 क्या प्रोबेशन (Probation) में भी 3 महीने का नोटिस देना होगा?

प्रोबेशन के दौरान नोटिस पीरियड अक्सर छोटा (15 से 30 दिन) होता है, अपना अपॉइंटमेंट लेटर जरूर चेक करें

Q2 नोटिस पीरियड की गिनती कब से शुरू होती है?

जिस दिन आपने इस्तीफा ईमेल किया, उसी दिन से गिनती शुरू हो जाती है, बॉस की मंजूरी का इंतजार करना जरूरी नहीं है

Q3 क्या छुट्टियां और वीकेंड भी नोटिस पीरियड में गिने जाते हैं?

नोटिस पीरियड 'कैलेंडर डेज' पर आधारित होता है,इसमें शनिवार, रविवार और सरकारी छुट्टियां शामिल होती हैं

Q4 नई कंपनी जल्दी बुला रही हो तो क्या रास्ता है?

आप 'नोटिस बाय-आउट' का विकल्प चुन सकते हैं, इसमें आप बचे हुए दिनों के बदले कंपनी को पैसे देकर जल्दी रिलीव हो सकते हैं

Q5 क्या नोटिस के दौरान छुट्टी लेने पर काम के दिन बढ़ जाते हैं?

कई कंपनियां नियम रखती हैं कि नोटिस के दौरान ली गई छुट्टियों के बदले आपको उतने दिन एक्स्ट्रा काम करना होगा

Add Zee Business as a Preferred Source
  1. 1
  2. 2
  3. 3
  4. 4
  5. 5
  6. 6