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आज ऑनलाइन शॉपिंग करते समय आपने एक लाइन जरूर देखी होगी '₹--- प्रति माह से शुरू, No Cost EMI उपलब्ध'. यही लाइन कई बार फैसले को झटपट बना देती है. दिमाग कहता है, 'इतनी छोटी EMI है, ले लेते हैं.' लेकिन यहीं से कहानी बदलनी शुरू होती है. No Cost EMI सुनने में जितनी आसान लगती है, असल में उतनी सीधी नहीं होती.
सरल भाषा में समझें तो No Cost EMI में आपको यह बताया जाता है कि किस्तों में भुगतान करने पर कोई ब्याज नहीं लगेगा. यानी जितने का सामान, उतनी ही कुल EMI पर असल खेल यहीं छिपा होता है. ब्याज वाकई लगता है, बस वह सीधे आपकी EMI में नहीं दिखता.
जब कोई बैंक EMI देता है, तो वह बिना ब्याज के काम नहीं करता. तो सवाल उठता है कि अगर ग्राहक ब्याज नहीं दे रहा, तो बैंक कमाई कहां से कर रहा है? जवाब है डिस्काउंट एडजस्टमेंट से.
आपको मिलने वाला सीधा डिस्काउंट पहले ही काट लिया जाता है और उसी से बैंक का ब्याज सेट हो जाता है. कागजों में सब बराबर दिखता है, लेकिन असल कीमत बदल चुकी होती है.
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EMI छोटी होती है, इसलिए दिमाग को झटका नहीं लगता, लेकिन कुल रकम अक्सर फुल पेमेंट से ज्यादा निकलती है.
No Cost EMI में कुछ खर्च ऐसे होते हैं, जिन पर ध्यान ही नहीं जाता:
ये सभी बातें प्रोडक्ट पेज पर बड़ी लिखी नहीं होतीं.
| भुगतान तरीका | दिखने वाली कीमत | असली खर्च |
| फुल पेमेंट | ₹55,000 | ₹55,000 |
| No Cost EMI | ₹57,500 | ₹58,200+ |
(प्रोसेसिंग फीस और GST मिलाकर)
हर हाल में यह खराब नहीं है, लेकिन शर्तें समझनी जरूरी हैं. No Cost EMI ठीक हो सकती है अगर:
आजकल मार्केटिंग हमारी भावनाओं पर असर करती हैं. यानी अभी खरीदो और बाद में सोचो. लेकिन समझदार खरीदार पहले सोचता है, फिर खरीदता है. ऐसे में No Cost EMI का असली फायदा तभी है, जब आप उसका पूरा गणित जानते हों.
No Cost EMI कोई धोखा नहीं है, लेकिन अधूरी जानकारी जरूर नुकसान बना देती है. अगली बार No Cost EMI चुनने से पहले हर पहलु के बारे में जरूर सोचें.
आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 No Cost EMI क्या सच में बिना ब्याज होती है?
नहीं, No Cost EMI में ब्याज लगता है, लेकिन वह सीधे ग्राहक से वसूला नहीं जाता.
Q2 No Cost EMI और सामान्य EMI में क्या फर्क है?
सामान्य EMI में ब्याज साफ तौर पर EMI रकम में जुड़ा होता है. जबकि No Cost EMI में ब्याज छिपा होता है और प्रोडक्ट के डिस्काउंट में कटौती करके उसे कवर किया जाता है.
Q3 क्या No Cost EMI लेने पर डिस्काउंट कम हो जाता है?
अक्सर हां, फुल पेमेंट पर मिलने वाला इंस्टेंट डिस्काउंट या कैशबैक, EMI चुनते ही घट या खत्म हो सकता है.
Q4 क्या No Cost EMI पर कोई अतिरिक्त चार्ज लगता है?
हां, कई मामलों में बैंक प्रोसेसिंग फीस, EMI कन्वर्जन चार्ज और ब्याज वाले हिस्से पर GST लेता है, जो अलग से देना पड़ सकता है.
Q5 क्या No Cost EMI लेने से क्रेडिट स्कोर पर असर पड़ता है?
अगर समय पर सभी EMI चुकाई जाती हैं, तो आम तौर पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ता, लेकिन EMI मिस करने पर क्रेडिट स्कोर खराब हो सकता है.