GST से जुड़े नियमों में हुआ बदलाव, खुद सरकार ने बताई नई व्यवस्था, छोटे कारोबारी तो इसे बिल्कुल ना करें इग्नोर

जीएसटीएन ने कहा है कि अप्रैल, 2025 से जीएसटी करदाताओं को मासिक कर भुगतान फॉर्म जीएसटीआर-3बी में अपंजीकृत व्यक्तियों और छोटे करदाताओं को की गई अंतर-राज्यीय आपूर्तियां दिखाने वाली तालिका में बदलाव की अनुमति नहीं दी जाएगी.
GST से जुड़े नियमों में हुआ बदलाव, खुद सरकार ने बताई नई व्यवस्था, छोटे कारोबारी तो इसे बिल्कुल ना करें इग्नोर

जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन) ने कहा है कि अप्रैल, 2025 से जीएसटी करदाताओं को मासिक कर भुगतान फॉर्म जीएसटीआर-3बी में अपंजीकृत व्यक्तियों और छोटे करदाताओं (कंपोजिशन योजना के अंतर्गत आने वाले करदाता) को की गई अंतर-राज्यीय आपूर्तियां दिखाने वाली तालिका में बदलाव की अनुमति नहीं दी जाएगी.

माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के लिए तकनीकी रीढ़ की भूमिका निभाने वाले जीएसटीएन ने एक परामर्श में कहा कि अप्रैल, 2025 की कर अवधि से जीएसटीआर-3बी की तालिका 3.2 में अपने-आप दर्ज अंतर-राज्यीय आपूर्तियां संपादित नहीं की जा सकेंगी.

फॉर्म जीएसटीआर-3बी को अब केवल जीएसटी प्रणाली द्वारा सृजित स्वचालित रूप से भरे गए मूल्यों के साथ ही दाखिल किया जाएगा. तालिका 3.2 में मूल्य जीएसटीआर-1, जीएसटीआर-1ए और आईएफएफ में घोषित संगत अंतर-राज्य आपूर्तियों से अपने-आप भर जाएंगे.

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जीएसटीएन ने स्पष्ट किया कि करदाता जीएसटीआर 3बी की तालिका 3.2 में अपने-आप भरे गए मूल्यों को फॉर्म जीएसटीआर-1ए या बाद की कर अवधियों के लिए दाखिल किए गए फॉर्म जीएसटीआर-1/आईएफएफ के माध्यम से संशोधन करके सुधार सकते हैं.

एएमआरजी एंड एसोसिएट्स के रजत मोहन ने कहा कि यह स्वचालन जीएसटीआर-3बी को जीएसटीआर-1 के साथ तालमेल बिठाने और मानवीय हस्तक्षेप को समाप्त करने के सरकार के उद्देश्य को दर्शाता है.

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