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Benefits of ITR Filing: वो लोग जो जॉब तो करते हैं लेकिन उनकी इनकम इतनी ज्यादा नहीं है कि उन्हें टैक्स देने की जरूरत पड़े यानी जो टैक्स स्लैब में नहीं आते हैं, ऐसे लोगों को को भी इनकम टैक्स रिटर्न जरूर फाइल करना चाहिए. ऐसे लोगों को जीरो रिटर्न दाखिल करना चाहिए. इसे Nil ITR भी कहा जाता है. Nil ITR आयकर विभाग को ये सूचित करने के लिए दाखिल किया जाता है कि आपकी इनकम टैक्सेबल नहीं है और इसलिए आपने उस फाइनेंशियल ईयर के दौरान टैक्स का भुगतान नहीं किया है.
हालांकि जीरो रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य नहीं होता, लेकिन अगर आप इसे फाइल करते हैं तो भविष्य में तमाम फायदे मिलते हैं क्योंकि इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) किसी भी व्यक्ति की आय का पुख्ता प्रमाण होता है. अगर आपने भी अब तक आईटीआर फाइल नहीं किया है तो इसके फायदों को अच्छी तरह से समझ लें और 31 जुलाई से पहले आईटीआर दाखिल कर दें. यहां जानिए इसके बारे में.
Nil ITR फाइल करने का सबसे बड़ा फायदा ये है कि आपको लोन आसानी से मिल जाता है. आज के समय में हर व्यक्ति को जमीन, बिजनेस, मकान या वाहन आदि के लिए लोन की जरूरत पड़ती ही है. इस बीच लोन देने वाला वित्तीय संस्थान आपसे आय का सबूत मांगता है. अगर आप जॉब वाले हैं तो सैलरी स्लिप देकर सबूत दे सकते हैं, लेकिन अगर आप नौकरीपेशा नहीं हैं या हाउसवाइफ हैं और कोई काम शुरू करने के लिए लोन लेना चाहते हैं, तो आपका लोन आसानी से अप्रूव हो जाएगा. ऐसे में आपको बैंक को पिछले 3 वर्षों के इनकम टैक्स रिटर्न की कॉपी जमा करनी होगी. ये आपकी इनकम के पुख्ता सबूत के तौर पर काम करेगा.
अमेरिका और कुछ विकसित पश्चिम देश, वीजा जारी करने की प्रक्रिया में इनकम टैक्स रिटर्न की कॉपी मांगते हैं. ITR के जरिए ये चेक किया जाता है कि जो व्यक्ति उनके देश में आ रहा है या आना चाहता है उसका फाइनेंशियल स्टेटस क्या है. यानी वीजा के लिए भी आईटीआर फाइल करना जरूरी है. जो लोग खुद नहीं कमाते हैं, उनके माता-पिता या अभिभावक के आईटीआर की कॉपी दी जा सकती है.
जब आप 50 लाख या 1 करोड़ रुपए या फिर इससे ज्यादा रकम की कोई भी बीमा पॉलिसी को खरीदते हैं तो आपको इसके लिए आईटीआर रसीद दिखाने की जरूरत पड़ती है. एलआईसी में तो खासतौर पर 50 लाख या इससे अधिक की टर्म पॉलिसी लेने पर आपसे आईटीआर दस्तावेज मांगे जाएंगे. इससे ये तय होता है कि आप इतनी बड़ी रकम का बीमा करवाने के योग्य हैं या नहीं.
अगर आप कोई ऐसा बिजनेस शुरू कर रहे हैं जिसमें आप किसी सरकारी विभाग से कॉन्ट्रैक्ट हासिल करना चाहते हैं, तो आपके लिए आईटीआर फाइल करना बहुत जरूरी है. किसी सरकारी विभाग में कॉन्ट्रैक्ट लेने के लिए भी पिछले 5 साल का ITR जरूरी होता है.
आजकल इनकम टैक्स रिटर्न ऑनलाइन भरने का जमाना है. लेकिन अगर आप इसे मैनुअली भरते हैं तो इनकम टैक्स रिटर्न की रसीद रजिस्टर्ड एड्रेस पर भेजी जाती है. इससे यह एड्रेस के तौर पर भी स्वीकार की जाती है. ITR इनकम के साथ एड्रेस प्रूफ बन जाता है.