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देश के टैक्स सिस्टम में अब तक के सबसे बड़े बदलाव की नींव रखने की तैयारी जोरों पर है. सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि सरकार अगले हफ्ते लोकसभा में नया इनकम टैक्स बिल पेश करने की तैयारी में है. इसको लेकर कल दोपहर 1 बजे कैबिनेट की बैठक हो सकती है. इस बैठक में बिल के मसौदे को मंजूरी मिल सकती है. अगर ऐसा होता है तो ये बिल 11 अगस्त को लोकसभा में पेश किया जा सकता है.
बता दें कि नया इनकम टैक्स बिल मौजूदा 6 दशक पुराने इनकम टैक्स एक्ट, 1961 की जगह लेगा. इसके बाद नौकरीपेशा वर्ग से लेकर बड़े-बड़े कॉरपोरेट्स तक, हर कोई ये जानना चाहता है कि इस नए बिल के पिटारे में उनके लिए क्या होगा और आखिर इस बिल की जरूरत ही क्यों पड़ी. आइए समझते हैं
जो इनकम टैक्स कानून आज हम फॉलो करते हैं, वो साल 1961 में बना था. पिछले 60 से ज़्यादा सालों में भारतीय अर्थव्यवस्था पूरी तरह बदल चुकी है, लेकिन कानून की मूल संरचना वही पुरानी है. समय के साथ इसमें तमाम संशोधन, सर्कुलर और कोर्ट के फैसले जुड़ते गए, जिससे ये बेहद जटिल और उलझा हुआ हो गया है. एक आम टैक्सपेयर के लिए इसे समझना किसी पहेली को सुलझाने जैसा है. इसी जटिलता के कारण टैक्स से जुड़े विवाद (Litigation) भी बहुत ज़्यादा बढ़ गए हैं.
नए इनकम टैक्स बिल 2025 में सेक्शन की संख्या घटाकर 819 से 536 कर दी गई है. इसमें अनावश्यक छूटों को समाप्त कर दिया गया है और साथ ही नए बिल में कुल शब्द संख्या 5 लाख से घटाकर 2.5 लाख कर दी गई है. नए इनकम टैक्स बिल में चीजों को आसान बनाने पर फोकस किया गया है. साथ ही 'असेसमेंट ईयर' को 'टैक्स ईयर' से रिप्लेस किया गया है.
सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 से नया टैक्स कानून अमल में लाने की कोशिश कर रही है. बिल के जरिए मौजूदा टैक्स स्लैब में बदलाव करने या फिर दी गई टैक्स छूट को कम करने का काम नहीं किया गया है. इस विधेयक का लक्ष्य छह दशक पुराने कानून को मौजूदा समय के अनुकूल बनाना है. इससे भारत का टैक्स बेस मजबूत होगा और लंबे समय में आय स्थिरता में सुधार होगा.
ये कानून भारत के टैक्स सिस्टम को ग्लोबल बेस्ट प्रैक्टिस के करीब भी लाता है. नए इनकम टैक्स बिल 2025 की एक प्रमुख विशेषता यह है कि इसमें टेक्नोलॉजी से संचालित असेसमेंट पर ध्यान केंद्रित किया गया है. अधिक स्पष्टता सुनिश्चित करने के लिए नए इनकम टैक्स बिल में व्यक्तियों और व्यवसायों के लिए व्याख्या को आसान बनाने के लिए टैक्स प्रावधानों को समझाने के लिए तालिकाएं, उदाहरण और सूत्र भी शामिल किए गए हैं. टैक्स कानूनों को सरल बनाकर नए इनकम टैक्स बिल 2025 में सरकार की कोशिश है कि बिजनेस अपना ध्यान वृद्धि पर लगाए न कि टैक्स प्लानिंग पर. इससे देश की अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में मदद मिलेगी