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Diwali Mutual Fund Investments: इस बार दिवाली पर निवेश की नई शुरुआत करना चाहते हैं, तो म्यूचुअल फंड्स आपके लिए बेहतर ऑप्शन हो सकते हैं. यह एक ऐसा इंस्ट्रूमेंट है, जिसमें निवेशक को उसकी सुविधा के मुताबिक निवेश का ऑप्शन मिलता है. एकमुश्त निवेश के अलावा निवेश अपनी स्माल सेविंग्स को हर महीने सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए भी निवेश कर सकते हैं. म्यूचुअल फंड्स की कई ऐसी स्कीम्स हैं, जिनमें महज 100 रुपये SIP के साथ मंथली निवेश शुरू कर सकते हैं. म्यूचुअल फंड में निवेश पर बाजार के उतार-चढ़ाव का असर होता है. यानी, निवेश में जोखिम रहता है. बावजूद इसके कई ऐसे फायदे हैं, जो दूसरे निवेश ऑप्शन में नहीं मिलते हैं. आइए जानते हैं म्यूचुअल फंड में निवेश के 5 फायदे...
म्यूचुअल फंड में निवेश शुरू करने के लिए जरूरी नहीं है कि आपको बड़ी रकम की जरूरत पड़ेगी. आप महज 100 रुपये की छोटी बचत से भी निवेश शुरू कर सकते हैं. कई म्यूचुअल फंड्स स्कीम्स में महज 100 रुपये मंथली SIP निवेश किया जा सकता है. SIP में लॉन्ग टर्म का निवेश किया जाए तो, इसमें कम्पाउंडिंग का जबरदस्त फायदा मिलता है. कई ऐसे फंड्स हैं, जिन्होंने मंथली निवेश से करोड़ों का फंड बना दिया.
म्यूचुअल फंड एक ऐसा तरीका है, जिसके जरिए आप किसी भी एसेट क्लास में निवेश कर सकते हैं. गोल्ड खरीदने का प्लान है तो आपको गोल्ड फंड का ऑप्शन मिलेगा. इसी तरह, फिक्स्ड डिपॉजिट के लिए डेट फंड, रीयल एस्टेट के लिए इंफ्रा फंड जैसे ऑप्शन आपको मिल जाएंगे.
म्यूचुअल फंड में निवेश की प्रक्रिया काफी आसान और सरल है. आपको नो योर कस्टमर (KYC) पूरी करानी होगी. KYC के लिए डॉक्यूमेंट्स की जरूरत पड़ती है. इनमें एड्रेस प्रूफ और आईडेंटिटी प्रूफ डॉक्यूमेंट्स शामिल हैं. आज के समय में कई मोबाइल ऐप हैं, जिनके जरिए आसानी से म्यूचुअल फंड में निवेश शुरू किया जा सकता है.
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म्यूचुअल फंड में निवेश का मैनजमेंट म्यूचुअल फंड हाउसेस करते हैं. इसके लिए डेडिकेटेड फंड मैनेजर होते हैं, जो आपके निवेश का मैनेजमेंट करता है. यानी, एक प्रोफेशनल व्यक्ति आपके पैसे को किस जगह, कब और कितना लगाना है, इसका फैसला करता है. जिससे कि निवेशक को ज्यादा से ज्यादा रिटर्न मिल सके.
म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए पेमेंट मोड भी काफी सुविधानजक है. पूरा प्रॉसेस डिजिटल और कॉन्टेक्टलेस है. आपको सिर्फ मंथली निवेश की लिमिट के लिए फंड हाउस को देनी होगी. जिससे कि बैंक से ऑटोमेटिक पेमेंट हो जाए. इसके अलावा मोबाइल ऐप से आप अपनी सुविधानुसार पेमेंट कर सकते हैं. दूसरी ओर, म्यूचुअल फंड में निवेश में पूरी तरह ट्रांसपरेंसी यानी पारदर्शिता रहती है. फंड मैनेजर आपका कितना पैसा किस स्टॉक में लगा रहा है, इसकी पूरी डिटेल आप ऑनलाइन जब चाहें देख सकते हैं. इसके अलावा, आप रोज अपनी स्कीम की परफॉर्मेंस चेक कर सकते हैं
(नोट: बीपीएन फिनकैप के डायरेक्टर एके निगम से बातचीत पर आधारित)