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PSU Mutual Funds का जलवा!
शेयर बाजार में अक्सर कहा जाता है कि 'कंसिस्टेंसी' यानी लगातार अच्छा प्रदर्शन करना ही असली जीत है. म्यूचुअल फंड्स की दुनिया में भी कई फंड्स आते हैं जो कम समय में चमकते हैं और फिर गायब हो जाते हैं. लेकिन पिछले कुछ सालों में सरकारी कंपनियों (PSU) पर दांव लगाने वाले म्यूचुअल फंड्स ने जो रफ्तार पकड़ी है, उसने सबको हैरान कर दिया है.
एसबीआई (SBI), इनवेस्को (Invesco) और आदित्य बिड़ला सन लाइफ (ABSL) के पीएसयू फंड्स ने 3 से 5 साल की अवधि में 34 फीसदी तक का सालाना रिटर्न (CAGR) देकर निवेशकों की चांदी कर दी है. आखिर इन सरकारी फंड्स में ऐसी क्या जादुई छड़ी घूम गई कि ये हर रिटर्न चार्ट में टॉप पर नजर आ रहे हैं? आइए, आसान भाषा में समझते हैं कि इन फंड्स ने कैसे काम किया और क्या अब भी इनमें निवेश का मौका है.
एम्फी (AMFI) और वैल्यू रिसर्च के ताजा आंकड़े बताते हैं कि पीएसयू थीम वाले फंड्स इस समय म्यूचुअल फंड यूनिवर्स के बेताज बादशाह बने हुए हैं. पिछले 3 सालों में इस कैटेगरी ने औसतन 31.43 फीसदी और 5 सालों में 29.30 फीसदी का सालाना रिटर्न दिया है.
इस शानदार प्रदर्शन के पीछे सरकारी कंपनियों की सुधरती बैलेंस शीट, मजबूत अर्निंग ग्रोथ और सरकार का निरंतर पॉलिसी सपोर्ट है. इन फंड्स ने न केवल सही स्टॉक चुने, बल्कि एक ऐसी कैटेगरी का हिस्सा रहे जिसने बाजार के हर उतार-चढ़ाव को बखूबी झेला है.
| फंड का नाम | 3-साल का CAGR | रैंकिंग | प्रदर्शन का स्तर |
| SBI PSU Direct Fund | 34.18% | 1 | टॉप परफॉर्मर |
| Invesco India PSU Equity Fund | 32.03% | 2 | टॉप परफॉर्मर |
| ABSL PSU Equity Fund | 30.95% | 3 | टॉप परफॉर्मर |
इन तीनों फंड्स ने न केवल 3 साल बल्कि 5 साल के टाइमफ्रेम में भी अपनी जगह टॉप पर बनाए रखी है. सबसे ऊपर रहने वाले और सबसे नीचे रहने वाले फंड के बीच रिटर्न का अंतर (Spread) मात्र 3.23 फीसदी रहा, जो दिखाता है कि पूरी कैटेगरी ही मजबूत है. खास बात यह है कि इस कैटेगरी के लगभग सभी फंड्स ने 30 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दिया है.
सिर्फ एकमुश्त (Lump-sum) पैसा लगाने वाले ही नहीं, बल्कि हर महीने थोड़ा-थोड़ा निवेश करने वाले SIP निवेशकों ने भी इस पीएसयू रैली का पूरा फायदा उठाया है. अगर किसी ने 5 साल पहले इन फंड्स में 10,000 रुपये की मंथली एसआईपी शुरू की थी, तो आज उनका कॉर्पस (कुल जमा राशि) लाखों में है.
SBI PSU Direct Fund: इस फंड ने 26.99 फीसदी का एसआईपी रिटर्न दिया. 10,000 रुपये की मंथली एसआईपी 5 साल में बढ़कर 11.67 लाख रुपये हो गई.
Invesco India PSU Equity Fund: यहां 25.20 फीसदी का रिटर्न मिला और निवेश की वैल्यू 11.18 लाख रुपये पहुंच गई.
ABSL PSU Equity Fund: 25.07 फीसदी रिटर्न के साथ निवेशकों का पैसा 11.14 लाख रुपये हो गया.
यह आंकड़े साफ करते हैं कि सिस्टमैटिक तरीके से निवेश करने वालों ने भी सरकारी कंपनियों की इस तेजी को बखूबी भुनाया है.
इन फंड्स की सफलता का राज उनके पोर्टफोलियो और सेक्टर चयन में छिपा है. ये फंड्स उन सेक्टर्स में सबसे ज्यादा निवेश करते हैं जो देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, जैसे- एनर्जी, यूटिलिटीज और फाइनेंशियल सर्विसेज.
SBI PSU Fund: इसका सबसे बड़ा झुकाव एनर्जी और यूटिलिटीज (44%) की तरफ है. इसके बाद फाइनेंशियल (31%) का नंबर आता है. इसके पोर्टफोलियो में एसबीआई, एनटीपीसी और पावर ग्रिड जैसे दिग्गज शेयर शामिल हैं.
Invesco PSU Fund: यह फंड एनर्जी, फाइनेंशियल और इंडस्ट्रियल्स के बीच एक बैलेंस बनाकर चलता है, जिससे रिस्क थोड़ा कम हो जाता है.
ABSL PSU Fund: यह फंड बैंकिंग यानी फाइनेंशियल सेक्टर (39%) पर ज्यादा भरोसा करता है, साथ ही एनर्जी (36%) में भी इसकी अच्छी खासी पकड़ है.
निवेश करने से पहले यह जानना भी जरूरी है कि आप किस फंड को कितना पैसा दे रहे हैं (एक्सपेंस रेशियो) और वह कितना बड़ा फंड है (AUM).
| फंड का नाम | लॉन्च वर्ष | फंड साइज (AUM) | एक्सपेंस रेशियो |
| SBI PSU Fund | 2013 | ₹5,891 करोड़ | 0.85% |
| ABSL PSU Fund | 2019 | ₹5,334 करोड़ | 0.62% |
| Invesco PSU Fund | 2013 | ₹1,335 करोड़ | 0.91% |
ये सभी फंड्स 'वेरी हाई रिस्क' (Very High Risk) कैटेगरी में आते हैं. चूंकि ये थीमैटिक फंड्स हैं, इसलिए इनका प्रदर्शन पूरी तरह से सरकारी कंपनियों के कामकाज पर निर्भर करता है. एसबीआई फंड का 'अल्फा' पॉजिटिव है, जिसका मतलब है कि इसने जोखिम के मुकाबले बेहतर रिटर्न दिया है. वहीं इनवेस्को और एबीएसएल के फंड्स का अल्फा थोड़ा नेगेटिव रहा है, जो इशारा करता है कि रिस्क एडजस्ट करने के बाद इनका प्रदर्शन बेंचमार्क के मुकाबले थोड़ा कम रह सकता है.
नतीजे और रिटर्न आकर्षक लग सकते हैं, लेकिन यहां सावधानी बरतना भी जरूरी है. सेक्टरल या थीमैटिक फंड्स काफी साइक्लिक होते हैं. यानी जब तक सेक्टर चल रहा है, तब तक रिटर्न की बारिश होगी, लेकिन जैसे ही साइकिल बदलेगी, रिटर्न सुस्त पड़ सकते हैं.
पिछला रिटर्न देखकर ही निवेश न करें. यह जरूरी नहीं कि अगले 5 साल भी 34% का रिटर्न मिले. अपने कुल निवेश का केवल एक छोटा हिस्सा ही ऐसे थीमैटिक फंड्स में रखें. अगर आप बाजार के बड़े उतार-चढ़ाव को झेलने की हिम्मत रखते हैं, तभी इनमें कदम बढ़ाएं. कम से कम 5 साल का समय लेकर ही निवेश की सोचें.
(डिस्क्लेमर: म्यूचुअल फंड में निवेश मार्केट जोखिमों के अधीन है. निवेश से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें.)
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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 क्या पीएसयू म्यूचुअल फंड्स सुरक्षित हैं?
ये फंड्स 'वेरी हाई रिस्क' कैटेगरी में आते हैं क्योंकि ये केवल सरकारी कंपनियों में निवेश करते हैं. अगर सरकारी कंपनियों का प्रदर्शन गिरता है, तो फंड का रिटर्न भी तेजी से गिर सकता है.
Q2 सबसे अच्छा रिटर्न देने वाला पीएसयू फंड कौन सा है?
पिछले 3 सालों के डेटा के मुताबिक, SBI PSU Direct Fund ने सबसे ज्यादा 34.18% का CAGR रिटर्न दिया है.
Q3 क्या SIP के जरिए पीएसयू फंड्स में निवेश करना बेहतर है?
जी हां, डेटा दिखाता है कि 5 साल की SIP के जरिए भी इन फंड्स ने 25-27% तक का शानदार रिटर्न दिया है, जो एकमुश्त निवेश के जोखिम को कम करने में मदद करता है.
Q4 इन फंड्स के खर्चे (Expense Ratio) क्या हैं?
एबीएसएल पीएसयू फंड का एक्सपेंस रेशियो सबसे कम (0.62%) है, जबकि इनवेस्को का 0.91% और एसबीआई का 0.85% है.
Q5 पीएसयू फंड्स में तेजी की मुख्य वजह क्या है?
सरकारी कंपनियों की मजबूत कमाई, बेहतर होती बैलेंस शीट और सरकार द्वारा इंफ्रास्ट्रक्चर व एनर्जी सेक्टर में दी जा रही प्राथमिकता इस तेजी की मुख्य वजह है.