ट्रेड वॉर के बीच ये 3 इंटरनेशनल म्यूचुअल फंड्स दे रहे शानदार रिटर्न, भारतीय निवेशकों को मिलेगा विदेशी बाज़ारों में कमाई का मौका!

इंटरनेशनल म्यूचुअल फंड्स भारतीय निवेशकों के लिए डाइवर्सिफिकेशन और ग्रोथ का बेहतर मौका हैं. हालांकि इनमें करेंसी रिस्क और मार्केट वोलैटिलिटी जैसे कारक मौजूद हैं, लेकिन ये फंड आपके पोर्टफोलियो को घरेलू जोखिमों से बचाते हैं.
ट्रेड वॉर के बीच ये 3 इंटरनेशनल म्यूचुअल फंड्स दे रहे शानदार रिटर्न, भारतीय निवेशकों को मिलेगा विदेशी बाज़ारों में कमाई का मौका!

साल 2025 दुनिया के शेयर बाज़ारों के लिए बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा. अमेरिका और यूरोप में धीमी ग्रोथ और महंगाई ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी, जबकि चीन की प्रॉपर्टी और एक्सपोर्ट स्लोडाउन ने वैश्विक अस्थिरता को और गहरा किया. रूस-यूक्रेन युद्ध, मध्य पूर्व में तनाव और अमेरिका-चीन व्यापार विवादों ने तेल आपूर्ति और सप्लाई चेन को प्रभावित किया.

इसका असर भारतीय निवेशकों पर भी पड़ा, तेल की कीमतों में उछाल, रुपये में कमजोरी और महंगाई के दबाव ने घरेलू बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ाया. ऐसे में अब निवेशक घरेलू मार्केट से आगे बढ़कर विदेशी म्यूचुअल फंड्स में निवेश की ओर देख रहे हैं ताकि पोर्टफोलियो में स्थिरता और ग्रोथ दोनों बनाए रखी जा सके.

क्यों जरूरी है इंटरनेशनल म्यूचुअल फंड में निवेश

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भारत तेजी से बढ़ता बाजार है, लेकिन केवल घरेलू इक्विटी में निवेश करने से लोकल रिस्क बढ़ सकता है- जैसे नीति में बदलाव, रुपये की कमजोरी या किसी सेक्टर की सुस्ती. इंटरनेशनल म्यूचुअल फंड्स ऐसे में एक बेहतर विकल्प हैं क्योंकि ये ग्लोबल इनोवेशन, टेक्नोलॉजी और कंज्यूमर ग्रोथ से जुड़ी कंपनियों में निवेश का मौका देते हैं. अगर आप डाइवर्सिफाइड और लॉन्ग-टर्म पोर्टफोलियो बनाना चाहते हैं, तो इंटरनेशनल फंड्स आपके निवेश की दिशा बदल सकते हैं.

भारतीय निवेशकों के लिए टॉप 3 इंटरनेशनल म्यूचुअल फंड्स

ICICI Prudential MNC Fund

यह फंड उन कंपनियों में निवेश करता है जिनके पास मल्टीनेशनल पैरेंटेज (MNC backing) और मजबूत ब्रांड वैल्यू है. यानी ऐसी कंपनियां जो भारत में ऑपरेट करती हैं लेकिन ग्लोबल लेवल पर भी मजबूत उपस्थिति रखती हैं.

फंड का फोकस ऑटोमोबाइल, FMCG और हेल्थकेयर जैसे सेक्टरों पर है, जिनमें आमतौर पर एमएनसी कंपनियों की पकड़ मजबूत होती है. पिछले 5 सालों में इस फंड ने लगभग 23.9% का रोलिंग CAGR रिटर्न दिया है. इसका मतलब यह है कि यह फंड लगातार स्थिर और भरोसेमंद प्रदर्शन कर रहा है.

Motilal Oswal Nasdaq 100 Fund of Fund

यह फंड सीधे अमेरिका के Nasdaq 100 Index से जुड़ा है, जिसमें Apple, Microsoft, Amazon, NVIDIA, Tesla जैसी दुनिया की टॉप टेक कंपनियां शामिल हैं. पिछले 5 सालों में Nasdaq 100 ने करीब 17.6% का CAGR रिटर्न दिया है, जबकि Motilal Oswal Nasdaq 100 FOF ने इससे भी बेहतर परफॉर्म किया है. हालांकि अमेरिकी बाजार की अस्थिरता और डॉलर-रुपया उतार-चढ़ाव से कुछ जोखिम रहता है, लेकिन यह फंड लॉन्ग-टर्म ग्रोथ चाहने वालों के लिए बेहतरीन विकल्प है.

Edelweiss US Technology Equity Fund of Fund

यह फंड भारतीय निवेशकों को अमेरिकी टेक्नोलॉजी सेक्टर में निवेश का मौका देता है. यह JPMorgan US Technology Fund में निवेश करता है, जिसमें Alphabet (Google), Meta, NVIDIA, Microsoft, Apple जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल हैं. फंड का फोकस AI, क्लाउड कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर्स, और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसे थीम्स पर है. इस फंड ने अपने निवेशकों को पिछले 5 सालों में 19% से ज्यादा का औसत CAGR रिटर्न दिया है.

निवेशकों के काम की बात

इंटरनेशनल म्यूचुअल फंड्स भारतीय निवेशकों के लिए डाइवर्सिफिकेशन और ग्रोथ का बेहतर मौका हैं. हालांकि इनमें करेंसी रिस्क और मार्केट वोलैटिलिटी जैसे कारक मौजूद हैं, लेकिन ये फंड आपके पोर्टफोलियो को घरेलू जोखिमों से बचाते हैं. इन फंड्स को मुख्य निवेश का हिस्सा नहीं, बल्कि पूरक (satellite holding) के रूप में इस्तेमाल करें.

यह आपके पोर्टफोलियो को स्थिरता देगा और ग्लोबल मेगाट्रेंड्स में भाग लेने का अवसर देगा. भारत की ग्रोथ स्टोरी अभी भी मजबूत है, लेकिन सीमाओं से परे निवेश करना अब समझदारी बन गया है. इंटरनेशनल म्यूचुअल फंड्स- भारत से बाहर, पर भविष्य के अंदर.

खबर से जुड़े FAQs

1. क्या इंटरनेशनल म्यूचुअल फंड्स में निवेश सुरक्षित है?

पूरी तरह जोखिम-मुक्त नहीं, लेकिन डाइवर्सिफिकेशन से सुरक्षा बढ़ती है.

2. इन फंड्स में निवेश की अवधि कितनी होनी चाहिए?

कम से कम 5 साल या उससे ज्यादा.

3. क्या इसमें करेंसी रिस्क होता है?

हां, डॉलर-रुपया उतार-चढ़ाव रिटर्न को प्रभावित कर सकता है.

4. कौन सा फंड लो-रिस्क निवेशकों के लिए बेहतर है?

ICICI Prudential MNC Fund अपेक्षाकृत कम जोखिम वाला है.

5. क्या SIP के जरिए निवेश किया जा सकता है?

हां, SIP से धीरे-धीरे निवेश करना बेहतर तरीका है.

(डिस्‍क्‍लेमर: म्यूचुअल फंड में निवेश मार्केट जोखिमों के अधीन है. निवेश से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें.)

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