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Gold Silver ETF Funds.
मिडिल ईस्ट क्राइसिस ने फिर से सोना-चांदी की कीमत में आग लगाने का काम किया है. 2 मार्च को घरेलू बाजार में MCX पर सोना 1.66 लाख रुपए प्रति दस ग्राम और चांदी 2.8 लाख रुपए प्रति किलोग्राम के स्तर पर बंद हुई. पिछले कुछ सालों से बदलते जियो पॉलिटिकल सिचुएशन के बीच सोना-चांदी में लॉन्ग बुल रन देखा जा रहा है. निवेशकों का आकर्षण गोल्ड-सिल्वर ETF को लेकर काफी बढ़ा है.
अगर आप भी गोल्ड-सिल्वर ETF फंड्स में निवेश करने के बारे में सोच रहे हैं तो घरेलू ब्रोकरेज फर्म शेयरखान ने 7 फंड्स को पिक किया है. इनमें से गोल्ड फंड्स ने 1 साल में 100% तक का रिटर्न दिया है जबकि सिल्वर फंड का रिटर्न 250% से अधिक है. बता दें कि 31 जनवरी 2026 के आधार पर GOLD ETF की कुल 25 स्कीम्स और Silver ETF की कुल 17 स्कीम्स हैं. इनका टोटल AUM तीन लाख करोड़ रुपए के पार पहुंच गया है.
31 जनवरी 2026 आधार पर फंड्स का प्रदर्शन
| स्कीम का नाम | Expense Ratio % | AUM (Crs) | Tracking Error % | CAGR 1Yr (%) | CAGR 3Yr (%) |
| ICICI Prudential Silver ETF | 0.4 | 22,162 | 0.56% | 253.59 | 67.54 |
| Aditya Birla Sun Life Silver ETF | 0.35 | 4,523 | 26.22% | 252.74 | 66.62 |
| HDFC Silver ETF | 0.45 | 10,690 | 0.68% | 251.33 | 67.38 |
| ICICI Prudential Gold ETF | 0.5 | 25,475 | 0.34% | 99.82 | 40.89 |
| KOTAK GOLD ETF | 0.55 | 16,040 | 0.33% | 99.56 | 40.07 |
| SBI Gold ETF | 0.7 | 24,567 | 0.33% | 99.38 | 39.88 |
| HDFC Gold ETF | 0.59 | 25,140 | 0.35% | 98.71 | 40.69 |
बता दें कि गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ का क्रेज ऐसा बढ़ा है कि जनवरी महीने में इक्विटी फंड से ज्यादा निवेश केवल Gold ETF में किया गया था. जनवरी में इक्विटी कैटिगरी में नेट आधार पर 24028 करोड़ रुपए, जबकि Gold ETF में 24039 करोड़ रुपए का नेट इन्फ्लो आया था. गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ को मिलाकर नेट आधार पर 33 हजार करोड़ रुपए से अधिक इन्फ्लो दर्ज किया गया था.

पिछले कुछ सालों में एक के बाद एक ऐसी घटनाएं हुई हैं कि सोना-चांदी की डिमांड लगातार बनी हुई है और इसकी कीमत में लगातार उछाल देखा जा रहा है. एमके वेल्थ मैनेजमेंट ने अपने रिसर्च नोट में कहा कि अगले 3-5 सालों के लिहाज से गोल्ड-सिल्वर में तेजी बने रहने की उम्मीद है. इसको लेकर स्ट्रक्चरल डिमांड देखा जा रहा है. पोर्टफोलियो में गोल्ड-सिल्वर का री-एलोकेशन बड़े पैमाने पर हो रहा है. सेंट्रल बैंक्स की तरफ से लगातार खरीदारी जारी है. इंटरेस्ट रेट साइकिल डाउनट्रेंड में है जिसका भी फायदा मिलेगा.
गोल्ड-सिल्वर ने पिछले दो सालों में कमाल कर दिया है. निवेशकों का पैसा 2,3 गुना हो चुका है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगले 3-5 सालों के लिए गोल्ड-सिल्वर में स्ट्रक्चरल टेलविंड देखा जा रहा है. ऐसे में लॉन्ग टर्म के लिहाज से Gold Silver ETF को लेकर क्रेज बने रहने की उम्मीद है. हालांकि, यह असेट क्लास काफी वोलाटाइल है. ऐसे में बाय ऑन डिप की स्ट्रैटिजी अपनाई जा सकती है. शेयरखान ने भी 7 फंड्स को आपके लिए पिक किया है.
((डिस्क्लेमर: किसी फंड में निवेश की सलाह जी बिजनेस की नहीं है. ब्रोकरेज की पिक्स को आपके सामने रखा गया है. अगर आप किसी फंड में निवेश करने का फैसला करते हैं तो पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर की सलाह जरूर लें))