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Multi Asset Allocation Funds.
Multi Asset Allocation Funds: पिछले कुछ महीनों से गोल्ड-सिल्वर में तेजी के कारण इसके ETF में भर-भर कर निवेश किया जा रहा है. जनवरी महीने में तो गोल्ड ईटीएफ में इक्विटी फंड्स से ज्यादा निवेश किया गया. हालांकि, हाई वोलाटिलिटी के कारण निवेशकों को नुकसान भी होता है. ज्यादातर गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ अपने हाई से करीब 35-40% तक टूट गए हैं. ऐसे में निवेश के लिहाज से मल्टी असेट एलोकेशन फंड एक शानदार विकल्प बनकर उभरा है. यह एक ऐसा फंड होता जो इक्विटी के साथ में गोल्ड-सिल्वर, डेट का डायवर्सिफिकेशन देता है.
पिछले कुछ महीनों से Multi Asset Allocation Fund को लेकर निवेशकों का जोश भी हाई देखने को मिल रहा है. AMFI डेटा के मुताबिक, जनवरी महीने में मल्टी असेट एलोकेशन फंड्स में नेट आधार पर 10,485 करोड़ रुपए का निवेश किया गया. उससे पहले दिसंबर महीने में 7,425 करोड़ रुपए का निवेश किया गया था.
इस ट्रेंड को देखकर साफ पता चलता है कि सोना-चांदी में आई तेजी के कारण निवेशकों का रुझान इस फंड की तरफ बढ़ा है. टाटा असेट मैनेजमेंट के चीफ बिजनेस ऑफिसर (CBO) आनंद वर्धराजन ने कहा कि सोना-चांदी में तेजी का रिपल इफेक्ट मल्टी असेट एलोकेशन फंड्स में देखा जा रहा है. हाल के महीनों में जो इन्फ्लो बढ़ा है उसका कारण सोना-चांदी में आई तेजी है.
द वेल्थ कंपनी म्यूचुअल फंड की CIO अपर्णा शंकर ने कहा कि वर्तमान सिचुएशन में यह फंड निवेशकों का फेवरेट बनता जा रहा है. ग्लोबल अनसर्टेनिटी के कारण इक्विटी मार्केट के परफॉर्मेंस पर असर दिख रहा है जिसके कारण यहां इन्फ्लों में कमी देखी जा रही है. नतीजन, निवेशक मल्टी असेट एलोकेशन फंड्स की तरफ आकर्षित हो रहे हैं जो इक्विटी के साथ में गोल्ड-सिल्वर, डेट में डायवर्सिफिकेशन देता है. यह पोर्टफोलियो रिस्क को बैलेंस करता है.

वर्तमान में इंटरेस्ट रेट, वैल्युएशन, AI जैसे रिस्क बाजार के लिए गंभीर है. ऐसे में असेट एलोकेशन स्ट्रैटिजी लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए बेहतर विकल्प है. मल्टी असेट फंड्स निवेशकों को स्टैबिलिटी एंड बैलेंस का डायवर्सिफिकेशन देता है. ऐसे में जब अनिश्चितता का माहौल है तो निवेशकों के लिए यह एक बढ़िया कैटिगरी साबित हो सकता है.

मल्टी असेट एलोकेशन फंड्स के परफॉर्मंस की बात करें तो पिछले 5 सालों में रिटर्न के आधार पर क्वांट मल्टी असेट फंड, ICICI प्रूडेंशियल मल्टी असेट फंड, निप्पॉन इंडिया मल्टी असेट फंड, SBI मल्टी असेट फंड और UTI मल्टी असेट फंड टॉप परफॉर्मर रहे हैं. AMFI डेटा के मुताबिक, डायरेक्ट स्कीम्स के 12 फरवरी तक के प्रदर्शन आधार पर ऊपर दिए गए पांचों फंड में क्वांट फंड ने सबसे अधिक 28% और यूटीआई फंड्स ने करीब 16% का सालाना रिटर्न दिया है.
(Note- यह रिटर्न एकमुश्त निवेश के आधार पर पिछले 5 सालों का औसत प्रदर्शन है. निवेश की सलाह नहीं है.)
जनवरी महीने में इक्विटी फंड्स में नेट आधार पर 24,028 करोड़ का इन्फ्लो आया जबकि उसके अधिक GOLD ETF में 24039 करोड़ का इन्फ्लो दर्ज किया गया. हायब्रिड स्कीम्स में कुल 17356 करोड़ रुपए का इन्फ्लो आया जबकि मल्टी असेट एलोकेशन फंड्स में 10485 करोड़ का बड़ा निवेश आया है. इससे पहले दिसंबर महीने में हायब्रिड स्कीम्स में 10,755 करोड़ का इन्फ्लो आया था जिसमें मल्टी असेट फंड्स में 7425 करोड़ रुपए आए. इस तरह मल्टी असेट फंड्स को लेकर निवेशकों का जो क्रेज बढ़ रहा है वह साफ-साफ दिख रहा है.