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पिछले पांच सालों में स्मॉलकैप शेयरों (Smallcap Stocks) में जोरदार तेजी देखी गई है. निफ्टी स्मॉलकैप 250 – टोटल रिटर्न इंडेक्स (TRI) ने 28.1% का कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) दिया है, जो मिडकैप और लार्जकैप इंडेक्स से ज्यादा है. इसी तेजी की वजह से छोटे निवेशकों से लेकर बड़े निवेशकों तक की दिलचस्पी स्मॉलकैप फंड्स में बढ़ गई है.
अगर आप आक्रामक निवेशक हैं, तो स्मॉलकैप फंड्स को अपने पोर्टफोलियो का हिस्सा बना सकते हैं. लेकिन ये फंड्स हाई रिस्क कैटेगरी में आते हैं. इसलिए निवेश का नजरिया कम से कम 8-10 साल का होना चाहिए, ताकि शॉर्ट-टर्म उतार-चढ़ाव को झेला जा सके.
सितंबर 2010 में लॉन्च हुआ यह फंड स्मॉलकैप कैटेगरी में सबसे लोकप्रिय स्कीम्स में से एक है. इसका एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) जुलाई 2025 तक ₹65,900 करोड़ से ज्यादा है.
फंड मैनेजर छोटे आकार की कंपनियों को चुनते हैं जिनमें लॉन्ग टर्म में ग्रोथ की क्षमता हो और जिनका वैल्यूएशन आकर्षक हो. यह फंड 200 से ज्यादा शेयरों में निवेश करता है, जिससे पोर्टफोलियो काफी डाइवर्सिफाइड रहता है.
जुलाई 2025 तक फंड में 235 शेयर हैं. इनमें से 68.1% स्मॉलकैप स्टॉक्स हैं. टॉप 10 शेयरों में MCX, HDFC बैंक और किर्लोस्कर ब्रदर्स शामिल हैं. इस फंड का 10 साल का SIP रिटर्न (XIRR) 24.31% है, जबकि बेंचमार्क निफ्टी स्मॉलकैप 250-TRI का रिटर्न 19.04% रहा. ₹10,000 के मंथली SIP से 10 साल में ₹12 लाख का निवेश ₹43.5 लाख हो गया.
फरवरी 2020 में लॉन्च हुआ यह फंड भी शानदार प्रदर्शन कर रहा है. जुलाई 2025 तक इसका AUM ₹14,000 करोड़ से ज्यादा है.
फंड मैनेजर क्वालिटी और ग्रोथ को ध्यान में रखकर निवेश करते हैं. फंड का पोर्टफोलियो 199 स्टॉक्स का है. इनमें 69.2% स्मॉलकैप, 9.3% मिडकैप और 8.8% लार्जकैप शेयर हैं. फंड के टॉप होल्डिंग्स में सोभा, LT Foods और साउथ इंडियन बैंक शामिल हैं.
पिछले 5 साल में फंड का SIP रिटर्न 29.3% रहा है. ₹10,000 के मासिक SIP से 5 साल में ₹6 लाख का निवेश ₹12.3 लाख तक पहुंच गया.
अक्टूबर 2018 में लॉन्च हुआ यह फंड भी निवेशकों को अच्छा मुनाफा दे रहा है. जुलाई 2025 तक इसका AUM ₹7,500 करोड़ से ज्यादा है.
यह फंड ‘बॉटम-अप’ अप्रोच अपनाता है और छोटे स्टॉक्स में निवेश के लिए कई पैरामीटर्स जैसे रेवेन्यू ग्रोथ, मार्जिन्स, ROE और वैल्यूएशन का इस्तेमाल करता है. जुलाई 2025 तक इसमें 69 स्टॉक्स हैं. इनमें 64.8% स्मॉलकैप और 26.7% मिडकैप शेयर हैं.
पिछले 5 साल में फंड का SIP रिटर्न 27.58% रहा है. ₹10,000 के SIP से 5 साल में ₹6 लाख का निवेश ₹11.8 लाख तक पहुंच गया.
स्मॉलकैप फंड्स लंबे समय में बड़ा मुनाफा देते हैं, लेकिन इनका जोखिम भी काफी ज्यादा होता है. वर्तमान में निफ्टी स्मॉलकैप 150 का PE 33 है, जो 5 साल के औसत 29 से ज्यादा है. इसका मतलब है कि फिलहाल वैल्यूएशन महंगा है. SIP एक अच्छा तरीका है जिससे जोखिम को कम किया जा सकता है. लेकिन सिर्फ रिटर्न देखकर निवेश न करें, अपनी रिस्क लेने की क्षमता को समझें.
Q1. स्मॉलकैप फंड्स क्या होते हैं?
ये ऐसे म्यूचुअल फंड्स हैं जो छोटे और उभरती कंपनियों के स्टॉक्स में निवेश करते हैं.
Q2. स्मॉलकैप फंड्स में निवेश कितना रिस्की है?
स्मॉलकैप्स हाई रिस्क-हाई रिटर्न कैटेगरी में आते हैं. इसमें लंबी अवधि का निवेश करना जरूरी है.
Q3. क्या नए निवेशक स्मॉलकैप फंड्स में निवेश करें?
नए निवेशकों को सीधे स्मॉलकैप्स में नहीं जाना चाहिए. पहले लार्जकैप या बैलेंस्ड फंड्स में अनुभव लेना बेहतर है.
Q4. क्या SIP स्मॉलकैप फंड्स के लिए अच्छा तरीका है?
हां, SIP के जरिए निवेश करने से मार्केट वॉलेटिलिटी का असर कम होता है.
Q5. इन फंड्स की सबसे बड़ी खासियत क्या है?
इन फंड्स ने लंबे समय में बेंचमार्क और पीयर्स को मात दी है और पोर्टफोलियो को मजबूत रिटर्न दिया है.
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