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Small Cap Funds: स्मॉलकैप फंड्स निवेशकों के लिए एक अच्छा विकल्प हो सकते हैं, क्योंकि ये शेयर मार्केट में छोटी कंपनियों के शेयरों में निवेश करते हैं. इन कंपनियों के शेयरों की कीमतों में ज्यादा उतार-चढ़ाव होता है, लेकिन ये फंड्स आमतौर पर लंबे समय तक निवेश करने के लिए अधिक उपयुक्त होते हैं. पिछले कुछ महीनों से स्मॉलकैप म्यूचुअल फंड्स (Smallcap Mutual Funds) में निवेशकों की बाढ़ देखी जा रही है. AMFI डेटा के मुताबिक, फरवरी महीने में इन फंड्स में 2246.30 करोड़ रुपए का इन्फ्लो आया. वैल्यु रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, लॉन्ग टर्म में इन फंड्स का प्रदर्शन स्मॉलकैप इंडेक्स के मुकाबले बेहतर रहा है.
इस रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, अगर कोई निवेशक स्मॉलकैप फंड्स (Smallcap Mutual Funds) में 1 साल के लिए निवेश करता है तो 74 फंड्स ऐसे हैं, जिन्होंने स्मॉलकैप इंडेक्स के मुकाबले बेहतर रिटर्न दिया है. तीन साल के लिए निवेश की बात करें तो 60 फीसदी ऐसे Small Cap Funds हैं, जिन्होंने स्मॉलकैप इंडेक्स के मुकाबले बेहतर रिटर्न दिया है. पांच साल की अवधि में तो ये फंड्स कमाल करते हैं. 93 फीसदी ऐसे फंड्स हैं जिनका पांच साल का रिटर्न स्मॉलकैप इंडेक्स के मुकाबले बेहतर है.
लार्जकैप म्यूचुअल फंड्स (Largecap Mutual Funds) की बात करें तो 1 साल के अवधि में केवल 41 फीसदी ऐसे फंड्स हैं, जिन्होंने लार्जकैप इंडेक्स के मुकाबले बेहतर रिटर्न दिया है. तीन साल की अवधि में 22 फीसदी फंड्स ऐसे हैं जिनका रिटर्न इंडेक्स के मुकाबले बेहतर है. पांच साल की अवधि में केवल 32 फीसदी ऐसे फंड्स हैं, जिनका रिटर्न लार्जकैप इंडेक्स के मुकाबले बेहतर है.
मिडकैप कैटिगरी (Midcap Mutual Funds) की बात करें तो एक साल की अवधि में 40 फीसदी फंड्स ने मिडकैप इंडेक्स के मुकाबले बेहतर रिटर्न दिया है. तीन साल की अवधि में 26 फीसदी फंड्स ने इंडेक्स के मुकाबले बेहतर रिटर्न दिया है, जबकि पांच साल की अवधि में 59 फीसदी फंड्स ने मिडकैप इंडेक्स के मुकाबले बेहतर रिटर्न दिया है.
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