&format=webp&quality=medium)
आज के समय में जब महंगाई तेजी से बढ़ रही है, तब सिर्फ पैसे बचाना काफी नहीं है, बल्कि सही तरीके से निवेश करना बेहद जरूरी हो गया है. ऐसे में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी SIP को लॉन्ग-टर्म निवेश का सबसे अच्छा रिटर्न कमाने का जरिया माना जाता है. बहुत से लोग नौकरी की शुरुआत से ही SIP शुरू कर देते हैं, लेकिन ज्यादातर लोग एक अहम रणनीति को नजरअंदाज कर देते हैं, जिसका नाम है स्टेप-अप SIP.
SIP एक आसान तरीका है, जिसमें आप हर महीने एक तय रकम म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं. इससे निवेश की आदत बनती है और बाजार के उतार-चढ़ाव का असर भी कम होता है. यही वजह है कि नौकरीपेशा लोग SIP को अपनी पहली निवेश पसंद बनाते हैं.
असल समस्या यह है कि कई लोग सालों तक एक ही रकम निवेश करते रहते हैं, जबकि उनकी आय समय के साथ बढ़ती जाती है और यहीं से Step-up SIP की एंट्री होती है. इसमें आप हर साल अपनी SIP की रकम को थोड़ा-थोड़ा बढ़ाते हैं, आमतौर पर 5% से 10% तक. यह बढ़ोतरी आपकी सैलरी ग्रोथ के साथ चलती है, इसलिए आपके मासिक बजट पर ज्यादा दबाव भी नहीं पड़ता. छोटी-सी यह आदत लंबे समय में बड़ा फर्क पैदा करती है.
ये भी पढ़ें: म्यूचुअल फंड से पैसे निकालने की सोच रहे हैं? समझ लें FIFO मेथड का गणित, टैक्स को लेकर दूर हो जाएगा कंफ्यूजन!
मान लीजिए कोई व्यक्ति 30 साल की उम्र में निवेश शुरू करता है. उसकी सैलरी 40 हजार रुपये महीना है और वह हर महीने 12 हजार रुपये SIP में लगाता है. अगर वह अगले 30 साल तक यही रकम निवेश करता रहे और औसतन 12% सालाना रिटर्न मिले, तो रिटायरमेंट तक उसका फंड करीब 3.7 करोड़ रुपये बन सकता है.
| SIP | Step-Up SIP |
| हर महीने एक फिक्स रकम निवेश की जाती है. | हर साल SIP की रकम धीरे-धीरे बढ़ाई जाती है. |
| सैलरी बढ़ने का फायदा निवेश में नहीं जुड़ता. | सैलरी ग्रोथ के साथ निवेश भी बढ़ता है. |
| लंबे समय में फंड बनता है, लेकिन सीमित. | लंबे समय में काफी बड़ा फंड बनता है. |
| महंगाई का असर पूरी तरह कवर नहीं हो पाता. | महंगाई को बेहतर तरीके से मात देता है. |
| निवेश आसान है, लेकिन ग्रोथ स्लो. | थोड़ा प्लानिंग चाहिए, लेकिन ग्रोथ तेज. |
| रिटायरमेंट फंड अक्सर कम पड़ सकता है. | रिटायरमेंट के लिए ज्यादा मजबूत फंड. |
| नए निवेशकों के लिए ठीक. | लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए बेस्ट. |
Zee Business Hindi Live TV यहां देखें
अब इसी उदाहरण को Step-up SIP के साथ देखें तो अगर वही निवेशक हर साल अपनी SIP रकम को सिर्फ 8% बढ़ाता है, तो शुरुआती रकम भले ही वही रहे, लेकिन 30 साल बाद उसका कुल फंड लगभग 7.5 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है. यानी सिर्फ हर साल Step-up SIP की स्ट्रैटजी अपनाने से रिटायरमेंट फंड लगभग दोगुना हो जाता है.
अक्सर लोग बड़ी रकम देखकर खुश हो जाते हैं, लेकिन यह भूल जाते हैं कि 30 साल बाद पैसों की कीमत आज जैसी नहीं रहेगी. मेडिकल खर्च, रोजमर्रा की जरूरतें और लाइफस्टाइल खर्च महंगाई के साथ काफी बढ़ जाते हैं. Step-up SIP इस समस्या का समाधान करता है क्योंकि इसमें निवेश आपकी इनकम और महंगाई दोनों के साथ बढ़ता है.
Step-up SIP खास तौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जिनकी सैलरी हर साल बढ़ती है. यह रणनीति युवा प्रोफेशनल्स, रिटायरमेंट की तैयारी करने वालों और बच्चों की पढ़ाई या बड़े भविष्य के लक्ष्यों के लिए निवेश करने वालों के लिए बेहद उपयोगी है.
अगर आप सिर्फ SIP शुरू करके निश्चिंत हो गए हैं, तो दोबारा सोचने की जरूरत है. सही रकम से शुरुआत करना, हर साल निवेश बढ़ाना और लंबे समय तक अनुशासन बनाए रखना ही बड़ा फंड बनाने की चाबी है, इक्विटी म्यूचुअल फंड लंबे समय में महंगाई से बेहतर रिटर्न देने की क्षमता रखते हैं, और Step-up SIP इस क्षमता का पूरा फायदा दिलाता है.
नहीं, Step-up SIP उन लोगों के लिए है जिनकी आय समय के साथ बढ़ती है, चाहे बढ़ोतरी छोटी ही क्यों न हो.
आमतौर पर 5% से 10% के बीच सालाना बढ़ोतरी सुरक्षित और व्यावहारिक मानी जाती है.
नहीं, रिस्क म्यूचुअल फंड स्कीम पर निर्भर करता है, SIP बढ़ाने से रिस्क नहीं बढ़ता.
कोई नुकसान नहीं होता, आप उसी रकम से निवेश जारी रख सकते हैं और अगले साल फिर Step-up कर सकते हैं.
हां, क्योंकि निवेश आपकी आय और खर्चों की बढ़ती जरूरतों के साथ बढ़ता है.