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आप जानते हैं कि सिर्फ ₹1000 की मासिक SIP आपको ₹100 करोड़ का मालिक बना सकती है? (प्रतीकात्मक फोटो/AI-ChatGpt)
आज के दौर में हर कोई अमीर बनना चाहता है, लेकिन अधिकतर लोगों को लगता है कि इसके लिए लाखों रुपये का निवेश जरूरी है. ज़ी बिज़नेस के खास पॉडकास्ट शो ‘Bucks Talk’ में फाइनेंस एक्सपर्ट दीपक वाधवा ने इस धारणा को पूरी तरह से तोड़ दिया है. उन्होंने एक ऐसा रोडमैप शेयर किया है जिससे महज ₹1000 की छोटी सी SIP (Systematic Investment Plan) भी आपको ₹100 करोड़ का मालिक बना सकती है.
जी हां Bucks Talk में फाइनेंस कंटेंट क्रिएटर दीपक वाधवा ने एक खास तरह का उदाहरण देते हुए बताया कि अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक अनुशासन के साथ निवेश करता रहे, तो छोटी रकम भी बड़े फंड में बदल सकती है. उनके मुताबिक, ₹1000 की मासिक SIP भी लंबे समय में करोड़ों रुपये का कॉर्पस बनाने की क्षमता रखती है.
पॉडकास्ट में दीपक वाधवा ने कहा कि अगर कोई निवेशक ऐसे म्यूचुअल फंड चुनता है, जिनका लंबी अवधि का ट्रैक रिकॉर्ड मजबूत रहा हो और फ्यूचर में भी औसतन करीब 15% सालाना रिटर्न मिलता रह सकता है, तो लंबे समय तक लगातार निवेश करने पर बड़ी संपत्ति बनाई जा सकती है.
उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि ₹1000 की SIP और 15% अनुमानित CAGR के आधार पर लगभग 67 सालोंं में ₹100 करोड़ का कॉर्पस तैयार हो सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि निवेशक स्वयं SIP कैलकुलेटर के जरिए इस गणित को समझ सकते हैं.
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दीपक वाधवा के अनुसार, ₹100 करोड़ का लक्ष्य हासिल करना असंभव नहीं है, बस इसके लिए सही समय और निरंतरता की जरूरत है.असल में उन्होंने इसका गणित समझाते हुए बताया-
मासिक निवेश (SIP): ₹1000
अनुमानित रिटर्न (CAGR): 15% (सालाना)
समय सीमा: 67 साल
तो समझ लें कि दीपक कहते हैं कि अगर किसी म्यूचुअल फंड ने पिछले 10 सालों में 25% से 30% का रिटर्न दिया है, तो खराब से खराब स्थिति में भी आने वाले 20-50 सालों में 15% का औसत रिटर्न मानकर चला जा सकता है.तो साफ है कि अगर आप ₹1000 की एसआईपी 15% सालाना रिटर्न के साथ 67 सालों तक जारी रखते हैं, तो यह राशि ₹100 करोड़ बन जाती है.
असल में निवेश की सबसे बड़ी ताकत कंपाउंडिंग और समय है. उनका कहना है कि चाहे किसी व्यक्ति की इनकम कम हो या ज्यादा, रेगुलर इन्वेस्टमेंट की आदत लंबे समय में बड़ा अंतर पैदा कर सकती है. अगर किसी के पास ₹1000 की जगह ₹5000 या ₹10,000 मासिक निवेश करने की क्षमता है, तो वह उसी अनुपात में अपने संभावित कॉर्पस को बढ़ा सकता है. हालांकि इसके लिए निवेश को कई दशकों तक जारी रखना जरूरी है.
| खास बातें | विवरण (Details) |
| हर महीने का निवेश | ₹1,000 (SIP के जरिए) |
| अनुमानित रिटर्न | 15% (सालाना CAGR) |
| निवेश की अवधि | 67 साल (लंबे समय का धैर्य) |
| कुल टारगेट फंड | ₹100 करोड़ |
| एक्सपर्ट की पसंद | मिड-कैप फंड (बेहतर ग्रोथ के लिए) |
| सबसे बड़ी ताकत | कंपाउंडिंग और निवेश में निरंतरता |
म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पहले यह समझना जरूरी है कि Large Cap, Mid Cap और Small Cap Funds आखिर होते क्या हैं. दरअसल, म्यूचुअल फंड कंपनियां (AMC - Asset Management Companies) निवेशकों का पैसा अलग-अलग तरह की कंपनियों में लगाती हैं. इन्हीं कंपनियों के आकार और मार्केट वैल्यू (Market Capitalisation) के आधार पर फंड्स को तीन कैटेगरी में बांटा जाता है-Large Cap, Mid Cap और Small Cap.
Small Cap Fund:
स्मॉल कैप फंड एक ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम है, जो मुख्य रूप से स्मॉल कैप शेयरों में निवेश करती है. इस फंड की कुल संपत्तियों (Assets) का कम से कम 65% हिस्सा स्मॉल कैप कंपनियों के इक्विटी और इक्विटी से जुड़े इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश किया जाता है.
Large Cap Fund:
लार्ज कैप फंड एक ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम है, जो मुख्य रूप से लार्ज कैप शेयरों में निवेश करती है. इस फंड की कुल संपत्तियों का कम से कम 80% हिस्सा लार्ज कैप कंपनियों के इक्विटी और इक्विटी से जुड़े इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश किया जाता है.
Large & Mid Cap Fund:
लार्ज एंड मिड कैप फंड एक ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम है, जो लार्ज कैप और मिड कैप दोनों तरह के शेयरों में निवेश करती है. इस फंड की कुल संपत्तियों का कम से कम 35% हिस्सा लार्ज कैप कंपनियों के इक्विटी और इक्विटी से जुड़े इंस्ट्रूमेंट्स में तथा कम से कम 35% हिस्सा मिड कैप कंपनियों के इक्विटी और इक्विटी से जुड़े इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश किया जाता है.
Mid Cap Fund:
मिड कैप फंड एक ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम है, जो मुख्य रूप से मिड कैप शेयरों में निवेश करती है. इस फंड की कुल संपत्तियों का कम से कम 65% हिस्सा मिड कैप कंपनियों के इक्विटी और इक्विटी से जुड़े इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश किया जाता है.

पॉडकास्ट में उन्होंने कहा कि जिन लोगों के बच्चे छोटे हैं, हाल ही में शादी हुई है या जो अगली पीढ़ी के लिए संपत्ति बनाना चाहते हैं, वे लंबे समय के नजरिए से SIP शुरू करने पर विचार कर सकते हैं. असल में उनका मानना है कि छोटी रकम से नियमित निवेश की आदत भविष्य में जनरेशनल वेल्थ बनाने में मदद कर सकती है.
माता-पिता के लिए सलाह: जो लोग माता-पिता बन चुके हैं, वे अपने बच्चों के नाम पर यह निवेश शुरू कर सकते हैं। जब तक वे वर्किंग हैं, वे किश्त दें और बाद में बच्चों में इसकी आदत डालें
महंगाई और वैल्यू: दीपक का मानना है कि ₹100 करोड़ एक ऐसी राशि है जिसकी वैल्यू आज भी बहुत ज्यादा है और 50 साल बाद भी यह एक बड़ी रकम ही रहेगी.असल में यह भविष्य की पीढ़ी के लिए एक बड़ी संपत्ति.
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आपको बता दें कि दीपक वाधवा के अनुसार, ₹100 करोड़ का रोडमैप बनाने के लिए आपको किसी लॉटरी या सट्टे की जरूरत नहीं है.असल में ₹1000 की छोटी सी शुरुआत, 15% का अनुशासित रिटर्न और लंबी अवधि का धैर्य आपको अमीर बना सकता है. जैसा कि दीपक वाधवा ने कहा, म्यूचुअल फंड में समय देना ही सबसे बड़ी कुंजी है.
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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 क्या ₹100 करोड़ का लक्ष्य जल्दी पूरा हो सकता है?
अगर आप हर साल निवेश की राशि थोड़ी-थोड़ी बढ़ाते रहें (Step-up SIP), तो यह लक्ष्य काफी पहले हासिल हो सकता है.
Q2 67 साल बाद ₹100 करोड़ की वैल्यू क्या होगी?
महंगाई के बावजूद यह एक बहुत बड़ी रकम होगी, जो आपकी अगली पीढ़ी को अमीर बनाने और वित्तीय सुरक्षा देने के लिए पर्याप्त है.
Q3 क्या म्यूचुअल फंड में पैसा डूबने का डर है?
बाजार में उतार-चढ़ाव रहता है, लेकिन SEBI के कड़े नियमों के कारण कोई कंपनी आपका पैसा लेकर भाग नहीं सकती,लंबे समय में जोखिम कम हो जाता है
Q4 मिड-कैप फंड ही क्यों चुनें?
क्योंकि मिड-कैप कंपनियों में लार्ज-कैप से ज्यादा ग्रोथ की संभावना होती है और ये स्मॉल-कैप के मुकाबले ज्यादा स्थिर होती हैं