Semiconductor Mutual Funds: सेमीकंडक्टर किंग बनेगा भारत! ये हैं वो 3 म्यूचुअल फंड्स जो सेमीकंडक्टर कंपनियों में करते हैं निवेश

भारत की सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में 2nm चिप टेक्नोलॉजी से नई संभावनाएं खुल रही हैं. Motilal Oswal, Canara Robeco और HSBC इंफ्रास्ट्रक्चर फंड्स में सेमीकंडक्टर स्टॉक्स में अच्छा अलोकेशन है. म्यूचुअल फंड्स के जरिए निवेशक इस सेक्टर में हिस्सा लेकर लंबी अवधि में उच्च रिटर्न हासिल कर सकते हैं.
Semiconductor Mutual Funds: सेमीकंडक्टर किंग बनेगा भारत! ये हैं वो 3 म्यूचुअल फंड्स जो सेमीकंडक्टर कंपनियों में करते हैं निवेश

Semiconductor Mutual Funds: भारत की सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री अब सिर्फ डिवाइस असेंबली तक सीमित नहीं रही, बल्कि डिज़ाइन और चिप निर्माण में भी तेजी से आगे बढ़ रही है. सरकार के मुताबिक, आने वाले समय में 2nm चिप उत्पादन भारत की टेक्नोलॉजिकल सेल्फ-रिलायंस के लिए बहुत बड़ा कदम है.

यह कदम देश को सिर्फ चिप उपयोगकर्ता नहीं, बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन में भी एक्टिव खिलाड़ी बना देगा. चलिए, अब उन म्यूचुअल फंड्स के बारे में जानते हैं, जो मुख्य रूप से सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में निवेश करते हैं.

₹76,000 करोड़ का बजट

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इस हफ्ते केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बेंगलुरु में ARM का नया सेमीकंडक्टर डिज़ाइन ऑफिस शुरू किया. यह ऑफिस अगली पीढ़ी की 2 नैनोमीटर चिप टेक्नोलॉजी पर काम करेगा. सरकार के मुताबिक, इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत अब तक 10 प्रोजेक्ट्स मंजूर किए जा चुके हैं, जिनमें 6 राज्यों में कुल ₹1.6 लाख करोड़ का निवेश शामिल है. मिशन के लिए कुल बजट ₹76,000 करोड़ रखा गया है ताकि इंडस्ट्री का इकोसिस्टम मजबूत किया जा सके.

ग्लोबल सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री

ग्लोबल सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री 2030 तक $1 ट्रिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है, जबकि भारत का घरेलू मार्केट $100-110 बिलियन तक बढ़ सकता है. डीएलआई (Design Linked Incentive) स्कीम के तहत स्टार्टअप्स चिप डिज़ाइन को बढ़ावा दे रहे हैं. अब तक कम से कम 23 चिप डिज़ाइन प्रोजेक्ट्स मंजूर किए गए हैं और 72 कंपनियां एडवांस्ड डिज़ाइन टूल्स इस्तेमाल कर रही हैं.

म्यूचुअल फंड्स के जरिए निवेश का मौका

हालांकि सीधे सेमीकंडक्टर कंपनियों में निवेश सीमित है, लेकिन म्यूचुअल फंड्स निवेशकों को इस सेक्टर का हिस्सा बनने का आसान रास्ता देते हैं. आइए जानते हैं टॉप 3 म्यूचुअल फंड्स, जो सेमीकंडक्टर स्टॉक्स में अच्छे अलोकेशन के साथ पांच साल से लगातार शानदार रिटर्न दे रहे हैं.

Motilal Oswal Flexi Cap Fund

यह एक डाइवर्सिफाइड फंड है, जो मार्केट कैप और सेक्टर्स के बीच डायनामिक अलोकेशन करता है. इसे अप्रैल 2014 में लॉन्च किया गया था और अगस्त 2025 तक इसका AUM ₹136.8 अरब तक पहुंच चुका है. यह फंड QGLP (Quality, Growth, Longevity, Price) फिलॉसफी के आधार पर स्टॉक्स का चयन करता है. इसके पोर्टफोलियो में Largecap 44.3%, Midcap 49.8% और Smallcap 1.4% शामिल हैं. पिछले पांच सालों में इस फंड ने 29% से अधिक का CAGR रिटर्न दिया है.

सेमीकंडक्टर सेक्टर में इसका अलोकेशन 17.52% है, जिसमें मुख्य स्टॉक्स Dixon Technologies (9.76%), CG Power & Industrial Solutions (6.34%) और Kaynes Technology (1.42%) हैं. सेक्टर वितरण में टेक्नोलॉजी 20.89%, रिटेल 17.71% और कैपिटल गुड्स 12.51% है. यह फंड गुणवत्ता और ग्रोथ स्टॉक्स पर फोकस करता है और फ्लेक्सी कैप स्ट्रक्चर की वजह से हाई-ग्रॉथ सेक्टर्स में अवसरों का फायदा उठाता है.

Canara Robeco Infrastructure Fund

यह एक थीमैटिक फंड है, जो भारत की इन्फ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ पर फोकस करता है. इसे सितंबर 2005 में लॉन्च किया गया था और अगस्त 2025 तक इसका AUM ₹8.89 अरब तक पहुँच चुका है. इसका पोर्टफोलियो Largecap 54.3%, Midcap 30.1% और Smallcap 11.34% में विभाजित है. पिछले पांच सालों में इस फंड ने 31.9% का CAGR रिटर्न दिया है.

सेमीकंडक्टर सेक्टर में इसका अलोकेशन 12.3% है, जिसमें मुख्य स्टॉक्स Bharat Electronics (3.61%), Dixon Technologies (3.56%), CG Power & Industrial Solutions (2.99%) और Kaynes Technology (2.14%) शामिल हैं. सेक्टर एक्सपोज़र के मामले में यह फंड कैपिटल गुड्स 24.23%, पावर 11.4% और इन्फ्रास्ट्रक्चर 9.14% में निवेश करता है. यह फंड सेक्टर पोजिशनिंग में एग्रीसिव है, लेकिन स्टॉक चयन में संतुलन बनाए रखता है.

HSBC Infrastructure Fund

यह भारत के कैपिटल एक्सपेंडिचर और अर्बन डेवलपमेंट पर ध्यान देने वाला एक और प्रमुख फंड है. इसे जनवरी 2008 में लॉन्च किया गया और अगस्त 2025 तक इसका AUM ₹227.8 करोड़ तक पहुँच गया. इसका पोर्टफोलियो Largecap 55.34%, Midcap 11.71% और Smallcap 30.71% में विभाजित है. पिछले पांच साल का CAGR 29.3% है, जबकि 10 साल का CAGR 17.1% है.

सेमीकंडक्टर सेक्टर में इसका अलोकेशन 10.6% है और मुख्य स्टॉक्स Bharat Electronics (7.97%) और Dixon Technologies (2.62%) हैं. सेक्टर एक्सपोज़र में कैपिटल गुड्स 32.07%, इन्फ्रास्ट्रक्चर 12.9% और पावर 8.94% शामिल हैं. यह फंड न केवल मुख्य इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में निवेश करता है, बल्कि उन उद्योगों में भी निवेश करता है, जो लंबी अवधि में ग्रोथ के अवसर पैदा कर सकते हैं.

खबर से जुड़े FAQs

Q1. भारत में 2nm चिप का महत्व क्या है?

यह अगली पीढ़ी की चिप है, जो एआई, मोबाइल और हाई-पर्फॉर्मेंस डिवाइसेस के लिए जरूरी है.

Q2. म्यूचुअल फंड्स में सेमीकंडक्टर स्टॉक्स कैसे शामिल हैं?

Mutual funds अपने पोर्टफोलियो में टेक्नोलॉजी और कैपिटल गुड्स सेक्टर के स्टॉक्स में निवेश करते हैं.

Q3. Motilal Oswal Flexi Cap Fund का 5 साल का CAGR क्या है?

करीब 29%+ का लगातार रिटर्न दिया है.

Q4. कौन-से म्यूचुअल फंड्स सेमीकंडक्टर में निवेश का अच्छा विकल्प हैं?

Motilal Oswal Flexi Cap, Canara Robeco Infrastructure Fund, HSBC Infrastructure Fund.

Q5. इन फंड्स में कितना हिस्सा सेमीकंडक्टर में है?

लगभग 10-17% तक, जिसमें Dixon Technologies, Bharat Electronics और Kaynes Technology प्रमुख हैं.

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